Shri Radha-KrishnaBraj Ras

श्री सतगुरु शरण में सभी फल मिलेंगे (इन्द्रेश उपाध्याय) गुरु महिमा भजन लिरिक्स

Shri Satguru Sharan Mein Sabhi Phal Milenge Lyrics (Indresh Upadhyay) Lyrics

Location: श्री धाम वृंदावन (Shri Dham Vrindavan)

तर्ज (Tune): जो प्रेम गली में आये नहीं

HINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARI

श्री सतगुरु शरण में सभी फल मिलेंगे (इन्द्रेश उपाध्याय) गुरु महिमा भजन लिरिक्स

SHRI SATGURU SHARAN MEIN SABHI PHAL MILENGE LYRICS INDRESH UPADHYAY

॥ मुखड़ा ॥ श्री सतगुरु शरण में सभी फल मिलेंगे, गुरु मिल गए तो जुगल भी मिलेंगे॥ सतगुरु शरण में सभी फल मिलेंगे, गुरु मिल गए तो जुगल भी मिलेंगे॥ ॥ अंतरा 1 ॥ सभी मुश्किलें अब तो आसान होंगी, हमारी समस्याओं के हल भी मिलेंगे। गुरु मिल गए तो जुगल भी मिलेंगे॥ ॥ अंतरा 2 ॥ मनोरथ सफल होंगे, घबरा ना ऐ दिल, ना प्रीतम मिले आज तो कल ही मिलेंगे। गुरु मिल गए तो जुगल भी मिलेंगे॥ ॥ अंतरा 3 ॥ हरि नाम में मग्न होकर तो देखो, प्रिया पिय के पद कमल भी मिलेंगे। सतगुरु शरण में सभी फल मिलेंगे, गुरु मिल गए तो जुगल भी मिलेंगे॥ ॥ अंतरा 4 ॥ सरस चरण पंकज, भ्रमर तू जुगल है, महल मौज के अब सहल ही मिलेंगे। गुरु मिल गए तो जुगल भी मिलेंगे॥

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॥ मुखड़ा ॥ श्री सतगुरु शरण में सभी फल मिलेंगे, गुरु मिल गए तो जुगल भी मिलेंगे॥ सतगुरु शरण में सभी फल मिलेंगे, गुरु मिल गए तो जुगल भी मिलेंगे॥

॥ अंतरा 1 ॥ सभी मुश्किलें अब तो आसान होंगी, हमारी समस्याओं के हल भी मिलेंगे। गुरु मिल गए तो जुगल भी मिलेंगे॥

॥ अंतरा 2 ॥ मनोरथ सफल होंगे, घबरा ना ऐ दिल, ना प्रीतम मिले आज तो कल ही मिलेंगे। गुरु मिल गए तो जुगल भी मिलेंगे॥

॥ अंतरा 3 ॥ हरि नाम में मग्न होकर तो देखो, प्रिया पिय के पद कमल भी मिलेंगे। सतगुरु शरण में सभी फल मिलेंगे, गुरु मिल गए तो जुगल भी मिलेंगे॥

॥ अंतरा 4 ॥ सरस चरण पंकज, भ्रमर तू जुगल है, महल मौज के अब सहल ही मिलेंगे। गुरु मिल गए तो जुगल भी मिलेंगे॥

श्री सतगुरु शरण में सभी फल मिलेंगे (इन्द्रेश उपाध्याय) गुरु महिमा भजन लिरिक्स Video

अर्थ (Bhavarth)

परम श्रद्धेय युवा संत एवं कथावाचक श्री इन्द्रेश उपाध्याय (Indresh Upadhyay) जी की भावपूर्ण आवाज़ में गाया गया यह भजन "श्री सतगुरु शरण में सभी फल मिलेंगे" गुरु की महिमा (Guru Mahima) का एक अत्यंत ही दिव्य और गहरा गीत है। यह भजन हमें सिखाता है कि बिना सच्चे गुरु की कृपा के भगवान (राधा-कृष्ण की जुगल जोड़ी) को प्राप्त करना असंभव है। यह भजन सनातन धर्म के उस सबसे बड़े सत्य को उजागर करता है कि ईश्वर तक पहुँचने का एकमात्र मार्ग 'सच्चे गुरु' की शरण है। इसके विस्तृत भावार्थ को हम तीन मुख्य चरणों में समझ सकते हैं: 1. गुरु कृपा से 'जुगल' (राधा-कृष्ण) की प्राप्ति: भजन की शुरुआत में ही यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जो व्यक्ति सच्चे सतगुरु की शरण में चला जाता है, उसे जीवन के सभी फल (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) स्वतः ही प्राप्त हो जाते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि यदि जीवन में एक बार सच्चा गुरु मिल जाए, तो भगवान श्री राधा-कृष्ण की 'जुगल' (युगल / जोड़े) सरकार के दर्शन भी अवश्य हो जाते हैं, क्योंकि गुरु ही भगवान से मिलाते हैं। 2. समस्याओं का अंत और धैर्य (Patience & Faith): गुरु के आश्रय में आने के बाद भक्त का जीवन पूरी तरह बदल जाता है। उसकी सारी सांसारिक और आध्यात्मिक मुश्किलें आसान हो जाती हैं और हर समस्या का समाधान (हल) मिल जाता है। भक्त अपने ही मन (दिल) को समझाता है कि हे मन, तू घबरा मत! गुरु की कृपा से तेरे सारे मनोरथ (इच्छाएं) सफल होंगे। अगर आज भगवान (प्रीतम) के दर्शन नहीं हुए, तो धैर्य रख, कल अवश्य दर्शन होंगे। 3. हरि नाम की शक्ति और परम आनंद: अंतिम भाग में भक्त को 'हरि नाम' (भगवान के नाम जप) में पूरी तरह मग्न (लीन) होने का उपदेश दिया गया है। जो व्यक्ति नाम जप में डूब जाता है, उसे 'प्रिया-पिय' (राधा और कृष्ण) के चरण कमलों की प्राप्ति निश्चित रूप से होती है। भक्त का मन एक भौंरे (भ्रमर) के समान है, जिसे अब भगवान के रसपूर्ण चरण रूपी कमलों (चरण पंकज) का आनंद बहुत ही सहजता (सहल) से मिल जाएगा।

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Frequently Asked Questions

Q1: 'श्री सतगुरु शरण में सभी फल मिलेंगे' भजन के गायक कौन हैं?

यह अत्यंत भावपूर्ण और शांतिदायक 'गुरु महिमा' भजन परम श्रद्धेय युवा संत एवं कथावाचक श्री इन्द्रेश उपाध्याय (Indresh Upadhyay) जी द्वारा गाया गया है।

Q2: भजन में 'जुगल' (Jugal) शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है?

A2: ब्रज भाषा और भक्ति साहित्य में 'जुगल' या 'युगल' शब्द का अर्थ 'जोड़ा' (Couple) होता है। यहाँ 'जुगल' शब्द साक्षात श्री राधा रानी और भगवान श्री कृष्ण के युगल स्वरूप के लिए प्रयोग किया गया है।

Q3: इस भजन का मुख्य आध्यात्मिक संदेश क्या है?

A3: इस भजन का मुख्य संदेश यह है कि बिना गुरु के ईश्वर की प्राप्ति असंभव है। जो व्यक्ति सच्चे गुरु की शरण में चला जाता है और हरि नाम में मग्न हो जाता है, उसकी सभी परेशानियाँ दूर हो जाती हैं और उसे भगवान के दर्शन अवश्य होते हैं।

Categories: Braj Ras

Deity: Shri Radha-Krishna

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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