Press ESC to close

Shri Radha-KrishnaPhalgun BhajanKrishna BhajanHoli RasiyaBraj Ras

होली के रसिया (गिरधर लाल / होरी खेले तो / नारि बनाओ) लिरिक्स - इन्द्रेश उपाध्याय

Holi Ke Rasiya Lyrics - Pujya Shri Indresh Upadhyay Ji Lyrics

Location: श्री धाम वृंदावन (Shri Dham Vrindavan)

तर्ज (Tune): पारंपरिक ब्रज फाग रसिया (Traditional Braj Phag Rasiya Medley)

HINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARI

होली के रसिया (गिरधर लाल / होरी खेले तो / नारि बनाओ) लिरिक्स - इन्द्रेश उपाध्याय

HOLI KE RASIYA LYRICS PUJYA SHRI INDRESH UPADHYAY JI

गिरधर लाल बनो है रसिया आयो, होरी को दिन आज, होरी को दिन आज, आयो होरी को दिन आज। मैया यशोदा बांधे फेंटा लाल के श्री मुख ऊपर, नैनन में कजरा सोहे विशाल, चन्दन की पत्तावली सुहाल, फेंट में बांधे लाल गुलाल, ब्रजवासी सब या छवि ऊपर, बार बार बलि जाय, हाँ... ब्रजवासी सब या छवि ऊपर, बार बार बलि जाय, गिरधर लाल बनो है रसिया आयो, होरी को दिन आज, आयो होरी को दिन आज। नंद गाम ते लाला पहुंचे जब बरसाना गाम, कि हल्ला करन लगे सब ग्वाल, कि लाला आयो तुम्हारे द्वार, होली में होएगी दो दो चार, लट्ठ हाथ ले, घूंघट मुख दे निकसी सब ब्रज नारि, गिरधर लाल बनो है रसिया आयो, होरी को दिन आज, हाँ होरी होरी होरी, हूँ होरी होरी होरी हाँ होरी होरी होरी, हूँ होरी होरी होरी होरी खेले तो, होरी खेले तो आ जइयो बरसाने रसिया, हाँ होरी होरी होरी, हूँ होरी होरी होरी | रंग भी लइयो, गुलाल भी लइयो, गोपी भी लइयो संग, ग्वाल भी लइयो | मन मिले तो आ जइयो बरसाने रसिया | होरी खेले तो आ जइयो बरसाने रसिया | भांग भी लइयो बादाम भी लइयो, कारी मिर्च सौ ग्राम ले अइयो, भंग छाने तो आ जइयो बरसाने रसिया | भर भर के पिचकारी मारूं, पागल हूँ, पागल कर डारूं, झटका झेले तो आ जइयो बरसाने रसिया | रसिया को नारि बनाओ री, रसिया को | हाँ रे रसिया को, हम्बे रसिया को, रसिया को नारि बनाओ री, रसिया को | बिंदी भाल नयन में कजरा, हाँ वारे रसिया, हो वारे रसिया, हाँ प्यारे रसिया, हो प्यार रसिया, बिंदी भाल नयन में कजरा, याहे नथ बेसर पहनाओ री, रसिया को | रसिया को नारि बनाओ री, रसिया को | कटी लहंगा गल माल कंचुकी, हाँ वारे रसिया, हो वारे रसिया, हाँ प्यारे रसिया, हो प्यार रसिया, कटी लहंगा गल माल कंचुकी, याहे चुनर शीश चढाओ री याके, चुनर शीश उढाओ री, रसिया को | रसिया को नारि बनाओ री, रसिया को |

Downloaded from

HINDI BHAJAN
गिरधर लाल बनो है रसिया आयो,
होरी को दिन आज,
होरी को दिन आज, आयो होरी को दिन आज।

मैया यशोदा बांधे फेंटा लाल के श्री मुख ऊपर,
नैनन में कजरा सोहे विशाल,
चन्दन की पत्तावली सुहाल,
फेंट में बांधे लाल गुलाल,
ब्रजवासी सब या छवि ऊपर, बार बार बलि जाय,
हाँ... ब्रजवासी सब या छवि ऊपर, बार बार बलि जाय,
गिरधर लाल बनो है रसिया आयो,
होरी को दिन आज, आयो होरी को दिन आज।

नंद गाम ते लाला पहुंचे जब बरसाना गाम,
कि हल्ला करन लगे सब ग्वाल,
कि लाला आयो तुम्हारे द्वार,
होली में होएगी दो दो चार,
लट्ठ हाथ ले, घूंघट मुख दे निकसी सब ब्रज नारि,
गिरधर लाल बनो है रसिया आयो,
होरी को दिन आज,

हाँ होरी होरी होरी, हूँ होरी होरी होरी
हाँ होरी होरी होरी, हूँ होरी होरी होरी

होरी खेले तो,
होरी खेले तो आ जइयो बरसाने रसिया,
हाँ होरी होरी होरी, हूँ होरी होरी होरी |

रंग भी लइयो, गुलाल भी लइयो,
गोपी भी लइयो संग, ग्वाल भी लइयो |
मन मिले तो आ जइयो बरसाने रसिया |
होरी खेले तो आ जइयो बरसाने रसिया |

भांग भी लइयो बादाम भी लइयो,
कारी मिर्च सौ ग्राम ले अइयो,
भंग छाने तो आ जइयो बरसाने रसिया |

भर भर के पिचकारी मारूं,
पागल हूँ, पागल कर डारूं,
झटका झेले तो आ जइयो बरसाने रसिया |

रसिया को नारि बनाओ री, रसिया को |
हाँ रे रसिया को, हम्बे रसिया को,
रसिया को नारि बनाओ री, रसिया को |

बिंदी भाल नयन में कजरा,
हाँ वारे रसिया, हो वारे रसिया,
हाँ प्यारे रसिया, हो प्यार रसिया,
बिंदी भाल नयन में कजरा,
याहे नथ बेसर पहनाओ री, रसिया को |
रसिया को नारि बनाओ री, रसिया को |

कटी लहंगा गल माल कंचुकी,
हाँ वारे रसिया, हो वारे रसिया,
हाँ प्यारे रसिया, हो प्यार रसिया,
कटी लहंगा गल माल कंचुकी,
याहे चुनर शीश चढाओ री याके,
चुनर शीश उढाओ री, रसिया को |
रसिया को नारि बनाओ री, रसिया को |
होली के रसिया (गिरधर लाल / होरी खेले तो / नारि बनाओ) लिरिक्स - इन्द्रेश उपाध्याय Video

अर्थ (Bhavarth)

पूज्य श्री इन्द्रेश उपाध्याय जी द्वारा गाया गया यह भजन ब्रज की विश्व-प्रसिद्ध लठमार होली का एक अद्भुत सजीव चित्रण है। यह तीन प्रमुख लोकगीतों का एक आनंदमयी 'मिश्रण' (Medley) है। पहला भाग: यशोदा मैया ने अपने लाल कन्हैया को बहुत सजा-धजा कर, फेंटा बांधकर, आँखों में काजल और चंदन लगाकर बरसाने होली खेलने भेजा है। दूसरा भाग: इसमें बरसाने की गोपियाँ कन्हैया को खुली चुनौती (Challenge) देती हैं कि "यदि होली खेलनी है तो बरसाने आ जाना और साथ में रंग, गुलाल के अलावा भांग, बादाम और काली मिर्च भी ले आना।" तीसरा भाग: यह सबसे मनोरंजक प्रसंग है (सखी भेष लीला), जहाँ होली खेलते हुए गोपियाँ कन्हैया को पकड़ लेती हैं और हँसी-ठिठोली करते हुए उन्हें 'नारि' (स्त्री) बना देती हैं। वे श्री कृष्ण को लहंगा पहनाकर, माथे पर बिंदी, आँखों में काजल, नाक में नथनी और सिर पर चुनरी ओढ़ाकर उनका खूब श्रृंगार करती हैं।

FAQs

Q1: 'होली के रसिया' (2026) भजन के गायक कौन हैं?

A1: फाल्गुन की मस्ती और लठमार होली से सजे इस लेटेस्ट ब्रज रसिया को प्रसिद्ध कथावाचक और भजन गायक पूज्य श्री इन्द्रेश उपाध्याय जी ने स्वरबद्ध किया है।

Q2: 'होरी खेले तो आ जइयो बरसाने' रसिया में गोपियों ने कन्हैया से क्या-क्या लाने को कहा है?

A2: बरसाने की गोपियाँ प्रेम भरी चुनौती देते हुए कन्हैया से कहती हैं कि अगर होली खेलनी है तो अपने साथ रंग, गुलाल, और सारे ग्वालों को लेकर आना। साथ ही होली की मस्ती के लिए भांग, बादाम और 100 ग्राम काली मिर्च भी लेकर आना।

Q3: 'रसिया को नारि बनाओ री' प्रसंग का क्या अर्थ है?

A3: ब्रज की होली में यह एक बहुत ही प्यारी और नटखट परंपरा है। जब श्री कृष्ण अपने सखाओं के साथ बरसाने होली खेलने जाते हैं, तो राधा रानी और गोपियाँ कन्हैया को पकड़कर मज़ाक में उन्हें लहंगा, चुनरी, नथ और बिंदी पहनाकर एक स्त्री (सखी/नारि) के रूप में सजा देती हैं।

Categories: Phalgun Bhajan, Krishna Bhajan, Holi Rasiya, Braj Ras

Deity: Shri Radha-Krishna

Community Comments (0)

Be the first to share your devotion here.