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Shri Radha-KrishnaHoli RasiyaPhalgun Bhajan

रंग डालो ना (डारो ना) बीच बाज़ार

Rang Daalo Na Beech Bazaar Lyrics (Rang Daaro Na) Lyrics

Location: श्री धाम वृन्दावन

तर्ज (Tune): पारंपरिक होली रसिया (Traditional Holi Rasiya)

HINDI BHAJAN
रंग डालो ना (डारो ना) बीच बाज़ार, श्याम मैं तो मर जाऊँगी।
हाय पकडो ना बईया हमार, कैसे मैं बच पाऊँगी॥
रंग डालो ना......

आज ही पहनी मैंने नई चुनरियाँ,
वा पे लग रहे गोटा किनरियाँ।
आई करके मैं सोलह शृंगार,
कैसे मैं बच पाऊँगी, रंग डालो ना.......

मुख पे मेरे गुलाल मलो ना,
बेदरदी मेरे संग चलो ना।
हाय खोलो ना घुँघटा हमार,
शरम से मैं मर जाऊँगी, रंग डालो ना........

देखो श्याम मेरा घुँघटा खोलो ना,
चुप ठारो तुम कछु बोलो ना।
मिले नैनों से नैनवा हमार,
जीते जी मैं मर जाऊँगी, रंग डालो ना .........

क़ल्ली (अकेली) रह गई गह्वर वन मैं,
सखी सहेली मेरी कोई ना संग मैं।
हाय तडपे है जियरा हमार,
कैसे मैं घर जाऊँगी, रंग डालो ना.......
रंग डालो ना (डारो ना) बीच बाज़ार Video

अर्थ (Bhavarth)

ब्रज की मनमोहक होली पर आधारित यह एक बेहद ही मीठा और नटखट रसिया है। इसमें एक गोपी (या स्वयं श्री राधा जी) कान्हा से मनुहार कर रही है कि "हे श्याम! बीच बाज़ार में मुझ पर रंग मत डालो (डारो), मैंने आज ही गोटा-किनारी वाली नई चुनरी पहनी है और सोलह शृंगार किए हैं।" घेवर वन (गहवर वन) में सखियों से बिछड़ कर वह अकेली रह गई है और कान्हा उसके साथ होली की ठिठोली कर रहे हैं। गोपी शर्माते हुए कहती है कि जब तुम्हारे नैनों से मेरे नैन मिलते हैं, तो मेरी जान ही निकल जाती है।

FAQs

Q1: 'रंग डालो ना बीच बाज़ार' भजन की सबसे प्रसिद्ध गायिका कौन हैं?

यह सुंदर होली रसिया 'पूनम दीदी' के नाम से मशहूर परम पूज्या साध्वी पूर्णिमा जी (Sadhvi Purnima Ji) द्वारा बहुत ही भावपूर्ण अंदाज़ में गाया गया है।

Q2: ब्रज भाषा में 'रंग डालो ना' को और क्या कहा जाता है?

ब्रज भाषा की मिठास में इसे "रंग डारो ना बीच बाज़ार" (Rang Daaro Na) कहा जाता है। ब्रजवासी अक्सर 'डालो' की जगह 'डारो' शब्द का प्रयोग अधिक प्रेम से करते हैं।

Q3: इस भजन में किस वन (जंगल) का ज़िक्र किया गया है?

इस भजन में बरसाना स्थित पवित्र 'गहवर वन' (Ghevar Van) का ज़िक्र है, जहाँ गोपी अपनी सखियों से बिछड़ कर अकेली रह जाती है और श्याम सुंदर उसे रंग लगाने आ जाते हैं।

Categories: Holi Rasiya, Phalgun Bhajan

Deity: Shri Radha-Krishna