कई जन्मों से बुला रहे हो, कोई तो नाता ज़रूर होगा (इन्द्रेश उपाध्याय) भजन लिरिक्स
Kai Janmo Se Bula Rahe Ho Lyrics (Indresh Upadhyay) Lyrics
कई जन्मों से बुला रहे हो, कोई तो नाता ज़रूर होगा। कई जन्मों से बुला रहे हो, कोई तो रिश्ता ज़रूर होगा॥
नज़रों से नज़रें मिला ना पायी, मेरी नज़र का कसूर होगा। नज़रों से नज़रें मिला रहे हो, मेरी नज़र का कसूर होगा॥ कई जन्मों से बुला रहे हो, कोई तो नाता ज़रूर होगा॥
॥ अंतरा 1 ॥ तुम ही तो मेरे माता पिता हो, तुम ही तो मेरे बंधु सखा हो। कितने रिश्ते तुम संग जोड़े, कोई तो नाता ज़रूर होगा॥ कई जन्मों से बुला रहे हो, कोई तो नाता ज़रूर होगा॥
॥ अंतरा 2 ॥ तुम ही तो मेरी आत्मा हो, तुम ही तो मेरे परमात्मा हो। मुझमें रहकर मुझसे ही पर्दा, पर्दा हटाना ज़रूर होगा॥ कई जन्मों से बुला रहे हो, कोई तो नाता ज़रूर होगा॥
॥ अंतरा 3 ॥ कभी बुलाते हो वृन्दावन में, कभी बुलाते हो निधिवन में। कभी बुलाते हो मधुवन में, अपने घर में रोज़ बुलाते, मेरे घर आना ज़रूर होगा॥ कई जन्मों से बुला रहे हो, कोई तो नाता ज़रूर होगा॥
॥ अंतरा 4 (राधा-कृष्ण भाव) ॥ राधा रानी को कन्हैया बड़े प्यारो, मनमोहन मुरली वारो। श्यामा प्यारी को कन्हैया बड़े प्यारो, मनमोहन मुरली वारो॥ कई जन्मों से बुला रहे हो, कोई तो नाता ज़रूर होगा॥

अर्थ (Bhavarth)
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Frequently Asked Questions
Q1: 'कई जन्मों से बुला रहे हो' भजन के मूल गायक कौन हैं?
यह अत्यंत भावपूर्ण और गहरा समर्पण भजन प्रसिद्ध युवा संत एवं कथावाचक श्री इन्द्रेश उपाध्याय (Indresh Upadhyay) जी द्वारा गाया गया है। इनकी कथाओं के दौरान गाए गए भजन बहुत लोकप्रिय हैं।
Q2: भजन में "मुझमें रहकर मुझसे ही पर्दा" पंक्ति का क्या आध्यात्मिक अर्थ है?
सनातन धर्म और वेदांत के अनुसार, ईश्वर (परमात्मा) मनुष्य के भीतर ही 'आत्मा' के रूप में निवास करते हैं। लेकिन मनुष्य के अहंकार, मोह-माया और अज्ञानता रूपी 'पर्दे' के कारण वह अपने ही भीतर बैठे ईश्वर को पहचान नहीं पाता। भक्त इसी पर्दे को हटाने की विनती कर रहा है।
Q3: "अपने घर में रोज़ बुलाते, मेरे घर आना ज़रूर होगा" का क्या भाव है?
यह भगवान के प्रति सखा-भाव (मित्रता) और प्रेम की ज़िद है। भक्त कहता है कि मैं तो आपके दर्शन के लिए रोज़ आपके धाम (वृंदावन/निधिवन) आता हूँ, लेकिन अब आपको भी मेरे घर (अर्थात मेरे हृदय में) हमेशा के लिए बसने आना ही होगा।
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Categories: Krishna Bhajan
Deity: Shri Radha-Krishna
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मोहित तरकरMohit Tarkar
संस्थापक एवं मुख्य संपादक • Founder & Chief Editor
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