रसिया ते कह रही गोरी है आज बरसाने में होरी है (होली रसिया) लिरिक्स - तेजवीर सिंह
Rasiya Te Keh Rahi Gori Hai Aaj Barsane Mein Hori Hai Lyrics Lyrics
तर्ज (Tune): अपने आप अटक गयी होगी (Apne aap atak gayi hogi - Traditional Folk Tune)
रसिया ते कह रही गोरी है, आज बरसाने में होरी है, लै चल ढोला हमें खिलावे, खेले वृषभानु किशोरी है। काम काज कूँ पीछे करियों, जाउंगी तिहारे संग में, राधा रंग होली खेलूंगी, रंग जाऊं वाई रंग में, ये ही विनती मेरी है, आज बरसाने में होरी है। लै चल ढोला हमें खिलावे, खेले वृषभानु किशोरी है। ब्रज में हमने जन्म लियो है, बड़े अच्छे भाग्य हमारे हैं, परिक्रमा दें गोवर्धन की, संकट कट जाएँ सारे हैं, माला हमने फेरी है, करे कबहू न देरी है। लै चल ढोला हमें खिलावे, खेले वृषभानु किशोरी है। जय जयकार मचावै वहां सब, ऊँची अटारी वारी की, रहे न कोई रोग या तन में, दवा मिले बीमारी की, खेलें वो संग में होरी है, मेरी बंधी प्रेम की डोरी है। लै चल ढोला हमें खिलावे, खेले वृषभानु किशोरी है। रसिया ते कह रही गोरी है, आज बरसाने में होरी है, लै चल ढोला हमें खिलावे, खेले वृषभानु किशोरी है।
अर्थ (Bhavarth)
FAQs
Q1: 'रसिया ते कह रही गोरी है' होली रसिया के गायक कौन हैं?
A1: ब्रज की ठेठ भाषा और मस्ती से भरे इस अत्यंत मधुर पारंपरिक होली रसिया को प्रसिद्ध भजन गायक तेजवीर सिंह (Tejveer Singh) जी ने अपनी शानदार आवाज़ में गाया है।
Q2: इस होली भजन में गोपी अपने रसिया से क्या ज़िद कर रही है?
A2: गोपी अपने रसिया (पति) से घर के सारे काम-काज पीछे छोड़कर उसे तुरंत बरसाने ले चलने की हठ कर रही है, क्योंकि वह 'वृषभानु किशोरी' (श्री राधा रानी) के साथ होली खेलकर उन्हीं के प्रेम रंग में रंग जाना चाहती है।
Q3: बरसाने की होली खेलने से गोपी को क्या आध्यात्मिक लाभ होने की उम्मीद है?
A3: भजन के अनुसार, गोपी का मानना है कि श्री गोवर्धन महाराज की परिक्रमा करने और बरसाने में "ऊँची अटारी वारी" (श्री राधा रानी) के साथ होली खेलने से शरीर और मन के सारे रोग दूर हो जाते हैं और जीवन के सारे संकट कट जाते हैं।
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Categories: Tejveer Singh, Phalgun Bhajan, Braj Ras, Holi Rasiya
Deity: Shri Radha-Krishna
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Mohit Tarkar
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