Shri Radha-KrishnaPhalgun BhajanBraj Ras

वृन्दावन में बरस रहा रंग झूम रही है दुनिया सारी (मास्टर सलीम) होली भजन लिरिक्स

Vrindavan Mein Baras Raha Rang Lyrics (Master Saleem) Holi Bhajan Lyrics

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वृन्दावन में बरस रहा रंग झूम रही है दुनिया सारी (मास्टर सलीम) होली भजन लिरिक्स

VRINDAVAN MEIN BARAS RAHA RANG LYRICS MASTER SALEEM HOLI BHAJAN

राधे-राधे कृष्ण राधे-राधे बोलो राधे-राधे कृष्ण राधे-राधे वृन्दावन में बरस रहा रंग झूम रही है दुनिया सारी राधा प्यारी के संग होली खेल रहे हैं श्याम मुरारी गोपियाँ खेलें ग्वाले खेलें खेलें व्रज के सब नर नारी राधा प्यारी के संग होली खेल रहे हैं श्याम मुरारी इस होली नु वेखन आये शिवजी माँ गौरां दे नाल श्याम दे रंग विच ऐसे रंग गए नाचें छेड़ें डमरू ताल मस्ती में हैं भोले बाबा झूम रहीं हैं गौरां न्यारी राधा प्यारी के संग होली खेल रहे हैं श्याम मुरारी फागण आया रंग है लाया वजदे ढोल नगाड़े ने लाल गुलाल दी बरखा होवे नचदे देवते सारे ने बरसाने की कुंज गलियों में कान्हा मार रहे पिचकारी राधा प्यारी के संग होली खेल रहे हैं श्याम मुरारी इक वारी ताँ मैनू वी तू अपणे रंग विच रंग लै श्याम मीरा वाँगु नचदी फिरां मैं जप लाँ बस राधा दा नाम चरणों में तू मुझको रख ले जाऊँ तुझपे मैं बलिहारी राधा प्यारी के संग होली खेल रहे हैं श्याम मुरारी राधा प्यारी के संग होली खेल रहे हैं बांकेबिहारी |

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राधे-राधे कृष्ण राधे-राधे बोलो राधे-राधे कृष्ण राधे-राधे

वृन्दावन में बरस रहा रंग झूम रही है दुनिया सारी राधा प्यारी के संग होली खेल रहे हैं श्याम मुरारी गोपियाँ खेलें ग्वाले खेलें खेलें व्रज के सब नर नारी राधा प्यारी के संग होली खेल रहे हैं श्याम मुरारी

इस होली नु वेखन आये शिवजी माँ गौरां दे नाल श्याम दे रंग विच ऐसे रंग गए नाचें छेड़ें डमरू ताल मस्ती में हैं भोले बाबा झूम रहीं हैं गौरां न्यारी राधा प्यारी के संग होली खेल रहे हैं श्याम मुरारी

फागण आया रंग है लाया वजदे ढोल नगाड़े ने लाल गुलाल दी बरखा होवे नचदे देवते सारे ने बरसाने की कुंज गलियों में कान्हा मार रहे पिचकारी राधा प्यारी के संग होली खेल रहे हैं श्याम मुरारी

इक वारी ताँ मैनू वी तू अपणे रंग विच रंग लै श्याम मीरा वाँगु नचदी फिरां मैं जप लाँ बस राधा दा नाम चरणों में तू मुझको रख ले जाऊँ तुझपे मैं बलिहारी राधा प्यारी के संग होली खेल रहे हैं श्याम मुरारी

राधा प्यारी के संग होली खेल रहे हैं बांकेबिहारी |

वृन्दावन में बरस रहा रंग झूम रही है दुनिया सारी (मास्टर सलीम) होली भजन लिरिक्स Video

अर्थ (Bhavarth)

फाल्गुन (मार्च 2026) के इस अत्यंत उल्लास भरे और रंगीन मौसम में, मशहूर सूफी और प्लेबैक सिंगर मास्टर सलीम (Master Saleem) की दमदार और सुरीली आवाज़ में गाया गया यह होली भजन "वृन्दावन में बरस रहा रंग" हर किसी को थिरकने पर मजबूर कर देता है। इसमें हिंदी और पंजाबी शब्दों का बहुत ही खूबसूरत मिश्रण (Mix) किया गया है, जो इस भजन की ऊर्जा को और बढ़ा देता है। यह एक अत्यंत ही उल्लासपूर्ण और झूमने वाला होली भजन है। इसमें ब्रज की होली के दिव्य नज़ारे और भक्त के समर्पण को बहुत ही सुंदर पंजाबी और हिंदी शब्दों में पिरोया गया है। इसे मुख्य रूप से तीन भावों में समझा जा सकता है: 1. वृन्दावन का अलौकिक फाल्गुन उत्सव: भजन की शुरुआत वृन्दावन के उल्लास से होती है जहाँ हर तरफ प्रेम का रंग बरस रहा है और पूरी दुनिया उस रंग में झूम रही है। ब्रज के सभी ग्वाले, गोपियाँ और नर-नारी इस आनंद में मग्न हैं क्योंकि स्वयं भगवान श्याम मुरारी अपनी प्यारी राधा जी के साथ होली खेल रहे हैं। बरसाने की तंग (कुंज) गलियों में कान्हा अपनी पिचकारी से सबके ऊपर लाल गुलाल की बारिश कर रहे हैं और हर तरफ ढोल-नगाड़े बज रहे हैं। 2. शिव-पार्वती और देवताओं का नृत्य: ब्रज की इस अलौकिक होली की महिमा इतनी महान है कि इसे देखने (वेखन) के लिए साक्षात भगवान शिव अपनी पत्नी माता गौरी (गौरां) के साथ स्वर्ग से उतर आए हैं। कान्हा के प्रेम के रंग में भोले बाबा ऐसे रंग गए हैं कि वे मस्ती में अपना डमरू बजाते हुए नाच रहे हैं और माता गौरी भी उनके साथ झूम रही हैं। यह दृश्य देखकर आकाश में मौजूद सारे देवता भी उल्लास से नाच रहे हैं। 3. मीरा जैसा समर्पण (भक्त की पुकार): अंतिम भाग में गायक अपने हृदय की पुकार ईश्वर के सामने रखता है। वह प्रार्थना करता है कि "हे श्याम! एक बार मुझे भी अपने प्रेम के इस पक्के रंग में रंग लो।" भक्त चाहता है कि वह भी मीराबाई की तरह दीवानी होकर केवल राधा-कृष्ण का नाम जपती फिरे और उनकी भक्ति में नाचती रहे। भक्त अपने जीवन को श्री बांकेबिहारी के चरणों में समर्पित करते हुए उन पर न्यौछावर (बलिहारी) होना चाहता है।

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Frequently Asked Questions

Q1: 'वृन्दावन में बरस रहा रंग' होली भजन के गायक कौन हैं?

A1: यह अत्यंत ऊर्जावान और उल्लास से भरा होली भजन प्रसिद्ध सूफी और प्लेबैक सिंगर मास्टर सलीम (Master Saleem) द्वारा गाया गया है। इसके संगीत और बोल में सुमित कृष्णा (Sumit Krishna) का भी विशेष योगदान है।

Q2: इस भजन के अनुसार ब्रज की होली देखने कौन आया है?

A2: भजन की पंक्तियों ("इस होली नु वेखन आये शिवजी माँ गौरां दे नाल") के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी की इस अद्भुत होली को देखने के लिए साक्षात भगवान शिव (भोले बाबा) और माता पार्वती (गौरी माँ) पधारे हैं और वे भी डमरू की ताल पर झूम रहे हैं।

Q3: "इक वारी ताँ मैनू वी तू अपणे रंग विच रंग लै श्याम" का क्या अर्थ है?

A3: यह एक पंजाबी वाक्य है जिसका हिंदी अर्थ है— "हे श्याम! एक बार तू मुझे भी अपने (प्रेम और भक्ति के) रंग में रंग ले।" भक्त ईश्वर से प्रार्थना कर रहा है कि वह भी दुनिया के रंग छोड़कर केवल कृष्ण की भक्ति में रंग जाना चाहता है।

Categories: Phalgun Bhajan, Braj Ras

Deity: Shri Radha-Krishna

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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