राजा दशरथ जी के घरवा / राम पहिरे फूलन को सेहरा (अवधी लोकगीत) लिरिक्स
Raja Dashrath Ji Ke Gharwa (Ram Pahire Phoolan Ko Sehra) Lyrics - Malini Awasthi
राजा दशरथ जी के घरवा, आज जन्मे ललनवा, जन्मे ललनवा री जन्मे ललनवा॥
रानी कौसल्या मन ही मन बिहसे, जुग-जुग जीवे ललनवा, जन्मे ललनवा। जन्मे ललनवा री जन्मे ललनवा, राजा दशरथ जी के घरवा, आज जन्मे ललनवा॥
राम पहिरे फूलन को सेहरा, राम पहिरे फूलन को सेहरा, रघुवर पहिरे फूलन को सेहरा, रघुवर पहिरे॥
राजा जनक ने प्रण ठानी है, प्रण ठानी है गुइयाँ, प्रण ठानी है। रख दियो धनुष, उठाए दियो झगड़ा, राम पहिरे फूलन को सेहरा, राम पहिरे फूलन को सेहरा, राम पहिरे फूलन को सेहरा, राम पहिरे॥
राजा दशरथ के चार पुत्र हैं, चार पुत्र हैं जी, चार पुत्र हैं। तोड़ दियो धनुष, मिटाए दियो झगड़ा, राम पहिरे फूलन को सेहरा, राम पहिरे फूलन को सेहरा, राम पहिरे फूलन को सेहरा, राम पहिरे॥
लखते दिल, लखते जिगर, नूर-ए-नज़र का सेहरा, कैसा लगता है मेरे लाल, ओ गौहर का सेहरा॥ राम पहिरे फूलन को सेहरा, राम पहिरे फूलन को सेहरा, राम पहिरे फूलन को सेहरा, राम पहिरे॥
सुहाग बरसे बन्नी तोरे आँगनवा, माई के आँगन सुहाग बन्नी माँगे, सुहाग बन्नी माँगे, सुहाग बन्नी माँगे, अमर करे राम बन्नी तोरे सिंदूरवा॥

अर्थ (Bhavarth)
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Frequently Asked Questions
"राजा दशरथ जी के घरवा" और "राम पहिरे फूलन को सेहरा" गीत किस शैली में हैं?
यह एक पारंपरिक 'अवधी लोकगीत' है जिसमें 'सोहर' (बच्चे के जन्म पर गाया जाने वाला गीत) और 'बन्ना गीत' (विवाह के समय दूल्हे के लिए गाया जाने वाला गीत) का बहुत ही सुंदर और अनूठा संगम देखने को मिलता है। इसे सुप्रसिद्ध लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने गाया है।
"लखते दिल, लखते जिगर, नूर-ए-नज़र का सेहरा" का क्या अर्थ है?
अवधी और उर्दू के इस सुंदर काव्यात्मक मिश्रण में दूल्हे बने भगवान श्री राम को जिगर का टुकड़ा (लख्ते जिगर) और आँखों का तारा (नूर-ए-नज़र) कहकर संबोधित किया गया है, जिनके माथे पर यह अत्यंत प्यारा फूलों का सेहरा सुशोभित हो रहा है।
"सुहाग बरसे बन्नी तोरे आँगनवा" में 'बन्नी' किसे कहा गया है?
उत्तर भारत के पारंपरिक विवाह गीतों में वधू (दुल्हन) को प्यार से 'बन्नी' कहा जाता है। यहाँ माता सीता (बन्नी) को अखंड सौभाग्य (सुहाग) का आशीर्वाद दिया जा रहा है कि प्रभु श्री राम उनके सिंदूर को युगों-युगों तक अमर करें।
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Categories: Ramayan Prasang, Ram Ji
Deity: Shri Ram
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मोहित तरकरMohit Tarkar
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