Shri Ram

तेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया (समर्पण भजन) लिरिक्स

Teri Sharan Mein Aake Main Dhanya Ho Gaya Lyrics Lyrics

Location: श्री धाम वृंदावन (Shri Dham Vrindavan)
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तेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया (समर्पण भजन) लिरिक्स

TERI SHARAN MEIN AAKE MAIN DHANYA HO GAYA BHAJAN LYRICS

तेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया, जन्मों की प्यास थी जो, मैं सम्पन्न हो गया, तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया।। तुझको अपना बनाके, मैं धन्य हो गया | कितने मिले अमीर यहाँ, कितने गरीब, कितने मिले अमीर यहाँ, कितने गरीब, पर आप मिल गये तो, धनवान हो गया, तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया।। करना कभी ना दूर प्रभु, चरणों से आप, करना कभी ना दूर प्रभु, चरणों से आप, चरणो के ही सहारे, मैं भव पार हो गया, तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया।। दुःख में तड़प रहा था प्रभु, मुद्दतों से मैं, दुःख में तड़प रहा था प्रभु, मुद्दतों से मैं, एक आपका सहारा, साकार हो गया, तेरी शरण मे आ के, मैं धन्य हो गया।। तेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया, जन्मों की प्यास थी जो, मैं सम्पन्न हो गया, तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया।।

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तेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया, जन्मों की प्यास थी जो, मैं सम्पन्न हो गया, तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया।। तुझको अपना बनाके, मैं धन्य हो गया |

कितने मिले अमीर यहाँ, कितने गरीब, कितने मिले अमीर यहाँ, कितने गरीब, पर आप मिल गये तो, धनवान हो गया, तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया।।

करना कभी ना दूर प्रभु, चरणों से आप, करना कभी ना दूर प्रभु, चरणों से आप, चरणो के ही सहारे, मैं भव पार हो गया, तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया।।

दुःख में तड़प रहा था प्रभु, मुद्दतों से मैं, दुःख में तड़प रहा था प्रभु, मुद्दतों से मैं, एक आपका सहारा, साकार हो गया, तेरी शरण मे आ के, मैं धन्य हो गया।।

तेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया, जन्मों की प्यास थी जो, मैं सम्पन्न हो गया, तेरी शरण मे आके, मैं धन्य हो गया।।

तेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया (समर्पण भजन) लिरिक्स Video

अर्थ (Bhavarth)

शरण (Sharan): आश्रय या पनाह (Refuge / Shelter)। धन्य (Dhanya): भाग्यशाली या कृतार्थ (Blessed / Grateful)। सम्पन्न (Sampann): परिपूर्ण या भरा हुआ (Fulfilled / Complete)। भव पार (Bhav Paar): संसार रूपी सागर से मुक्ति या उद्धार (Crossing the ocean of existence)। मुद्दतों से (Muddaton Se): बहुत लंबे समय से या कई युगों से (For a very long time)। साकार (Saakaar): सच हो जाना या रूप ले लेना (Manifested / Come true)। ईश्वर या सद्गुरु के प्रति 'पूर्ण शरणागति' (Complete Surrender) और कृतज्ञता (Gratitude) का यह एक अत्यंत ही शांत, भावुक और गहरा भजन है। जब इंसान दुनिया के सुख-दुख से हारकर भगवान की शरण में जाता है और उसे सच्चा आसरा मिल जाता है, तब उसके हृदय से यही शब्द निकलते हैं। संपूर्ण भावार्थ: यह एक भक्त के हृदय की सच्ची पुकार है जिसे अंततः भगवान (या गुरु) का आसरा मिल गया है। भक्त कहता है कि "हे प्रभु! आपकी शरण में आकर मेरा जीवन धन्य हो गया है; मेरे जन्मों-जन्मों की जो प्यास थी, वह आज पूरी (सम्पन्न) हो गई है।" भक्त दुनिया के मोह-माया की सच्चाई बताते हुए कहता है कि "इस दुनिया में मुझे बहुत से अमीर और गरीब लोग मिले, लेकिन सच्ची अमीरी मुझे तब मिली जब आप मुझे मिल गए; आपको पाकर मैं सबसे बड़ा धनवान हो गया हूँ।" भक्त विनती करता है कि प्रभु उसे कभी अपने चरणों से दूर न करें, क्योंकि इन्हीं चरणों के सहारे वह जीवन के भवसागर को पार कर पाया है। मुद्दतों (लंबे समय) से जो भक्त दुखों में तड़प रहा था, आज ईश्वर का सहारा पाकर उसके जीवन के सारे सपने साकार हो गए हैं।

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यहाँ आप तेरी शरण में आके, मैं धन्य हो गया (समर्पण भजन) लिरिक्स के संपूर्ण और शुद्ध पाठ का आनंद ले सकते हैं। हमारी वेबसाइट पर आप इस भजन को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बंगाली और अन्य 6 भारतीय भाषाओं में पढ़ सकते हैं।इस रचना के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए आप ऊपर इसका 'भावार्थ' (अर्थ) भी पढ़ सकते हैं। दैनिक पूजा और सत्संग के लिए आप इसका PDF (पीडीएफ) मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions

Q1: 'तेरी शरण में आके मैं धन्य हो गया' भजन का मूल संदेश क्या है?

A1: इस भजन का मूल संदेश 'शरणागति' (Surrender) और संतोष है। यह बताता है कि दुनिया की धन-दौलत से सच्ची शांति नहीं मिलती; आत्मा की प्यास तभी बुझती है और इंसान तभी सच्चा 'धनवान' बनता है जब उसे ईश्वर या सच्चे गुरु की शरण मिल जाती है।

Q2: भजन में "मुद्दतों से मैं दुःख में तड़प रहा था" का क्या अर्थ है?

A2: इसका आध्यात्मिक अर्थ यह है कि मनुष्य की आत्मा कई जन्मों (मुद्दतों) से इस सांसारिक चक्र और दुखों में भटक रही थी। ईश्वर का सच्चा सहारा मिलते ही जन्म-मरण की यह तड़प और सारे कष्ट हमेशा के लिए दूर हो गए।

Q3: क्या मैं इस 'समर्पण भजन' का PDF डाउनलोड कर सकता हूँ?

A3: जी हाँ! आप इसी पेज पर, लिरिक्स के ठीक ऊपर दिए गए 'Download PDF' और 'Translate' बटन पर क्लिक करके इस शांतिदायक भजन को अपनी मनपसंद भाषा में बिलकुल मुफ्त में सेव कर सकते हैं।

Deity: Shri Ram

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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