कैसे ढूंढूं मैं रघुवर पता आपका (श्री राम भजन) लिरिक्स - धीरज़ कांत
Kaise Dhundhu Main Raghuvar Pata Aapka Lyrics - Dhiraj Kant Lyrics
कैसे ढूंढूं मैं रघुवर पता आपका, रूप माया लिया जब घनी रात का। कैसे ढूंढूं मैं रघुवर पता आपका॥
मन भटकते-भटकते परेशान है, अब तो केवल बचा आसरा आपका। रूप माया लिया जब घनी रात का, कैसे ढूंढूं मैं रघुवर पता आपका॥
सुनता हूँ उसका जीवन संवर जाता है, जिसपे होती करम की नज़र आपका। रूप माया लिया जब घनी रात का, कैसे ढूंढूं मैं रघुवर पता आपका॥
अपने चरणों से क्यों दूर रखा मुझे, आप ही से शिकायत करूँ आपका। रूप माया लिया जब घनी रात का, कैसे ढूंढूं मैं रघुवर पता आपका॥

अर्थ (Bhavarth)
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Frequently Asked Questions
Q1: 'कैसे ढूंढूं मैं रघुवर पता आपका' भजन के गायक कौन हैं?
A1: भगवान श्री राम को समर्पित इस अत्यंत भावुक और करुण भजन को सुप्रसिद्ध भजन गायक धीरज़ कांत (Dhiraj Kant) जी ने अपनी मधुर आवाज़ में गाया है।
Q2: इस भजन में "रूप माया लिया जब घनी रात का" से कवि का क्या तात्पर्य है?
A2: यहाँ 'घनी रात' और 'माया' का अर्थ संसार के मोह और अज्ञानता के अंधकार से है। भक्त कह रहा है कि इस दुनिया के मोह-माया के घने अंधेरे में वह भटक गया है और उसे ईश्वर तक पहुँचने का रास्ता (पता) नहीं मिल रहा है।
Q3: क्या मैं 'Kaise Dhundhu Main Raghuvar Lyrics PDF' डाउनलोड कर सकता हूँ?
A3: जी हाँ! आप इसी पेज पर, लिरिक्स के ठीक ऊपर दिए गए 'Download PDF' और 'Translate' बटन पर क्लिक करके इस राम भजन को अपनी मनपसंद भाषा में बिलकुल मुफ्त में सेव कर सकते हैं।
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मोहित तरकरMohit Tarkar
संस्थापक एवं मुख्य संपादक • Founder & Chief Editor
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