Shri Ram
दशरथ जी मेरे मरने के बाद (श्रवण कुमार भजन) लिरिक्स
Dashrath Ji Mere Marne Ke Baad Shravan Kumar Bhajan Lyrics Lyrics
Singer: पारंपरिक (Traditional)
Writer: पारंपरिक (Traditional)
तर्ज (Tune): पंडित जी मेरे मरने के बाद
HINDI BHAJAN
दशरथ जी मेरे मरने के बाद, इतना कष्ट उठा लेना, अग्नि देने वाला नहीं कोई, मेरी चिता जला देना। इतनी कृपा कर दो राजन फिर से धनुष संभालो तुम, एक बाण से हम दोनों का चीर कलेजा डालो तुम, कहीं प्राण जो अटके तन में, मेरा घोंट गला देना। अग्नि देने वाला नहीं कोई, मेरी चिता जला देना। गोद लिया जो आपने मुझको, और क्या चाहूं साथ भला, दरस दिया जो अंत समय पर, इतना कर दो नाथ भला, अंतिम इच्छा नाथ यह मेरी, मेरा वंश चला देना। अग्नि देने वाला नहीं कोई, मेरी चिता जला देना। अंत समय पर आपने लीन्ही, केशव कठिन परीक्षा है, ओ चक्रधारी पूरी कर दो, मेरी अंतिम इच्छा है, 16 कला से पूर्ण कलाधर, ऐसी दिखा कला देना। जहां पे कोई नहीं जला हो, वहां पे मुझे जला देना। दशरथ जी मेरे मरने के बाद, इतना कष्ट उठा लेना, अग्नि देने वाला नहीं कोई, मेरी चिता जला देना।

Deity: Shri Ram