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राधा रमण वृंदावन वारे (राधा रमण 2.0) संपूर्ण भजन लिरिक्स - इंद्रेश जी महाराज

Radha Raman Vrindavan Vare (Radha Raman 2.0) Lyrics - Indresh Ji Maharaj Lyrics

Location: श्री धाम वृंदावन (Shri Dham Vrindavan)
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राधा रमण वृंदावन वारे (राधा रमण 2.0) संपूर्ण भजन लिरिक्स - इंद्रेश जी महाराज

RADHA RAMAN VRINDAVAN VARE LYRICS PUJYA SHRI INDRESH JI MAHARAJ

राधा रमण, राधा रमण, वृंदावन वारे। राधा रमण, राधा रमण, वृंदावन वारे। हे नंद-नंदन, यशोदा दुलारे, राधा रमण, राधा रमण, वृंदावन वारे॥ वृंदावन वारे, प्यारे रमण बिहारी, मोटे-मोटे नैन, याके तिरछी कटारी। मत जइयो, मत जइयो, मत जइयो, जादू करैगो बिहारी। वृंदावन वारे, प्यारे रमण बिहारी, मोटे-मोटे नैन, याके तिरछी कटारी॥ मोर मुकुट साजे, छवि मनोहारी, गल बनमाल सोहे, जाऊँ वारी-वारी। तन-मन, तन-मन, तन-मन सर्वस्व तोपे बिहारी। राधा रमण, राधा रमण, वृंदावन वारे॥ एक दिन श्यामा संग आओ वनचारी, गिरधर लाल जोहे बाट तिहारी। संग मिल, संग मिल, संग मिल बरसाओ प्रेम रसभारी। राधा रमण, राधा रमण, वृंदावन वारे॥ हे नंद-नंदन, यशोदा दुलारे, राधा रमण, राधा रमण, वृंदावन वारे। राधा रमण, राधा रमण, वृंदावन वारे। राधा रमण, राधा रमण, वृंदावन वारे॥ वृंदावन वारे, प्यारे रमण बिहारी, मोटे-मोटे नैन, याके तिरछी कटारी। मत जइयो, मत जइयो, मत जइयो, जादू करैगो बिहारी। वृंदावन वारे, प्यारे रमण बिहारी, मोटे-मोटे नैन, याके तिरछी कटारी॥

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राधा रमण, राधा रमण, वृंदावन वारे। राधा रमण, राधा रमण, वृंदावन वारे। हे नंद-नंदन, यशोदा दुलारे, राधा रमण, राधा रमण, वृंदावन वारे॥

वृंदावन वारे, प्यारे रमण बिहारी, मोटे-मोटे नैन, याके तिरछी कटारी। मत जइयो, मत जइयो, मत जइयो, जादू करैगो बिहारी। वृंदावन वारे, प्यारे रमण बिहारी, मोटे-मोटे नैन, याके तिरछी कटारी॥

मोर मुकुट साजे, छवि मनोहारी, गल बनमाल सोहे, जाऊँ वारी-वारी। तन-मन, तन-मन, तन-मन सर्वस्व तोपे बिहारी। राधा रमण, राधा रमण, वृंदावन वारे॥

एक दिन श्यामा संग आओ वनचारी, गिरधर लाल जोहे बाट तिहारी। संग मिल, संग मिल, संग मिल बरसाओ प्रेम रसभारी। राधा रमण, राधा रमण, वृंदावन वारे॥

हे नंद-नंदन, यशोदा दुलारे, राधा रमण, राधा रमण, वृंदावन वारे। राधा रमण, राधा रमण, वृंदावन वारे। राधा रमण, राधा रमण, वृंदावन वारे॥

वृंदावन वारे, प्यारे रमण बिहारी, मोटे-मोटे नैन, याके तिरछी कटारी। मत जइयो, मत जइयो, मत जइयो, जादू करैगो बिहारी। वृंदावन वारे, प्यारे रमण बिहारी, मोटे-मोटे नैन, याके तिरछी कटारी॥

राधा रमण वृंदावन वारे (राधा रमण 2.0) संपूर्ण भजन लिरिक्स - इंद्रेश जी महाराज Video

अर्थ (Bhavarth)

इसमें श्री राधा रमण जी की सुंदरता का जो बखान है, वह अद्भुत है: 1. वृंदावन के प्यारे राधा रमण: भक्त बड़े ही प्रेम से वृंदावन के स्वामी भगवान श्री कृष्ण को 'राधा रमण' (राधा जी को आनंदित करने वाले) कहकर पुकार रहे हैं। वे कहते हैं कि हमारे राधा रमण जी वृंदावन वाले (वृंदावन वारे) हैं और वे सबसे प्यारे 'रमण बिहारी' हैं। 2. मोटे-मोटे नैन और तिरछी कटारी: इस अंतरे में भगवान के मनमोहक स्वरूप का वर्णन है। भक्त कहते हैं कि हमारे ठाकुर जी की आँखें (नैन) बहुत बड़ी-बड़ी और कजरारी (मोटे-मोटे) हैं। उनकी वो तिरछी चितवन (देखने का अंदाज़) किसी 'तिरछी कटारी' (कटार/खंजर) की तरह सीधे भक्तों के दिल पर वार करती है और उन्हें अपना दीवाना बना लेती है। 3. बिहारी जी का जादू: एक भक्त दूसरे भक्त को (या स्वयं अपने मन को) प्रेम भरी चेतावनी देते हुए कहता है कि "अरे! उनके पास मत जाना, हाँ बिल्कुल मत जाना... क्योंकि वह बिहारी बड़ा जादूगर है। अगर तुम उनके सामने गए, तो वह अपनी तिरछी नज़रों से तुम पर ऐसा जादू कर देगा कि तुम दुनिया को भूलकर बस उसी के होकर रह जाओगे।" यह पूर्ण भजन श्री राधा रमण जी के अद्भुत सौंदर्य और उन पर पूर्ण समर्पण का एक रसिक गान है: 4. नंद-नंदन और उनकी जादुई आँखें: भक्त बड़े ही प्रेम से वृंदावन के स्वामी को 'राधा रमण' (राधा जी को आनंदित करने वाले) और 'यशोदा दुलारे' कहकर पुकारते हैं। वे कहते हैं कि हमारे ठाकुर जी की आँखें (नैन) बहुत बड़ी-बड़ी (मोटे-मोटे) हैं। उनकी वह तिरछी चितवन किसी 'तिरछी कटारी' (खंजर) की तरह सीधे दिल पर वार करती है। इसलिए भक्त एक-दूसरे को प्रेम भरी चेतावनी देते हैं कि "उनके पास मत जाना, वरना वह बिहारी तुम पर ऐसा जादू कर देगा कि तुम उसी के होकर रह जाओगे।" 5. मोर मुकुट और सर्वस्व समर्पण: इस नए अंतरे में भगवान के मनमोहक श्रृंगार का वर्णन है। उनके सिर पर मोर मुकुट सज रहा है और गले में सुंदर वनमाला (वन के फूलों की माला) सुशोभित है, जिस पर भक्त बार-बार बलिहारी (वारी-वारी) जाता है। भक्त अपने ठाकुर जी के इस रूप पर अपना तन, मन और सर्वस्व (सब कुछ) न्योछावर कर देता है। 6. श्यामा संग आने की पुकार: अंतिम भाग में भक्त अपने प्रभु से एक बहुत ही प्यारी विनती करता है। वह कहता है कि "हे वनचारी (वन में विहार करने वाले)! एक दिन आप हमारी श्री राधा रानी (श्यामा जू) के साथ दर्शन देने आइए। आपके यह भक्त आपकी बाट (रास्ता) जोह रहे हैं। आप दोनों एक साथ मिलकर हम पर अपने असीम प्रेम और रस की भारी बारिश (प्रेम रसभारी) कर दीजिए।"

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Frequently Asked Questions

Q1: "राधा रमण वृंदावन वारे" भजन के गायक कौन हैं?

ब्रज रस से भरा यह अत्यंत मधुर भजन पूज्य श्री इंद्रेश जी महाराज द्वारा गाया गया है। वर्तमान में इसके टीज़र लिरिक्स उपलब्ध हैं, और जल्द ही इसका पूर्ण वर्ज़न रिलीज़ किया जाएगा।

Q2: 'राधा रमण' का क्या अर्थ है?

'राधा रमण' भगवान श्री कृष्ण का एक अत्यंत प्रिय नाम है। 'रमण' का अर्थ होता है आनंदित करने वाला या साथ विहार करने वाला। अतः जो श्री राधा रानी को आनंदित करते हैं, वे 'राधा रमण' हैं। वृंदावन में श्री राधा रमण जी का एक बहुत ही प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर भी है।

Q3: "मत जइयो, जादू करैगो बिहारी" का क्या भाव है?

यह ब्रज के भक्तों का भगवान के प्रति एक प्रेम भरा भाव है। भक्त कहते हैं कि ठाकुर जी (बिहारी जी) का रूप इतना सलोना है कि जो भी उन्हें एक बार देख लेता है, वह दुनिया को भूलकर उन्हीं का दीवाना हो जाता है, मानो बिहारी जी ने उस पर कोई 'जादू' कर दिया हो।

Categories: Braj Ras, Krishna Bhajan

Deity: Shri Krishna

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

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