Press ESC to close

Shri KrishnaChetawani BhajanKrishna BhajanBraj RasFilmi Tarz Bhajan

प्रेम नगर मत जा मुसाफिर (चेतावनी भजन) लिरिक्स - श्री इन्द्रेश उपाध्याय

Prem Nagar Mat Ja Musafir Lyrics - Shri Indresh Upadhyay Lyrics

Location: श्री धाम वृंदावन (Shri Dham Vrindavan)
🌐 8+ Languages📄 Free PDF✨ Bhavarth

तर्ज (Tune): हुस्न पहाड़ों का (Husn Pahadon Ka - Bollywood Tarz)

HINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARI

प्रेम नगर मत जा मुसाफिर (चेतावनी भजन) लिरिक्स - श्री इन्द्रेश उपाध्याय

PREM NAGAR MAT JA MUSAFIR LYRICS INDRESH UPADHYAY

॥ दोहा ॥ ऊधौ सूधौ है चलो, सुन गोपिन के बोल। ज्ञान बजाई डुमडुमी, प्रेम बजायो ढोल॥ ॥ स्थायी ॥ प्रेम नगर मत जा मुसाफिर, प्रेम नगर मत जा। प्रेम नगर की संकरी हैं गलियाँ, ता में दो न समाय। मुसाफिर, प्रेम नगर मत जा। प्रेम नगर की गहरी है नदिया, लाखों लोग डुबाय। मुसाफिर, प्रेम नगर मत जा। प्रेम नगर का पंथ कठिन है, ता पे ना चल पाय। मुसाफिर, प्रेम नगर मत जा। प्रेम नगर की सुंदर हैं परियाँ, लाखों लोग लुभाय। मुसाफिर, प्रेम नगर मत जा।

Downloaded from

HINDI BHAJAN

॥ दोहा ॥ ऊधौ सूधौ है चलो, सुन गोपिन के बोल। ज्ञान बजाई डुमडुमी, प्रेम बजायो ढोल॥

॥ स्थायी ॥ प्रेम नगर मत जा मुसाफिर, प्रेम नगर मत जा।

प्रेम नगर की संकरी हैं गलियाँ, ता में दो न समाय। मुसाफिर, प्रेम नगर मत जा।

प्रेम नगर की गहरी है नदिया, लाखों लोग डुबाय। मुसाफिर, प्रेम नगर मत जा।

प्रेम नगर का पंथ कठिन है, ता पे ना चल पाय। मुसाफिर, प्रेम नगर मत जा।

प्रेम नगर की सुंदर हैं परियाँ, लाखों लोग लुभाय। मुसाफिर, प्रेम नगर मत जा।

प्रेम नगर मत जा मुसाफिर (चेतावनी भजन) लिरिक्स - श्री इन्द्रेश उपाध्याय Video

अर्थ (Bhavarth)

पूज्य श्री इन्द्रेश उपाध्याय जी द्वारा गाए गए इस सुप्रसिद्ध 'चेतावनी भजन' में एक बहुत ही गहरा आध्यात्मिक भाव छिपा है। यद्यपि मूल रूप से संत कवि ब्रह्मानंद जी का यह भजन सांसारिक मोह-माया (Material World) से बचने की चेतावनी देता है, लेकिन इन्द्रेश जी ने इसे 'ब्रज भक्ति' और श्री वृंदावन के प्रेम रस के चश्मे से अत्यंत सुंदरता से समझाया है: 1. मुसाफिर को चेतावनी: यहाँ 'प्रेम नगर' का अर्थ श्री वृंदावन धाम से है और 'मुसाफिर' वह व्यक्ति (Tourist) है जो यहाँ केवल घूमने या दर्शन करने आता है। महाराज जी चेतावनी देते हैं कि वृंदावन को हल्के में न लें। यदि यहाँ के 'प्रेम रस' का पागलपन चढ़ गया, तो आप वापस अपने सामान्य सांसारिक जीवन में नहीं लौट पाएंगे। जैसे महाज्ञानी उद्धव जी भी गोपियों के प्रेम में अपना ज्ञान भूल गए थे। 2. संकरी गलियाँ: "प्रेम नगर की संकरी हैं गलियाँ, ता में दो न समाय" - हृदय की गली बहुत संकरी है। इसमें ईश्वर (श्री कृष्ण) और संसार (Material Desires) दोनों एक साथ नहीं रह सकते। प्रभु को बसाना है तो संसार को हृदय से निकालना होगा। 3. गहरी नदियां: वृंदावन में भक्ति और रस की एक अदृश्य गहरी नदी बहती है। सूरदास, मीराबाई और रसखान जैसे संतों ने इस नदी में अपना अहंकार पूरी तरह डुबो दिया (अहंकार का नाश कर दिया)। 4. सुंदर परियाँ: इस भजन में 'परियां' कोई अप्सराएं नहीं हैं, बल्कि ये ब्रज के 'रसिक संत' हैं (जैसे प्राचीन काल में कुंभनदास जी, और वर्तमान में पूज्य प्रेमानंद जी महाराज व पूज्य राजेंद्र दास जी)। ये रसिक संत अपने सत्संग और वाणी से भक्तों को लुभाते हैं और उनका मन सांसारिकता से हटाकर श्री कृष्ण के चरणों में लगा देते हैं। इस प्रेम नगर (वृंदावन) का मार्ग कठिन अवश्य है, लेकिन जो इसमें डूब गया, उसका जीवन सफल हो जाता है।

Read the most authentic and complete Prem Nagar Mat Ja Musafir Lyrics - Shri Indresh Upadhyay (प्रेम नगर मत जा मुसाफिर (चेतावनी भजन) लिरिक्स - श्री इन्द्रेश उपाध्याय) lyrics. Popularized by Shri Indresh Upadhyay, this divine chetawani bhajan dedicated to Shri Krishna is presented in pristine Devanagari and English (Romanized) scripts. Using our advanced transliteration tool, you can instantly convert these lyrics into 8+ Indian languages including Gujarati, Bengali, Kannada, and Telugu. Scroll up to read the complete Bhavarth (meaning) to deeply understand the spiritual essence of this composition. You can also use the free PDF download feature to save these lyrics for your daily offline Puja, Aarti, and Satsang.

यहाँ आप प्रेम नगर मत जा मुसाफिर (चेतावनी भजन) लिरिक्स - श्री इन्द्रेश उपाध्याय के संपूर्ण और शुद्ध पाठ का आनंद ले सकते हैं। हमारी वेबसाइट पर आप इस चेतावनी भजन को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बंगाली और अन्य 6 भारतीय भाषाओं में पढ़ सकते हैं।इस रचना के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए आप ऊपर इसका 'भावार्थ' (अर्थ) भी पढ़ सकते हैं। दैनिक पूजा और सत्संग के लिए आप इसका PDF (पीडीएफ) मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions

'प्रेम नगर मत जा मुसाफिर' भजन का वास्तविक भावार्थ (Meaning) क्या है?

पूज्य श्री इन्द्रेश उपाध्याय जी के अनुसार, इस भजन में 'प्रेम नगर' श्री वृंदावन धाम को कहा गया है। यह चेतावनी है कि यदि कोई मुसाफिर (यात्री) वृंदावन के प्रेम रस में डूब गया, तो वह वापस सांसारिक मोह-माया में नहीं लौट पाएगा, क्योंकि हृदय की संकरी गली में केवल श्री कृष्ण ही समा सकते हैं, संसार नहीं।

भजन में प्रेम नगर की 'सुंदर परियाँ' किन्हें कहा गया है?

भजन में 'परियां' कोई अप्सराएं नहीं हैं। इसका गहरा आध्यात्मिक अर्थ ब्रज के 'रसिक संतों' (जैसे पूज्य प्रेमानंद जी महाराज और राजेंद्र दास जी) से है, जो अपने मधुर भजनों और सत्संग से भक्तों का मन मोह लेते हैं और उन्हें श्री कृष्ण की ओर खींच लेते हैं।

इस प्रसिद्ध चेतावनी भजन के मूल रचयिता कौन हैं?

इस सुप्रसिद्ध और गहरे अर्थों वाले चेतावनी भजन की रचना महान संत कवि 'ब्रह्मानंद जी' द्वारा की गई थी।

Categories: Chetawani Bhajan, Krishna Bhajan, Braj Ras, Filmi Tarz Bhajan

Deity: Shri Krishna

Community Comments (0)

Be the first to share your devotion here.

Mohit Tarkar
Verified Publisher
प्रमाणित प्रकाशक | Verified Publisher

मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

धार्मिक सटीकता और भाषाई शुद्धता के लिए प्रमाणित। प्रामाणिक सनातन धर्म साहित्य के संरक्षण के लिए समर्पित।

Fact-checked for religious accuracy and linguistic purity. Dedicated to preserving authentic Sanatan Dharma literature.