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मिल तो गया... श्याम मिल गया, (श्री कुंजबिहारी दास जी महाराज भजन) लिरिक्स

Mil To Gaya Shyam Mil Gaya Lyrics (Shri Kunj Bihari Das Ji Maharaj Bhajan) Lyrics

तर्ज (Tune): ओ साहिबा ओ साहिबा ,O Sahiba O Sahiba

HINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARI

मिल तो गया... श्याम मिल गया, (श्री कुंजबिहारी दास जी महाराज भजन) लिरिक्स

MIL TO GAYA SHYAM MIL GAYA LYRICS KUNJ BIHARI DAS JI MAHARAJ

मिल तो गया... मिल तो गया मिल तो गया... मिल तो गया दिल तो गया... दिल तो गया दिल तो गया... दिल तो गया मिल गया मिल गया श्याम मिल गया मिल गया मिल गया श्याम मिल गया कुंज बिहारी गली कुंजन में हाय अब मिल तो गया कुंज बिहारी गली कुंजन में हाय मिल तो गया, मिल तो गया जिसने भी पुकारा है उसे दिया सहारा है जिसने भी पुकारा है उसे दिया सहारा है बांके बिहारी उसके, वो हुआ हमारा है मिल तो गया... मिल तो गया मैं तो गया... मैं तो गया कुंज बिहारी गली कुंजन में हाय मिल तो गया कुंज बिहारी गली कुंजन में हाय मिल तो गया सबको विश्वास यहां, पूरी हो आस यहां सबको विश्वास यहां, पूरी हो आस यहां यहां संत समागम है, मिल श्री हरिदास यहां मिल तो गया... मिल तो गया जिह्वा पे नाम तन पे हो भक्ति का वो हो गया मस्ताना, जिसे हरि ने पहचाना जिह्वा पे नाम तन पे हो भक्ति का वो हो गया मस्ताना, जिसे हरि ने पहचाना मिल तो गया... मिल तो गया पावन वृंदावन में एक बात निहारी है पावन वृंदावन में एक बात निहारी है जिसे दुनिया ठुकराए उसका कुंज बिहारी है जिसे दुनिया ठुकराए उसका कुंज बिहारी है वो मिल तो गया... मोर पंख वाला मिल गया... मोर पंख वाला मिल गया...

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HINDI BHAJAN

मिल तो गया... मिल तो गया मिल तो गया... मिल तो गया दिल तो गया... दिल तो गया दिल तो गया... दिल तो गया मिल गया मिल गया श्याम मिल गया मिल गया मिल गया श्याम मिल गया

कुंज बिहारी गली कुंजन में हाय अब मिल तो गया कुंज बिहारी गली कुंजन में हाय मिल तो गया, मिल तो गया

जिसने भी पुकारा है उसे दिया सहारा है जिसने भी पुकारा है उसे दिया सहारा है बांके बिहारी उसके, वो हुआ हमारा है मिल तो गया... मिल तो गया मैं तो गया... मैं तो गया कुंज बिहारी गली कुंजन में हाय मिल तो गया कुंज बिहारी गली कुंजन में हाय मिल तो गया

सबको विश्वास यहां, पूरी हो आस यहां सबको विश्वास यहां, पूरी हो आस यहां यहां संत समागम है, मिल श्री हरिदास यहां मिल तो गया... मिल तो गया

जिह्वा पे नाम तन पे हो भक्ति का वो हो गया मस्ताना, जिसे हरि ने पहचाना जिह्वा पे नाम तन पे हो भक्ति का वो हो गया मस्ताना, जिसे हरि ने पहचाना मिल तो गया... मिल तो गया

पावन वृंदावन में एक बात निहारी है पावन वृंदावन में एक बात निहारी है जिसे दुनिया ठुकराए उसका कुंज बिहारी है जिसे दुनिया ठुकराए उसका कुंज बिहारी है

वो मिल तो गया... मोर पंख वाला मिल गया... मोर पंख वाला मिल गया...

मिल तो गया... श्याम मिल गया, (श्री कुंजबिहारी दास जी महाराज भजन) लिरिक्स Video

अर्थ (Bhavarth)

(विस्तृत भावार्थ): यह भजन वृंदावन के अलौकिक प्रेम और श्री बांके बिहारी जी की असीम कृपा का एक बहुत ही आनंददायक गुणगान है। इस संकीर्तन के भावों को तीन मुख्य चरणों में समझा जा सकता है: 1. कुंज गलियों में दिल हारना और श्याम का मिलना: भजन की शुरुआत एक परम आनंद और उल्लास के साथ होती है। भक्त खुशी से झूमते हुए कहता है कि वृंदावन की पवित्र 'कुंज गलियों' (पेड़ों और लताओं से घिरे संकरे रास्तों) में घूमते हुए उसे अंततः उसका 'श्याम' (कृष्ण) मिल ही गया है। लेकिन श्याम के मिलते ही भक्त का अपना 'दिल' भी हाथ से चला गया है (अर्थात वह कृष्ण के प्रेम में पूरी तरह से खो गया है)। 2. श्री हरिदास जी की कृपा और संतों का समागम: दूसरे भाग में वृंदावन की महिमा बताई गई है। भक्त कहता है कि यहाँ जो भी आता है, उसकी सारी आस (उम्मीदें) पूरी होती हैं। वृंदावन संतों की भूमि है और यहाँ सबसे बड़ी कृपा संगीत शिरोमणि श्री स्वामी हरिदास जी की है। (यह स्वामी हरिदास जी ही थे जिनके संगीत और भक्ति से प्रसन्न होकर श्री बांके बिहारी जी निधिवन में प्रकट हुए थे)। जिसकी जीभ पर कृष्ण का नाम और शरीर पर भक्ति का रंग चढ़ जाता है, वह हरि का मस्ताना (दीवाना) बन जाता है। 3. दुनिया के ठुकराए हुओं का एकमात्र सहारा: अंतिम भाग में इस भजन की सबसे गहरी और रुला देने वाली पंक्ति आती है। भक्त कहता है कि इस पावन वृंदावन में मैंने एक बहुत ही खास बात देखी (निहारी) है— "जिसे दुनिया ठुकराए, उसका कुंज बिहारी है।" अर्थात, जब यह स्वार्थी संसार और अपने सगे-संबंधी किसी इंसान का साथ छोड़ देते हैं और उसे ठुकरा देते हैं, तब वह मोर पंख वाला बांके बिहारी उसे अपने गले लगा लेता है और उसका सबसे बड़ा सहारा बन जाता है।

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Frequently Asked Questions

Q1: भजन में "कुंज बिहारी गली कुंजन में" का क्या अर्थ है?

A1: 'कुंज' का अर्थ है लताओं, बेलों और पेड़ों से घिरा हुआ एक सुंदर, हरा-भरा स्थान। वृंदावन में ऐसी कई पवित्र और संकरी गलियां हैं जहाँ श्री कृष्ण (कुंज बिहारी) राधारानी और गोपियों के साथ विहार (लीलाएं) करते थे। भक्त कह रहा है कि उन्हीं गलियों में उसे कृष्ण का अहसास मिल गया है।

Q2: इस भजन में "मिल श्री हरिदास यहां" का ज़िक्र क्यों आया है?

A2: परम संत और संगीतज्ञ श्री स्वामी हरिदास जी की कठोर साधना और भक्ति के कारण ही वृंदावन के निधिवन में श्री बांके बिहारी जी साक्षात प्रकट हुए थे। इसलिए वृंदावन की महिमा और बांके बिहारी जी का गुणगान स्वामी हरिदास जी के नाम के बिना अधूरा माना जाता है।

Q3: "जिसे दुनिया ठुकराए उसका कुंज बिहारी है" का क्या भाव है?

A3: इस पंक्ति का भाव पूर्ण शरणागति और भगवान की करुणा को दर्शाता है। इसका अर्थ है कि जब स्वार्थी संसार किसी इंसान को पूरी तरह से नकार देता है और उसका कोई सहारा नहीं बचता, तब दयालु भगवान (कुंज बिहारी) उसे अपनी शरण में ले लेते हैं।

Categories: Krishna Bhajan, Filmi Tarz Bhajan, Braj Ras

Deity: Shri Krishna

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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