रामा रामा रटते रटते बीती रे उमरिया (माता शबरी भजन) लिरिक्स
Rama Rama Ratte Ratte Beeti Re Umariya Lyrics - Shabari Bhajan
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अर्थ (Bhavarth)
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Frequently Asked Questions
"रोज सवेरे वन में जाकर, रस्ता साफ कराती हूँ" से शबरी जी का क्या भाव है?
माता शबरी को उनके गुरु मतंग ऋषि ने वचन दिया था कि एक दिन भगवान श्री राम उनकी कुटिया पर ज़रूर आएंगे। इसी अटल विश्वास के साथ शबरी जी प्रतिदिन सुबह उठकर अपने आश्रम और वन का रास्ता साफ़ करती थीं, ताकि जब उनके सुकोमल प्रभु राम उस रास्ते से आएं, तो उनके पैरों में वन का कोई काँटा या कंकड़ न चुभ जाए।
भजन में "मैं शबरी भीलनी की जाई" का क्या अर्थ है?
'भीलनी' का अर्थ है भील (एक आदिवासी) जाति की महिला, और 'जाई' का अर्थ है जन्मी हुई पुत्री। माता शबरी विनम्रतापूर्वक कहती हैं कि मैं एक साधारण भील परिवार में जन्मी हूँ, इसलिए मुझे पूजा-पाठ या भजन के कोई बड़े नियम नहीं आते, मुझे तो बस प्रभु से प्रेम करना आता है।
"रामा रामा रटते रटते बीती रे उमरिया" भजन रामायण के किस प्रसंग पर आधारित है?
यह अत्यंत मार्मिक भजन रामायण के 'शबरी प्रसंग' पर आधारित है। इसमें माता शबरी (जो मतंग ऋषि के आश्रम में रहती थीं) द्वारा भगवान श्री राम के दर्शन के लिए किए गए उनके जीवन भर के लंबे इंतज़ार और अटूट भक्ति का वर्णन किया गया है।
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Categories: Pad, Ramayan Prasang, Ram Ji
Deity: Shri Ram
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मोहित तरकरMohit Tarkar
संस्थापक एवं मुख्य संपादक • Founder & Chief Editor
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