हमारे साथ श्री रघुनाथ तो, किस बात की चिंता (राम भजन) लिरिक्स
Hamare Sath Shri Raghunath To Kis Baat Ki Chinta Lyrics
Sanatan Dictionary: Tap on any difficult word in the lyrics to instantly know its spiritual meaning! ✨

अर्थ (Bhavarth)
Read the most authentic and complete Hamare Sath Shri Raghunath To Kis Baat Ki Chinta Lyrics (हमारे साथ श्री रघुनाथ तो, किस बात की चिंता (राम भजन) लिरिक्स) lyrics. This divine pad dedicated to Shri Ram is presented in pristine Devanagari and English (Romanized) scripts. Using our advanced transliteration tool, you can instantly convert these lyrics into 8+ Indian languages including Gujarati, Bengali, Kannada, and Telugu. Scroll up to read the complete Bhavarth (meaning) to deeply understand the spiritual essence of this composition. You can also use the free PDF download feature to save these lyrics for your daily offline Puja, Aarti, and Satsang.
यहाँ आप हमारे साथ श्री रघुनाथ तो, किस बात की चिंता (राम भजन) लिरिक्स के संपूर्ण और शुद्ध पाठ का आनंद ले सकते हैं। हमारी वेबसाइट पर आप इस पद को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बंगाली और अन्य 6 भारतीय भाषाओं में पढ़ सकते हैं।इस रचना के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए आप ऊपर इसका 'भावार्थ' (अर्थ) भी पढ़ सकते हैं। दैनिक पूजा और सत्संग के लिए आप इसका PDF (पीडीएफ) मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।
Frequently Asked Questions
"हमारे साथ श्री रघुनाथ तो, किस बात की चिंता" भजन का मूल संदेश क्या है?
इस अत्यंत शांत और भावपूर्ण भजन का मूल संदेश 'पूर्ण शरणागति' (Surrender to God) है। यह सिखाता है कि जब मनुष्य अपना सर्वस्व भगवान श्री राम को सौंप देता है, तो उसे सांसारिक जीवन, मृत्यु या भविष्य की कोई चिंता नहीं सताती, क्योंकि स्वयं ईश्वर उसकी ज़िम्मेदारी ले लेते हैं।
"विभीषण को अभय वर दे किया, लंकेश पल भर में" का क्या अर्थ है?
यह रामायण के उस प्रसंग की ओर इशारा है जब रावण द्वारा अपमानित किए जाने के बाद विभीषण श्री राम की शरण में आए थे। भगवान राम ने उन्हें न केवल अपनी शरण में लिया, बल्कि उन्हें 'अभय' (निडर) कर दिया और पल भर में उन्हें 'लंकेश' (लंका के भावी राजा) की उपाधि दे दी थी।
इस लोकप्रिय राम भजन को विशेष रूप से किस संत ने पहचान दिलाई है?
यद्यपि यह एक पारंपरिक भजन है जिसे कई गायकों ने गाया है, लेकिन इसे घर-घर में सबसे अधिक लोकप्रियता सुप्रसिद्ध रामकथा वाचक पूज्य श्री प्रेमभूषण जी महाराज के श्रीमुख से गाए जाने के बाद मिली है।
Related Tags
Categories: Pad, Ram Ji, Ramayan Prasang
Deity: Shri Ram
Community Comments (0)
Be the first to share your devotion here.

मोहित तरकरMohit Tarkar
संस्थापक एवं मुख्य संपादक • Founder & Chief Editor
धार्मिक सटीकता और भाषाई शुद्धता के लिए प्रमाणित। प्रामाणिक सनातन धर्म साहित्य के संरक्षण के लिए समर्पित।
Fact-checked for religious accuracy and linguistic purity. Dedicated to preserving authentic Sanatan Dharma literature.