ओ पालनहारे, निर्गुण और न्यारे (प्रार्थना) लिरिक्स - लता मंगेशकर
O Paalanhaare Nirgun Aur Nyaare Lyrics - Lata Mangeshkar (Prarthana)
Sanatan Dictionary: Tap on any difficult word in the lyrics to instantly know its spiritual meaning! ✨

अर्थ (Bhavarth)
Read the most authentic and complete O Paalanhaare Nirgun Aur Nyaare Lyrics - Lata Mangeshkar (Prarthana) (ओ पालनहारे, निर्गुण और न्यारे (प्रार्थना) लिरिक्स - लता मंगेशकर) lyrics. This divine filmi tarz bhajan dedicated to Shri Krishna is presented in pristine Devanagari and English (Romanized) scripts. Using our advanced transliteration tool, you can instantly convert these lyrics into 8+ Indian languages including Gujarati, Bengali, Kannada, and Telugu. Scroll up to read the complete Bhavarth (meaning) to deeply understand the spiritual essence of this composition. You can also use the free PDF download feature to save these lyrics for your daily offline Puja, Aarti, and Satsang.
यहाँ आप ओ पालनहारे, निर्गुण और न्यारे (प्रार्थना) लिरिक्स - लता मंगेशकर के संपूर्ण और शुद्ध पाठ का आनंद ले सकते हैं। हमारी वेबसाइट पर आप इस फ़िल्मी तर्ज भजन को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बंगाली और अन्य 6 भारतीय भाषाओं में पढ़ सकते हैं।इस रचना के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए आप ऊपर इसका 'भावार्थ' (अर्थ) भी पढ़ सकते हैं। दैनिक पूजा और सत्संग के लिए आप इसका PDF (पीडीएफ) मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।
Frequently Asked Questions
"ओ पालनहारे, निर्गुण और न्यारे" प्रार्थना किस फिल्म की है और इसे किसने गाया है?
यह अत्यंत भावपूर्ण और लोकप्रिय प्रार्थना वर्ष 2001 में आई ब्लॉकबस्टर हिंदी फिल्म 'लगान' (Lagaan) की है। इस मधुर प्रार्थना को स्वर कोकिला लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) जी और उदित नारायण (Udit Narayan) जी ने अपनी आवाज़ दी है। इसका संगीत ए.आर. रहमान ने दिया है और बोल जावेद अख्तर ने लिखे हैं।
प्रार्थना में प्रयुक्त शब्द "निर्गुण और न्यारे" का क्या अर्थ है?
'निर्गुण' का अर्थ है जो सांसारिक गुणों (सत्व, रज, तम) से परे है, जिसका कोई एक निश्चित आकार या सीमा नहीं है (निराकार)। 'न्यारे' का अर्थ है सबसे अलग, अनूठा और श्रेष्ठ। यहाँ ईश्वर को परम शक्तिमान और अद्वितीय कहकर पुकारा गया है।
"भक्ति को शक्ति दो" से भक्त का क्या तात्पर्य है?
कठिन समय और संकट की घड़ी में इंसान का मन विचलित होने लगता है और उसका ईश्वर पर से विश्वास डगमगा सकता है। इसलिए भक्त प्रार्थना करता है कि हे प्रभु! हमारी 'भक्ति को शक्ति दो', अर्थात हमें इतनी आत्मिक शक्ति और धैर्य प्रदान करो कि दुख की घड़ी में भी हमारी भक्ति और विश्वास कभी न टूटे।
Related Tags
Categories: Filmi Tarz Bhajan, Krishna Bhajan
Deity: Shri Krishna
Community Comments (0)
Be the first to share your devotion here.

मोहित तरकरMohit Tarkar
संस्थापक एवं मुख्य संपादक • Founder & Chief Editor
धार्मिक सटीकता और भाषाई शुद्धता के लिए प्रमाणित। प्रामाणिक सनातन धर्म साहित्य के संरक्षण के लिए समर्पित।
Fact-checked for religious accuracy and linguistic purity. Dedicated to preserving authentic Sanatan Dharma literature.