Shri Radha-KrishnaBraj RasKrishna Bhajan

राधा रानी को कन्हैया बड़ो प्यारो (ब्रज रस) कृष्ण भजन लिरिक्स

Radha Rani Ko Kanhaiya Bado Pyaro Lyrics - Indresh Ji Maharaj

Location: श्री धाम वृंदावन (Shri Dham Vrindavan)
HINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARI

राधा रानी को कन्हैया बड़ो प्यारो (ब्रज रस) कृष्ण भजन लिरिक्स

RADHA RANI KO KANHAIYA BADO PYARO LYRICS INDRESH JI MAHARAJ

राधा रानी को, श्यामा प्यारी को, राधा रानी को कन्हैया बड़ो प्यारो, मनमोहन मुरली वारो॥ घर-घर माखन जाए चुरावे, माखन खाए, दही फैलावे। माखन-चोरी हू पे लागे बड़ो प्यारो, मनमोहन मुरली वारो॥ पनघट पे जल भरन न देवें, गागर भरी शीश लुढ़कावे। गागर फोरे हू पे लागे बड़ो प्यारो, मनमोहन मुरली वारो॥ गली सांकरी घेरे नित ही, दधि को दान ले बरबस ही। लूटे मटकी हू पे लागे बड़ो प्यारो, मनमोहन मुरली वारो॥ कुंज गलिन में जो मिल जावे, बैयाँ पकड़ के रार मचावे। रार करत पे लागे बड़ो प्यारो, मनमोहन मुरली वारो॥

Downloaded from

Hindi Bhajan Manjari

राधा रानी को, श्यामा प्यारी को, राधा रानी को कन्हैया बड़ो प्यारो, मनमोहन मुरली वारो॥

घर-घर माखन जाए चुरावे, माखन खाए, दही फैलावे। माखन-चोरी हू पे लागे बड़ो प्यारो, मनमोहन मुरली वारो॥

Advertisement

पनघट पे जल भरन न देवें, गागर भरी शीश लुढ़कावे। गागर फोरे हू पे लागे बड़ो प्यारो, मनमोहन मुरली वारो॥

गली सांकरी घेरे नित ही, दधि को दान ले बरबस ही। लूटे मटकी हू पे लागे बड़ो प्यारो, मनमोहन मुरली वारो॥

कुंज गलिन में जो मिल जावे, बैयाँ पकड़ के रार मचावे। रार करत पे लागे बड़ो प्यारो, मनमोहन मुरली वारो॥

राधा रानी को कन्हैया बड़ो प्यारो (ब्रज रस) कृष्ण भजन लिरिक्स Video

अर्थ (Bhavarth)

जय श्री राधे! पूज्य श्री इन्द्रेश जी महाराज की सुमधुर आवाज़ में गाया गया यह ब्रज रस का भजन "राधा रानी को कन्हैया बड़ो प्यारो" अत्यंत ही नटखट और प्यारा है। कान्हा की हर शरारत (माखन चोरी, मटकी फोड़ना) के बावजूद श्री राधा रानी का उनके प्रति जो अगाध प्रेम है, वह इस भजन में बहुत ही मनमोहक ढंग से दर्शाया गया है। यह अत्यंत मधुर 'ब्रज रस' भजन भगवान श्री कृष्ण (कन्हैया) की बाल लीलाओं और श्री राधा रानी के उनके प्रति अनन्य प्रेम का वर्णन करता है: 1. शरारतों के बावजूद कान्हा सबसे प्यारे: भजन के मुख्य भाग में भक्त कहता है कि हमारे मन को मोह लेने वाले और मुरली बजाने वाले (मनमोहन मुरली वारो) कन्हैया चाहे जितनी शरारत कर लें, लेकिन फिर भी वे श्यामा प्यारी (राधा रानी) को सबसे अधिक प्यारे लगते हैं। 2. माखन चोरी और पनघट की लीला: कान्हा गोकुल के घर-घर में जाकर माखन चुराते हैं, खुद खाते हैं और ज़मीन पर दही फैला देते हैं। इसके बावजूद उनकी यह 'माखन-चोरी' भी राधा जी को बहुत प्यारी लगती है। वे गोपियों को पनघट पर पानी नहीं भरने देते और उनके सिर (शीश) से पानी की भरी हुई गागर (मटकी) लुढ़का कर फोड़ देते हैं। मटकी फोड़ने वाले कन्हैया भी राधा रानी को बहुत भाते हैं। 3. दान लीला और रार मचाना: बरसाने की तंग (सांकरी) गलियों में कन्हैया गोपियों का रास्ता रोक लेते हैं और ज़बरदस्ती (बरबस ही) उनसे दही का 'दान' (टैक्स) माँगते हैं। कुंज गलियों में यदि राधा जी मिल जाएँ, तो कन्हैया उनकी कलाई (बैयाँ) पकड़ कर नटखट झगड़ा (रार) करने लगते हैं। कान्हा की यह मीठी तकरार भी राधा रानी को दुनिया में सबसे अधिक प्यारी लगती है।

Read the most authentic and complete Radha Rani Ko Kanhaiya Bado Pyaro Lyrics - Indresh Ji Maharaj (राधा रानी को कन्हैया बड़ो प्यारो (ब्रज रस) कृष्ण भजन लिरिक्स) lyrics. Popularized by Shri Indresh Upadhyay, this divine braj ras dedicated to Shri Radha-Krishna is presented in pristine Devanagari and English (Romanized) scripts. Using our advanced transliteration tool, you can instantly convert these lyrics into 8+ Indian languages including Gujarati, Bengali, Kannada, and Telugu. Scroll up to read the complete Bhavarth (meaning) to deeply understand the spiritual essence of this composition. You can also use the free PDF download feature to save these lyrics for your daily offline Puja, Aarti, and Satsang.

यहाँ आप राधा रानी को कन्हैया बड़ो प्यारो (ब्रज रस) कृष्ण भजन लिरिक्स के संपूर्ण और शुद्ध पाठ का आनंद ले सकते हैं। हमारी वेबसाइट पर आप इस ब्रज रस को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बंगाली और अन्य 6 भारतीय भाषाओं में पढ़ सकते हैं।इस रचना के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए आप ऊपर इसका 'भावार्थ' (अर्थ) भी पढ़ सकते हैं। दैनिक पूजा और सत्संग के लिए आप इसका PDF (पीडीएफ) मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions

"राधा रानी को कन्हैया बड़ो प्यारो" भजन में कान्हा की किन लीलाओं का वर्णन है?

इस अत्यंत मधुर ब्रज रस भजन में भगवान श्री कृष्ण की नटखट बाल लीलाओं का वर्णन है, जिनमें मुख्य रूप से उनकी 'माखन चोरी लीला', पनघट पर गोपियों की 'मटकी फोड़ना', तंग गलियों में 'दही का दान' (टैक्स) माँगना और राधा रानी की कलाई पकड़कर मीठी तकरार (रार) करना शामिल है।

"दधि को दान ले बरबस ही" का क्या अर्थ है?

'दधि' का अर्थ है दही और 'बरबस' का अर्थ है ज़बरदस्ती। ब्रज की लीलाओं के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण अपने सखाओं के साथ तंग (सांकरी) गलियों में गोपियों का रास्ता रोक लेते थे और आगे जाने देने के बदले में ज़बरदस्ती उनसे उनके माखन और दही का 'दान' (कर या टैक्स) माँगते थे। इसे ब्रज में 'दान लीला' कहा जाता है।

इस भजन को किस प्रसिद्ध कथावाचक ने गाया है?

राधा-कृष्ण के निश्छल प्रेम और ब्रज की मीठी लीलाओं से भरे इस भजन को प्रसिद्ध संत और कथावाचक पूज्य श्री इन्द्रेश जी महाराज ने अपनी अत्यंत सुमधुर और भावपूर्ण आवाज़ में गाया है।

Categories: Braj Ras, Krishna Bhajan

Deity: Shri Radha-Krishna

Community Comments (0)

Be the first to share your devotion here.

Mohit Tarkar
Verified Publisher
प्रमाणित प्रकाशक | Verified Publisher

मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

धार्मिक सटीकता और भाषाई शुद्धता के लिए प्रमाणित। प्रामाणिक सनातन धर्म साहित्य के संरक्षण के लिए समर्पित।

Fact-checked for religious accuracy and linguistic purity. Dedicated to preserving authentic Sanatan Dharma literature.