Shri HanumanFilmi Tarz BhajanRamayan PrasangHanuman JiHanuman Janmotsav SpecialMangalvaar Bhajan

साँचो बालाजी तुम्हारो दरबार है (मेहंदीपुर बालाजी) भजन लिरिक्स

Saacho Balaji Tumharo Darbar Hai Lyrics (Aake Dhara Pe Dhara Roop)

Location: बुंदेलखंड
Sponsored

तर्ज: O Phirki Wali Tu Kal Phir Aana

HINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARI

साँचो बालाजी तुम्हारो दरबार है (मेहंदीपुर बालाजी) भजन लिरिक्स

SAACHO BALAJI TUMHARO DARBAR HAI LYRICS AAKE DHARA PE DHARA ROOP

आ के धरा पे, धरा रूप हरि ने, बन आए महावीर हरि। एक तन में, दो तन को संभाले, आ के हरि की पीर हरी॥ शंकर स्वयं, केसरी-नंदन, कलि के कष्ट निवारे। हरि के प्यारे, सिया के दुलारे, सदा ही जयकारे लगाए संसार है, साँचो बालाजी तुम्हारो दरबार है॥ लागी ललक लाल को, लाल लख के, लाल-लाल मुख धार लिया। दिनकर भी दिन कर न पाते, पवन देव आधार लिया॥ मान पाए, हनुमान कहाए, कपि को डुग दिखलाए। बजरंगी, सुमति के संगी, राम-रसरंगी, सो महिमा अपार है, साँचो बालाजी तुम्हारो दरबार है॥ लेटे कहीं माँ के संग में, कहीं पर माँ को भी सुख पाते हैं। बालरूप घाटा, मेंहदीपुर में, लीला अजब दिखाते हैं॥ विमल विनोदी, जान सके न कोई, जानन हारे। मन को भाई, हुई जब खुदाई, मति चकराई, पाया भी नहीं पार है, साँचो बालाजी तुम्हारो दरबार है॥

Downloaded from

Hindi Bhajan Manjari

आ के धरा पे, धरा रूप हरि ने, बन आए महावीर हरि। एक तन में, दो तन को संभाले, आ के हरि की पीर हरी॥

शंकर स्वयं, केसरी-नंदन, कलि के कष्ट निवारे। हरि के प्यारे, सिया के दुलारे, सदा ही जयकारे लगाए संसार है, साँचो बालाजी तुम्हारो दरबार है॥

लागी ललक लाल को, लाल लख के, लाल-लाल मुख धार लिया। दिनकर भी दिन कर न पाते, पवन देव आधार लिया॥

मान पाए, हनुमान कहाए, कपि को डुग दिखलाए। बजरंगी, सुमति के संगी, राम-रसरंगी, सो महिमा अपार है, साँचो बालाजी तुम्हारो दरबार है॥

लेटे कहीं माँ के संग में, कहीं पर माँ को भी सुख पाते हैं। बालरूप घाटा, मेंहदीपुर में, लीला अजब दिखाते हैं॥

विमल विनोदी, जान सके न कोई, जानन हारे। मन को भाई, हुई जब खुदाई, मति चकराई, पाया भी नहीं पार है, साँचो बालाजी तुम्हारो दरबार है॥

साँचो बालाजी तुम्हारो दरबार है (मेहंदीपुर बालाजी) भजन लिरिक्स Video
Sponsored

अर्थ (Bhavarth)

यह भजन श्री हनुमान जी के अवतरण और राजस्थान के 'श्री मेहंदीपुर बालाजी धाम' के प्राकट्य का बहुत ही सुंदर और काव्यात्मक वर्णन करता है: 1. हरि ने हरी हरि की पीर (शिव का अवतार): भजन की शुरुआती पंक्तियों में अद्भुत यमक अलंकार है। भगवान शिव (हर/हरि) ने पृथ्वी (धरा) पर वानर (हरि) का रूप धारण किया और 'महावीर' कहलाए। उन्होंने एक ही तन में दो शक्तियों (शिव और रुद्र) को संभाला और आकर भगवान विष्णु/राम (हरि) की पीड़ा (पीर) को दूर किया (हरी)। स्वयं शंकर ही केसरी-नंदन बनकर कलयुग के कष्ट दूर कर रहे हैं। 2. सूर्य को निगलना (लाल लख के): बालपन में जब हनुमान जी (लाल) ने उगते हुए लाल सूर्य को देखा (लख के), तो उन्हें वह एक मीठा फल लगा। वे उड़कर गए और सूर्य को अपने मुख में रख लिया। सूर्य देव (दिनकर) अपना प्रकाश (दिन) नहीं कर पा रहे थे। तब इंद्र के प्रहार से उनकी ठुड्डी (हनु) टूट गई और वे 'हनुमान' कहलाए। 3. मेहंदीपुर धाम में प्राकट्य (खुदाई की लीला): भजन के अंतिम भाग में 'श्री मेहंदीपुर बालाजी धाम' (घाटा मेहंदीपुर) की महिमा है। यहाँ बालाजी अपने 'बालरूप' में विराजमान हैं और अद्भुत लीलाएँ दिखाते हैं। जब सैकड़ों वर्ष पूर्व पहाड़ी पर खुदाई (खोज) हुई थी, तब बालाजी की यह स्वयंभू मूर्ति चट्टान से प्रकट हुई थी। उस मूर्ति की गहराई का आज तक कोई पार नहीं पा सका है, जिससे विज्ञान और जानकारों की मति (बुद्धि) भी चकरा जाती है। सचमुच, बालाजी का दरबार सबसे सच्चा है।

Read the most authentic and complete Saacho Balaji Tumharo Darbar Hai Lyrics (Aake Dhara Pe Dhara Roop) (साँचो बालाजी तुम्हारो दरबार है (मेहंदीपुर बालाजी) भजन लिरिक्स) lyrics. Popularized by Ram Kishore Mukhiya, this divine filmi tarz bhajan dedicated to Shri Hanuman is presented in pristine Devanagari and English (Romanized) scripts. Using our advanced transliteration tool, you can instantly convert these lyrics into 8+ Indian languages including Gujarati, Bengali, Kannada, and Telugu. Scroll up to read the complete Bhavarth (meaning) to deeply understand the spiritual essence of this composition. You can also use the free PDF download feature to save these lyrics for your daily offline Puja, Aarti, and Satsang.

यहाँ आप साँचो बालाजी तुम्हारो दरबार है (मेहंदीपुर बालाजी) भजन लिरिक्स के संपूर्ण और शुद्ध पाठ का आनंद ले सकते हैं। हमारी वेबसाइट पर आप इस फ़िल्मी तर्ज भजन को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बंगाली और अन्य 6 भारतीय भाषाओं में पढ़ सकते हैं।इस रचना के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए आप ऊपर इसका 'भावार्थ' (अर्थ) भी पढ़ सकते हैं। दैनिक पूजा और सत्संग के लिए आप इसका PDF (पीडीएफ) मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions

यह पंक्ति बहुत ही गहरे काव्यात्मक अर्थ (यमक अलंकार) से परिपूर्ण है। इसका अर्थ है कि भगवान शिव (हरि) ने पृथ्वी (धरा) पर वानर (हरि) का रूप धारण किया और भगवान विष्णु/राम (हरि) की पीड़ा और कष्टों (पीर) को दूर किया (हरी)।

यह पंक्ति बहुत ही गहरे काव्यात्मक अर्थ (यमक अलंकार) से परिपूर्ण है। इसका अर्थ है कि भगवान शिव (हरि) ने पृथ्वी (धरा) पर वानर (हरि) का रूप धारण किया और भगवान विष्णु/राम (हरि) की पीड़ा और कष्टों (पीर) को दूर किया (हरी)।

"हुई जब खुदाई, मति चकराई, पाया भी नहीं पार है" किस प्रसंग पर आधारित है?

यह पंक्ति राजस्थान के दौसा ज़िले में स्थित 'श्री मेहंदीपुर बालाजी धाम' के प्राकट्य से जुड़ी है। मान्यता है कि यहाँ बालाजी की मूर्ति किसी ने बनाई नहीं है, बल्कि वह अरावली पर्वत की चट्टान से स्वयं प्रकट हुई है। जब लोगों ने इस मूर्ति के अंतिम छोर को जानने के लिए खुदाई की, तो वे गहराई नापते-नापते थक गए लेकिन मूर्ति का कोई अंत (पार) नहीं मिला।

बालरूप घाटा (मेहंदीपुर) किसे कहा जाता है?

राजस्थान के मेहंदीपुर में स्थित श्री बालाजी के मंदिर को 'घाटे वाले बालाजी' (पहाड़ी की घाटी में स्थित होने के कारण) कहा जाता है। यहाँ श्री हनुमान जी अपने 'बाल स्वरूप' में विराजमान हैं।

Categories: Filmi Tarz Bhajan, Ramayan Prasang, Hanuman Ji, Hanuman Janmotsav Special, Mangalvaar Bhajan

Deity: Shri Hanuman

Community Comments (0)

Be the first to share your devotion here.

Mohit Tarkar
Verified Publisher
प्रमाणित प्रकाशक | Verified Publisher

मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

धार्मिक सटीकता और भाषाई शुद्धता के लिए प्रमाणित। प्रामाणिक सनातन धर्म साहित्य के संरक्षण के लिए समर्पित।

Fact-checked for religious accuracy and linguistic purity. Dedicated to preserving authentic Sanatan Dharma literature.