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खुशियों से झूमे मन सारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे (हनुमान जन्मोत्सव) लिरिक्स

Khusiyon Se Jhoome Man Sare Lyrics - Hanuman Janmotsav Badhai Geet

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तर्ज: लाला की सुन के में आई

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खुशियों से झूमे मन सारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे (हनुमान जन्मोत्सव) लिरिक्स

KHUSIYON SE JHOOME MAN SARE LYRICS HANUMAN JANMOTSAV BADHAI GEET

खुशियों से झूमे मन सारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। महलों में गूंजे जयकारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। खुशियों से झूमे मन सारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। चैत्र मास पूनम अलबेला, चतुर्दशी तिथि मंगल बेला। भोर के चमके हैं तारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। खुशियों से झूमे मन सारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। महलों में गूंजे जयकारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। माँ अंजनी ने लाल है ज्याये, राजा केसरी अति हरषाये। बाजे शंख नगाड़े, के जन्मे है हनुमान प्यारे। खुशियों से झूमे मन सारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। महलों में गूंजे जयकारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। रेशम की डोरी चन्दन का पलना, जुग जुग जीवे अंजनी का ललना। जग में करें उजियारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। खुशियों से झूमे मन सारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। महलों में गूंजे जयकारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। कोटि सूर्य सा मुखड़ा चमके, अंग अंग से अति बल दमके। चंचल नैना मतवारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। खुशियों से झूमे मन सारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। महलों में गूंजे जयकारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। रूद्र ग्यारहवे शिव अवतारी, मोहक छवि पर जग बलिहारी। रूप कपीस का धारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। खुशियों से झूमे मन सारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। महलों में गूंजे जयकारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। चारों दिशाएं मंगल गावे, सुर नर नारी दरशन पावें। सजे है गाँव चौबारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। खुशियों से झूमे मन सारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। महलों में गूंजे जयकारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे।

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खुशियों से झूमे मन सारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। महलों में गूंजे जयकारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। खुशियों से झूमे मन सारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे।

चैत्र मास पूनम अलबेला, चतुर्दशी तिथि मंगल बेला। भोर के चमके हैं तारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। खुशियों से झूमे मन सारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। महलों में गूंजे जयकारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे।

माँ अंजनी ने लाल है ज्याये, राजा केसरी अति हरषाये। बाजे शंख नगाड़े, के जन्मे है हनुमान प्यारे। खुशियों से झूमे मन सारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। महलों में गूंजे जयकारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे।

रेशम की डोरी चन्दन का पलना, जुग जुग जीवे अंजनी का ललना। जग में करें उजियारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। खुशियों से झूमे मन सारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। महलों में गूंजे जयकारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे।

कोटि सूर्य सा मुखड़ा चमके, अंग अंग से अति बल दमके। चंचल नैना मतवारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। खुशियों से झूमे मन सारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। महलों में गूंजे जयकारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे।

रूद्र ग्यारहवे शिव अवतारी, मोहक छवि पर जग बलिहारी। रूप कपीस का धारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। खुशियों से झूमे मन सारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। महलों में गूंजे जयकारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे।

चारों दिशाएं मंगल गावे, सुर नर नारी दरशन पावें। सजे है गाँव चौबारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। खुशियों से झूमे मन सारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे। महलों में गूंजे जयकारे, के जन्मे है हनुमान प्यारे।

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अर्थ (Bhavarth)

यह अत्यंत उल्लासपूर्ण 'बधाई गीत' श्री हनुमान जी के जन्म के पावन अवसर का बहुत ही सजीव और आनंदमयी वर्णन करता है: 1. जन्म का शुभ समय और माता-पिता का हर्ष: भजन में बताया गया है कि चैत्र मास की पूर्णिमा (और चतुर्दशी की मंगल बेला) को भोर के समय (सुबह-सुबह) जब तारे चमक रहे थे, तब हनुमान जी का जन्म हुआ। माता अंजनी ने एक प्यारे से लाल को जन्म दिया है, जिसे देखकर पिता राजा केसरी अत्यंत हर्षित (प्रसन्न) हो रहे हैं। किष्किंधा के महलों में शंख और नगाड़े बज रहे हैं और हर तरफ जयकारे गूँज रहे हैं। 2. बाल स्वरूप का मनमोहक वर्णन: रेशम की डोरी से बंधे चंदन के सुंदर पलने में माता अंजनी का लाडला झूल रहा है। बाल हनुमान का मुख करोड़ों सूर्यों (कोटि सूर्य) के समान चमक रहा है और उनके अंग-अंग से अपार बल झलक रहा है। उनकी चंचल और मतवाली आँखें हर किसी का मन मोह रही हैं। 3. ग्यारहवें रुद्रावतार का अवतरण: कवि कहते हैं कि यह बालक कोई साधारण वानर नहीं, बल्कि साक्षात् भगवान शिव के 'ग्यारहवें रुद्रावतार' हैं, जिन्होंने वानर (कपीस) का रूप धारण किया है। उनके जन्म पर स्वर्ग के देवता (सुर), मनुष्य (नर-नारी) सभी दर्शन पाने के लिए लालायित हैं और चारों दिशाओं में मंगल गीत गाए जा रहे हैं।

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Frequently Asked Questions

हनुमान जी का जन्म किस तिथि और नक्षत्र में हुआ था?

हिंदू पंचांग और पौराणिक मान्यताओं (तथा इस भजन) के अनुसार, श्री हनुमान जी का जन्म चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को मंगलवार के दिन भोर (सुबह) के समय हुआ था। कुछ मान्यताओं में कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को भी इनका अवतरण दिवस माना जाता है।

भजन में बाल हनुमान को "रुद्र ग्यारहवे शिव अवतारी" क्यों कहा गया है?

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान शिव के कुल ग्यारह (11) रुद्र रूप माने गए हैं। श्री हनुमान जी उन्हीं भगवान शिव के ग्यारहवें अंश (रुद्रावतार) हैं। श्री राम की सेवा करने के लिए ही महादेव ने वानर (कपीस) के रूप में यह अवतार लिया था।

"कोटि सूर्य सा मुखड़ा चमके" से कवि का क्या तात्पर्य है?

'कोटि' का अर्थ है करोड़। जन्म के समय बाल हनुमान जी का तेज और ओज इतना अधिक था कि उनका मुख करोड़ों सूर्यों के समान प्रकाशमान और चमकदार लग रहा था। यह उनके असीम बल और दैवीय स्वरूप को दर्शाता है।

Categories: Welcome Song, Hanuman Ji, Hanuman Janmotsav Special, Mangalvaar Bhajan

Deity: Shri Hanuman

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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