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खुश होंगे हनुमान, राम-राम किए जा (लक्खा भजन) लिरिक्स

Khush Honge Hanuman Ram Ram Kiye Jaa Lyrics - Lakhbir Singh Lakkha

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खुश होंगे हनुमान, राम-राम किए जा (लक्खा भजन) लिरिक्स

KHUSH HONGE HANUMAN RAM RAM KIYE JAA LYRICS LAKHBIR SINGH LAKKHA

सुबह-शाम आठों याम, यही नाम लिए जा, तू सुबह-शाम आठों याम, यही नाम लिए जा। खुश होंगे हनुमान, राम-राम किए जा, खुश होंगे हनुमान, राम-राम किए जा। लिखा था राम नाम जो, पत्थर भी तर गए, लिखा था राम नाम जो, पत्थर भी तर गए, किए राम से जो बैर, जीते जी वो मर गए, जीते जी वो मर गए, जीते जी वो मर गए। राम नाम की धुन पे नाचे, हो कर के मतवाला, बजरंगी सा इस दुनिया में, कोई ना देखा भाला। जो भी हनुमत के दर पे आता, उसका संकट टाला, मुख में राम तन में राम, जपे राम नाम की माला। लिखा था राम नाम जो, पत्थर भी तर गए, लिखा था राम नाम जो, पत्थर भी तर गए, किए राम से जो बैर, जीते जी वो मर गए, जीते जी वो मर गए, जीते जी वो मर गए। बस नाम का रसपान ऐ इंसान किए जा, तू नाम का रसपान ऐ इंसान किए जा। खुश होंगे हनुमान, राम-राम किए जा... जहाँ राम का कीर्तन, वहीं हनुमान जति हो, वहीं हनुमान जति हो, वहीं हनुमान जति हो। गोदी में गणपति को ले, शिव-पार्वती हो, शिव-पार्वती हो, हाँ शिव-पार्वती हो। सियाराम की कृपा से, सौ साल जिए जा तू, सियाराम की दया से, सौ साल जिए जा। खुश होंगे हनुमान, राम-राम किए जा... जिस पे दया श्री राम की, बांका ना बाल हो, बांका ना बाल हो, हाँ बांका ना बाल हो, उसका सहायी लक्खा, अंजनी का लाल हो, अंजनी का लाल हो, हाँ अंजनी का लाल हो। राजपाल तू हर हाल में, जयकार किए जा, राजपाल तू हर हाल में, जयकार किए जा। खुश होंगे हनुमान, राम-राम किए जा... सुबह-शाम आठों याम, यही नाम लिए जा, तू सुबह-शाम आठों याम, यही नाम लिए जा। खुश होंगे हनुमान, राम-राम किए जा, खुश होंगे हनुमान, राम-राम किए जा।

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Hindi Bhajan Manjari

सुबह-शाम आठों याम, यही नाम लिए जा, तू सुबह-शाम आठों याम, यही नाम लिए जा। खुश होंगे हनुमान, राम-राम किए जा, खुश होंगे हनुमान, राम-राम किए जा।

लिखा था राम नाम जो, पत्थर भी तर गए, लिखा था राम नाम जो, पत्थर भी तर गए, किए राम से जो बैर, जीते जी वो मर गए, जीते जी वो मर गए, जीते जी वो मर गए।

राम नाम की धुन पे नाचे, हो कर के मतवाला, बजरंगी सा इस दुनिया में, कोई ना देखा भाला। जो भी हनुमत के दर पे आता, उसका संकट टाला, मुख में राम तन में राम, जपे राम नाम की माला।

लिखा था राम नाम जो, पत्थर भी तर गए, लिखा था राम नाम जो, पत्थर भी तर गए, किए राम से जो बैर, जीते जी वो मर गए, जीते जी वो मर गए, जीते जी वो मर गए।

बस नाम का रसपान ऐ इंसान किए जा, तू नाम का रसपान ऐ इंसान किए जा। खुश होंगे हनुमान, राम-राम किए जा...

जहाँ राम का कीर्तन, वहीं हनुमान जति हो, वहीं हनुमान जति हो, वहीं हनुमान जति हो। गोदी में गणपति को ले, शिव-पार्वती हो, शिव-पार्वती हो, हाँ शिव-पार्वती हो। सियाराम की कृपा से, सौ साल जिए जा तू, सियाराम की दया से, सौ साल जिए जा। खुश होंगे हनुमान, राम-राम किए जा...

जिस पे दया श्री राम की, बांका ना बाल हो, बांका ना बाल हो, हाँ बांका ना बाल हो, उसका सहायी लक्खा, अंजनी का लाल हो, अंजनी का लाल हो, हाँ अंजनी का लाल हो। राजपाल तू हर हाल में, जयकार किए जा, राजपाल तू हर हाल में, जयकार किए जा। खुश होंगे हनुमान, राम-राम किए जा...

सुबह-शाम आठों याम, यही नाम लिए जा, तू सुबह-शाम आठों याम, यही नाम लिए जा। खुश होंगे हनुमान, राम-राम किए जा, खुश होंगे हनुमान, राम-राम किए जा।

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अर्थ (Bhavarth)

यह भजन हमें सिखाता है कि श्री हनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल और श्रेष्ठ मार्ग भगवान श्री राम का नाम जपना है: 1. आठों पहर राम-नाम और पत्थर भी तर गए: भक्तों को संदेश दिया गया है कि सुबह-शाम और आठों पहर (24 घंटे) केवल श्री राम का नाम लो, क्योंकि राम-नाम जपने से हनुमान जी सबसे अधिक प्रसन्न होते हैं। राम-नाम में इतनी शक्ति है कि जब पत्थरों पर 'राम' लिखा गया, तो वे भी समुद्र में तैर (तर) गए, और जिसने राम से दुश्मनी (बैर) की, वह जीते जी ही नष्ट हो गया। 2. जहाँ राम का कीर्तन, वहाँ हनुमान: मुख में और तन में राम को बसाने वाले बजरंगबली राम-नाम की धुन पर मतवाले होकर नाचते हैं। धार्मिक मान्यता है कि जहाँ भी भगवान श्री राम का कीर्तन या कथा होती है, वहाँ 'हनुमान जति' (ब्रह्मचारी हनुमान) साक्षात् मौजूद होते हैं, और उनके साथ भगवान शिव, माता पार्वती और श्री गणेश जी भी सूक्ष्म रूप में विराजमान होते हैं। 3. राम की कृपा और हनुमान जी की सहायता: भजन के अंत में कहा गया है कि जिस मनुष्य पर भगवान श्री राम की दया हो जाती है, उसका कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता। उस व्यक्ति के सहायक स्वयं माता अंजनी के लाल (श्री हनुमान जी) बन जाते हैं। इसलिए इंसान को हर हाल में केवल राम-नाम का रसपान करना चाहिए।

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Frequently Asked Questions

भजन में "जहाँ राम का कीर्तन, वहीं हनुमान जति हो" का क्या अर्थ है?

जति' का अर्थ है इंद्रियों को वश में रखने वाला ब्रह्मचारी। हिंदू धर्म में यह एक अटल मान्यता है कि इस धरती पर जहाँ कहीं भी भगवान श्री राम का कीर्तन, गुणगान या रामायण पाठ होता है, वहाँ श्री हनुमान जी किसी न किसी रूप में सूक्ष्म रूप से उपस्थित होकर कथा अवश्य सुनते हैं।

"खुश होंगे हनुमान राम-राम किए जा" भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इस भजन का मुख्य संदेश यह है कि श्री हनुमान जी की कृपा और उन्हें प्रसन्न करने का सबसे सरल उपाय भगवान श्री राम के नाम का सुमिरन करना है। जो भक्त सच्चे मन से 'राम-नाम' जपता है, संकट मोचन हनुमान जी स्वतः ही उसके सारे कष्ट हर लेते हैं।

"लिखा था राम नाम जो, पत्थर भी तर गए" किस घटना का संदर्भ है?

यह रामायण में 'राम सेतु' के निर्माण की घटना का संदर्भ है। लंका जाने के लिए जब समुद्र पर पुल बनाया जा रहा था, तब वानर सेना ने पत्थरों पर 'श्री राम' का नाम लिखकर पानी में डाला था, और राम-नाम की महिमा से वे भारी पत्थर भी पानी पर तैरने (तर) लगे थे।

Categories: Ramayan Prasang, Mangalvaar Bhajan, Ram Ji, Hanuman Janmotsav Special, Hanuman Ji

Deity: Shri Hanuman

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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