वीर हनुमाना अति बलवाना (राम नवमी विशेष) हनुमान भजन लिरिक्स - राज पारीक
Veer Hanumana Ati Balwana Lyrics - Raj Pareek (Ram Navami 2026)
एक हाथ में गदा विराजे, दूजे में खड़ताल, राम नाम रस बाँटे सबको, माँ अंजनी का लाल। आए कैसा भी संकट, तू बिल्कुल न घबराना। जिनके नाम से काँपे संकट, उनकी शरण में आना॥
वीर हनुमाना, अति बलवाना, राम-नाम रसियो रे, प्रभु मन बसियो रे॥
जो कोई आवे, अरज लगावे, सबकी सुनियो रे, प्रभु मन बसियो रे॥
बजरंग बाला, फेरूँ थारी माला, संकट हरियो रे, प्रभु मन बसियो रे॥
अर्जी हमारी, मर्ज़ी तुम्हारी, कृपा करियो रे, प्रभु मन बसियो रे॥
राम जी का प्यारा, सिया का दुलारा, मंगल करियो रे, प्रभु मन बसियो रे॥
मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्। वातात्मजं वानरयूथमुख्यं श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥ श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये, श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये, श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये॥

अर्थ (Bhavarth)
Read the most authentic and complete Veer Hanumana Ati Balwana Lyrics - Raj Pareek (Ram Navami 2026) (वीर हनुमाना अति बलवाना (राम नवमी विशेष) हनुमान भजन लिरिक्स - राज पारीक) lyrics. Popularized by Raj Pareek, this divine mangalvaar bhajan dedicated to Shri Hanuman is presented in pristine Devanagari and English (Romanized) scripts. Using our advanced transliteration tool, you can instantly convert these lyrics into 8+ Indian languages including Gujarati, Bengali, Kannada, and Telugu. Scroll up to read the complete Bhavarth (meaning) to deeply understand the spiritual essence of this composition. You can also use the free PDF download feature to save these lyrics for your daily offline Puja, Aarti, and Satsang.
यहाँ आप वीर हनुमाना अति बलवाना (राम नवमी विशेष) हनुमान भजन लिरिक्स - राज पारीक के संपूर्ण और शुद्ध पाठ का आनंद ले सकते हैं। हमारी वेबसाइट पर आप इस मंगलवार भजन को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बंगाली और अन्य 6 भारतीय भाषाओं में पढ़ सकते हैं।इस रचना के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए आप ऊपर इसका 'भावार्थ' (अर्थ) भी पढ़ सकते हैं। दैनिक पूजा और सत्संग के लिए आप इसका PDF (पीडीएफ) मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।
Frequently Asked Questions
"वीर हनुमाना अति बलवाना" भजन के गायक कौन हैं?
राम नवमी (2026) के शुभ अवसर पर रिलीज़ हुआ यह अत्यंत ऊर्जावान और झूमने वाला श्री हनुमान भजन प्रसिद्ध भजन गायक राज पारीक (Raj Pareek) द्वारा गाया गया है।
भजन की शुरुआत में "एक हाथ में गदा विराजे, दूजे में खड़ताल" का क्या आध्यात्मिक भाव है?
'गदा' बल और शक्ति का प्रतीक है, जिससे हनुमान जी दुष्टों और संकटों का नाश करते हैं। वहीं 'खड़ताल' (मंजीरा/वाद्ययंत्र) भगवान श्री राम के प्रति उनकी अनन्य भक्ति और कीर्तन का प्रतीक है। यह पंक्ति दर्शाती है कि हनुमान जी 'शक्ति और भक्ति' दोनों के सर्वोच्च संगम हैं।
भजन के अंत में गाए गए श्लोक "मनोजवं मारुततुल्यवेगं" का क्या अर्थ है?
यह 'श्री रामरक्षा स्तोत्र' का एक अत्यंत सिद्ध श्लोक है। इसका अर्थ है: "मैं उन श्री रामदूत हनुमान की शरण में जाता हूँ, जिनकी गति मन के समान तेज़ है, जिनका वेग वायु के समान है, जिन्होंने अपनी इंद्रियों को जीत लिया है और जो बुद्धिमानों में सबसे श्रेष्ठ (वरिष्ठ) हैं।"
Related Tags
Categories: Mangalvaar Bhajan, Ram Ji
Deity: Shri Hanuman
Community Comments (0)
Be the first to share your devotion here.

मोहित तरकरMohit Tarkar
संस्थापक एवं मुख्य संपादक • Founder & Chief Editor
धार्मिक सटीकता और भाषाई शुद्धता के लिए प्रमाणित। प्रामाणिक सनातन धर्म साहित्य के संरक्षण के लिए समर्पित।
Fact-checked for religious accuracy and linguistic purity. Dedicated to preserving authentic Sanatan Dharma literature.