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कलयुग में सिद्ध हो देव तुम ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना (लक्खा भजन) लिरिक्स

Hanuman Tumhara Kya Kehna Lyrics - Lakhbir Singh Lakkha (Kalyug Mein Siddh Ho)

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कलयुग में सिद्ध हो देव तुम ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना (लक्खा भजन) लिरिक्स

HANUMAN TUMHARA KYA KEHNA LYRICS LAKHBIR SINGH LAKKHA KALYUG MEIN SIDDH HO

कलयुग में सिद्ध हो देव तुम ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना। कलयुग में सिद्ध हो देव तुम ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना। तेरी भक्ति का क्या कहना, तेरी शक्ति का क्या कहना। तेरी भक्ति का क्या कहना, तेरी शक्ति का क्या कहना। कलयुग में सिद्ध हो देव तुम ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना। कलयुग में सिद्ध हो देव तुम ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना॥ सीता की खोज करी तुमने, तुम सात समंदर पार गए। सीता की खोज करी तुमने, तुम सात समंदर पार गए। लंका को, लंका को किया श्मशान प्रभु, बलवान तुम्हारा क्या कहना। लंका को किया श्मशान प्रभु, बलवान तुम्हारा क्या कहना। तेरी भक्ति का क्या कहना, तेरी शक्ति का क्या कहना। कलयुग में सिद्ध हो देव तुम ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना॥ जब लक्ष्मण जी को शक्ति लगी, तुम धौलागिरी पर्वत लाए। जब लक्ष्मण जी को शक्ति लगी, तुम धौलागिरी पर्वत लाए। लक्ष्मण के, लक्ष्मण के बचाए आ करके सब प्राण तुम्हारा क्या कहना। लक्ष्मण के बचाए आ करके सब प्राण तुम्हारा क्या कहना। तेरी भक्ति का क्या कहना, तेरी शक्ति का क्या कहना। कलयुग में सिद्ध हो देव तुम ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना॥ तुम भक्त शिरोमणि हो जग में, तुम वीर शिरोमणि हो जग में। तुम भक्त शिरोमणि हो जग में, तुम वीर शिरोमणि हो जग में। तेरे रोम-रोम में, तेरे रोम-रोम में बसते हैं सियाराम, तुम्हारा क्या कहना। तेरे रोम-रोम में बसते हैं सियाराम, तुम्हारा क्या कहना। तेरी भक्ति का क्या कहना, तेरी शक्ति का क्या कहना। कलयुग में सिद्ध हो देव तुम ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना॥ कलयुग में सिद्ध हो देव तुम ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना॥

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कलयुग में सिद्ध हो देव तुम ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना। कलयुग में सिद्ध हो देव तुम ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना।

तेरी भक्ति का क्या कहना, तेरी शक्ति का क्या कहना। तेरी भक्ति का क्या कहना, तेरी शक्ति का क्या कहना। कलयुग में सिद्ध हो देव तुम ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना। कलयुग में सिद्ध हो देव तुम ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना॥

सीता की खोज करी तुमने, तुम सात समंदर पार गए। सीता की खोज करी तुमने, तुम सात समंदर पार गए। लंका को, लंका को किया श्मशान प्रभु, बलवान तुम्हारा क्या कहना। लंका को किया श्मशान प्रभु, बलवान तुम्हारा क्या कहना। तेरी भक्ति का क्या कहना, तेरी शक्ति का क्या कहना। कलयुग में सिद्ध हो देव तुम ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना॥

जब लक्ष्मण जी को शक्ति लगी, तुम धौलागिरी पर्वत लाए। जब लक्ष्मण जी को शक्ति लगी, तुम धौलागिरी पर्वत लाए। लक्ष्मण के, लक्ष्मण के बचाए आ करके सब प्राण तुम्हारा क्या कहना। लक्ष्मण के बचाए आ करके सब प्राण तुम्हारा क्या कहना। तेरी भक्ति का क्या कहना, तेरी शक्ति का क्या कहना। कलयुग में सिद्ध हो देव तुम ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना॥

तुम भक्त शिरोमणि हो जग में, तुम वीर शिरोमणि हो जग में। तुम भक्त शिरोमणि हो जग में, तुम वीर शिरोमणि हो जग में। तेरे रोम-रोम में, तेरे रोम-रोम में बसते हैं सियाराम, तुम्हारा क्या कहना। तेरे रोम-रोम में बसते हैं सियाराम, तुम्हारा क्या कहना। तेरी भक्ति का क्या कहना, तेरी शक्ति का क्या कहना। कलयुग में सिद्ध हो देव तुम ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना॥ कलयुग में सिद्ध हो देव तुम ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना॥

कलयुग में सिद्ध हो देव तुम ही, हनुमान तुम्हारा क्या कहना (लक्खा भजन) लिरिक्स Video
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अर्थ (Bhavarth)

यह भजन श्री हनुमान जी की अपार महिमा और कलयुग में उनके साक्षात् एवं जाग्रत (सिद्ध) स्वरूप का गुणगान करता है: 1. कलयुग के जाग्रत देव: भक्त कहते हैं कि हे हनुमान जी! इस कलियुग में आप ही एकमात्र ऐसे सिद्ध और जाग्रत देवता हैं जो अपने भक्तों की पुकार तुरंत सुनते हैं। आपकी भक्ति और आपकी प्रचंड शक्ति का कोई सानी नहीं है (तुम्हारा क्या कहना)। 2. सीता की खोज और संजीवनी लाना: भजन में हनुमान जी के दो सबसे बड़े पराक्रमों का वर्णन है। पहला, जब उन्होंने माता सीता की खोज में सौ योजन का विशाल समुद्र लांघ लिया और रावण की सोने की लंका को जलाकर श्मशान (राख) कर दिया। दूसरा, जब मेघनाद के प्रहार से लक्ष्मण जी मूर्छित हुए, तो वे रातों-रात पूरा धौलागिरी (संजीवनी) पर्वत उठा लाए और लक्ष्मण जी के प्राण बचा लिए। 3. भक्त और वीर शिरोमणि: श्री हनुमान जी पूरे संसार में 'वीर शिरोमणि' (वीरों में सबसे महान) और 'भक्त शिरोमणि' (भक्तों में सबसे श्रेष्ठ) हैं। उनकी महानता इसी बात में है कि इतनी शक्ति होने के बावजूद वे केवल श्री राम के दास हैं और उनके शरीर के रोम-रोम में केवल 'सियाराम' का ही वास है।

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Frequently Asked Questions

हनुमान जी को "कलयुग में सिद्ध देव" क्यों कहा जाता है?

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्री राम ने हनुमान जी को पृथ्वी पर अमर रहने (चिरंजीवी होने) का वरदान दिया था। इसलिए माना जाता है कि कलयुग में हनुमान जी साक्षात् पृथ्वी पर निवास करते हैं और अपने भक्तों की पुकार सुनकर सबसे जल्दी कृपा करने वाले 'सिद्ध और जाग्रत' देवता हैं।

"कलयुग में सिद्ध हो देव तुम ही" भजन के मूल गायक कौन हैं?

हनुमान जी की शक्ति और भक्ति का गुणगान करने वाले इस अत्यंत ऊर्जावान और लोकप्रिय भजन को सुप्रसिद्ध भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा (Lakhbir Singh Lakkha) ने गाया है।

भजन में प्रयुक्त "तुम धौलागिरी पर्वत लाए" पंक्ति का क्या महत्व है?

रामायण के युद्ध में जब लक्ष्मण जी को शक्ति बाण लगा था, तब हनुमान जी हिमालय की ओर गए थे। संजीवनी बूटी की पहचान न होने के कारण वे पूरा का पूरा 'धौलागिरी पर्वत' (द्रोणागिरि) ही उखाड़ लाए थे और लक्ष्मण जी के प्राण बचाए थे। यह हनुमान जी के असीम बल का प्रतीक है।

Categories: Mangalvaar Bhajan, Hanuman Ji, Hanuman Janmotsav Special, Ramayan Prasang

Deity: Shri Hanuman

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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