Press ESC to close

Mata RaniNavratri SpecialMata Ke Bhajan

तेरी माया अगम अपार (दर खोल सवाली द्वार खड़े) माता भजन लिरिक्स - सुरभि चतुर्वेदी

Teri Maya Agam Apaar Dar Khol Sawali Dwar Khade Lyrics Lyrics

Location: जयपुर, राजस्थान
🌐 8+ Languages📄 Free PDF✨ Bhavarth

तर्ज (Tune): श्री गोवर्धन महाराज तेरे माथे मुकुट (Shri Goverdhan Maharaj)

HINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARI

तेरी माया अगम अपार (दर खोल सवाली द्वार खड़े) माता भजन लिरिक्स - सुरभि चतुर्वेदी

TERI MAYA AGAM APAAR DAR KHOL SAWALI MATA BHAJAN

॥ दोहा ॥ लाली मेरी माई की, जित देखूं तित लाल, लाली देखन मैं गयी, तो मैं भी हो गयी लाल। ॥ स्थायी ॥ तेरी माया अगम अपार, अपार, दर खोल सवाली द्वार खड़े। सब जग को खेल खिलाती हो, पल में भव पार लगाती हो, माँ करुणा का भण्डार, भण्डार, दर खोल सवाली द्वार खड़े। (जयकारे) प्रेम से बोलो, जय माता दी। सारे बोलो, जय माता दी। जोर से बोलो, जय माता दी। मैं नहीं सुनेया, जय माता दी। मेरी माँ नहीं सुनेया, जय माता दी। तू उमा रमा तू है काली, तू ही रण चंडी मतवाली, तेरी देव करें जयकार, जयकार, दर खोल सवाली द्वार खड़े। जिसने ध्याया उसने पाया, जिसने जाना, उसने गाया, माँ जग की पालनहार, पालनहार, दर खोल सवाली द्वार खड़े। ॥ शेर/दोहा ॥ कौन कहता है कि दीदार नहीं होता, आदमी खुद ही तलबगार नहीं होता, एक बार प्रेम से पुकारो मेरे ठाकुर (मैया) को, फिर देखना कैसे वो साकार नहीं होता। तेरी माया अगम अपार, अपार, दर खोल सवाली द्वार खड़े।

Downloaded from

HINDI BHAJAN

॥ दोहा ॥ लाली मेरी माई की, जित देखूं तित लाल, लाली देखन मैं गयी, तो मैं भी हो गयी लाल।

॥ स्थायी ॥ तेरी माया अगम अपार, अपार, दर खोल सवाली द्वार खड़े।

सब जग को खेल खिलाती हो, पल में भव पार लगाती हो, माँ करुणा का भण्डार, भण्डार, दर खोल सवाली द्वार खड़े।

(जयकारे) प्रेम से बोलो, जय माता दी। सारे बोलो, जय माता दी। जोर से बोलो, जय माता दी। मैं नहीं सुनेया, जय माता दी। मेरी माँ नहीं सुनेया, जय माता दी।

तू उमा रमा तू है काली, तू ही रण चंडी मतवाली, तेरी देव करें जयकार, जयकार, दर खोल सवाली द्वार खड़े।

जिसने ध्याया उसने पाया, जिसने जाना, उसने गाया, माँ जग की पालनहार, पालनहार, दर खोल सवाली द्वार खड़े।

॥ शेर/दोहा ॥ कौन कहता है कि दीदार नहीं होता, आदमी खुद ही तलबगार नहीं होता, एक बार प्रेम से पुकारो मेरे ठाकुर (मैया) को, फिर देखना कैसे वो साकार नहीं होता।

तेरी माया अगम अपार, अपार, दर खोल सवाली द्वार खड़े।

तेरी माया अगम अपार (दर खोल सवाली द्वार खड़े) माता भजन लिरिक्स - सुरभि चतुर्वेदी Video

अर्थ (Bhavarth)

यह माता रानी की स्तुति का एक अत्यंत ऊर्जावान भजन है जिसकी शुरुआत कबीर दास जी के एक प्रसिद्ध दोहे ("लाली मेरी माई की...") से होती है। इसका अर्थ है कि जो भक्त माता की भक्ति के प्रेम रंग में डूब जाता है, वह स्वयं भी उसी रंग (लाल) का हो जाता है। भजन में सवाली (भक्त) मैया के द्वार पर खड़े होकर विनती कर रहे हैं कि हे माँ! आपकी माया अगम और अपार है, कृपया अपने दर्शन के द्वार खोलिए। आप ही उमा, रमा, काली और रण में दुष्टों का नाश करने वाली मतवाली चंडी हैं। भजन के अंत में एक बहुत ही सुंदर शेर है जो कहता है कि यदि हृदय में सच्ची तड़प (तलबगार) और प्रेम हो, तो ईश्वर के साक्षात दर्शन (दीदार) अवश्य होते हैं।

Read the most authentic and complete Teri Maya Agam Apaar Dar Khol Sawali Dwar Khade Lyrics (तेरी माया अगम अपार (दर खोल सवाली द्वार खड़े) माता भजन लिरिक्स - सुरभि चतुर्वेदी) lyrics. Popularized by Surbhi Chaturvedi, this divine navratri special dedicated to Mata Rani is presented in pristine Devanagari and English (Romanized) scripts. Using our advanced transliteration tool, you can instantly convert these lyrics into 8+ Indian languages including Gujarati, Bengali, Kannada, and Telugu. Scroll up to read the complete Bhavarth (meaning) to deeply understand the spiritual essence of this composition. You can also use the free PDF download feature to save these lyrics for your daily offline Puja, Aarti, and Satsang.

यहाँ आप तेरी माया अगम अपार (दर खोल सवाली द्वार खड़े) माता भजन लिरिक्स - सुरभि चतुर्वेदी के संपूर्ण और शुद्ध पाठ का आनंद ले सकते हैं। हमारी वेबसाइट पर आप इस नवरात्रि स्पेशल को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बंगाली और अन्य 6 भारतीय भाषाओं में पढ़ सकते हैं।इस रचना के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए आप ऊपर इसका 'भावार्थ' (अर्थ) भी पढ़ सकते हैं। दैनिक पूजा और सत्संग के लिए आप इसका PDF (पीडीएफ) मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions

Q1: सुरभि चतुर्वेदी द्वारा गाया गया 'तेरी माया अगम अपार' भजन किस तर्ज पर आधारित है?

A1: माता रानी का यह बेहद सुरीला भजन प्रसिद्ध लोकगीत "श्री गोवर्धन महाराज तेरे माथे मुकुट विराजमान" की तर्ज पर गाया गया है, जिससे इसे गाना बहुत आसान हो जाता है।

Q2: सबसे बेहतरीन 'Mata Rani Ke Bhajan Lyrics' और 'Navratri Bhajan lyrics' कहाँ से प्राप्त करें?

A2: नवरात्रि और माता के जागरण के लिए 'तेरी माया अगम अपार' और अन्य सभी सुपरहिट दुर्गा माँ भजनों के लिरिक्स आप हमारी वेबसाइट 'हिंदी भजन मंजरी' से पढ़ सकते हैं।

Q3: क्या इस 'Devi maa bhajan lyrics' को PDF में डाउनलोड किया जा सकता है?

A3: जी हाँ, कई भक्त 'Durga maa Bhajan Lyrics In Hindi pdf' सर्च करते हैं। आप चाहें तो अपने ब्राउज़र के Print विकल्प का उपयोग करके इस पेज को बहुत ही आसानी से PDF के रूप में सेव कर सकते हैं।

Categories: Navratri Special, Mata Ke Bhajan

Deity: Mata Rani

Community Comments (0)

Be the first to share your devotion here.

Mohit Tarkar
Verified Publisher
प्रमाणित प्रकाशक | Verified Publisher

मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

धार्मिक सटीकता और भाषाई शुद्धता के लिए प्रमाणित। प्रामाणिक सनातन धर्म साहित्य के संरक्षण के लिए समर्पित।

Fact-checked for religious accuracy and linguistic purity. Dedicated to preserving authentic Sanatan Dharma literature.