तेरा भवन सजा जिन फूलों से (माता भजन) लिरिक्स - लखबीर सिंह लक्खा
Tera Bhawan Saja Jin Phoolon Se Lyrics - Lakhbir Singh Lakkha Lyrics
तर्ज (Tune): ओरिजिनल लक्खा भेंट (Original Lakkha Bhent)
॥ मुखड़ा ॥ तेरा भवन सजा जिन फूलों से, उन फूलों की महिमा खास है माँ। बड़ा गर्व है उनको किस्मत पर, तेरा हुआ जो उनमें निवास है माँ॥
॥ अंतरा 1 ॥ उन फूलों को देवता नमन करें, तेरी माला बनी जिन फूलों की। तू झूलती जिनमें माला पहन, क्या शान है माँ उन झूलों की। कभी वैसी दया हम पर होगी, तेरे भक्तों को पूरी आस है माँ॥ तेरा भवन सजा जिन फूलों से...
॥ अंतरा 2 ॥ कुछ फूल जो सच्ची निष्ठा के, तेरी पावन पिंडियों पे हैं चढ़े। तेरी महक में उनकी महक घुली, ये भाग्यवान हैं सबसे बड़े। हर भाग्य की रेखा बदलने की, दिव्य शक्ति तुम्हारे पास है माँ॥ तेरा भवन सजा जिन फूलों से...
॥ अंतरा 3 ॥ नित गगन की छत से सतरंगे, तेरे मंदिरों पे फूल हैं बरसें माँ। उन फूलों को माथे लगाने को, तेरे नाम के दीवाने तरसें माँ। “लख्खा” पे रहेगी तेरी दया, “निर्दोष” को ये विश्वास है माँ॥ तेरा भवन सजा जिन फूलों से...

अर्थ (Bhavarth)
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Frequently Asked Questions
Q1: 'तेरा भवन सजा जिन फूलों से' भजन के गायक और गीतकार कौन हैं?
A1: माता रानी के इस अत्यंत लोकप्रिय और भावपूर्ण भजन को जागरण सम्राट श्री लखबीर सिंह लक्खा (Lakhbir Singh Lakkha) जी ने गाया है। इसके बोल प्रसिद्ध गीतकार 'निर्दोष' (Nirdosh) जी द्वारा लिखे गए हैं।
Q2: क्या मैं 'Tera Bhawan Saja Jin Phoolon Se Lyrics' का PDF अपनी भाषा में डाउनलोड कर सकता हूँ?
A2: जी हाँ! आप इसी पेज पर, भजन के लिरिक्स के ठीक ऊपर दिए गए 'Download PDF' और 'Translate' बटन का उपयोग करके इसे अपनी मनपसंद भाषा (जैसे English, गुजराती, बंगाली आदि) में बिलकुल मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं।
Q3: इस भजन का मुख्य भाव क्या है?
A3: इस भजन का भाव बहुत ही अनूठा है। इसमें भक्त माता रानी के दरबार की भव्यता के साथ-साथ उन 'फूलों' की किस्मत की सराहना कर रहा है, जिन्हें माता के पावन भवन, उनकी माला और पिण्डियों को सजाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
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Categories: Navratri Special, Mata Ke Bhajan
Deity: Mata Rani
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मोहित तरकरMohit Tarkar
संस्थापक एवं मुख्य संपादक • Founder & Chief Editor
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