Shri Khatu Shyam JiPhalgun Bhajan

मोरछड़ी लहराई रे, रसिया ओ सांवरा (कन्हैया मित्तल) खाटू श्याम भजन लिरिक्स

Morchhadi Lehrayi Re Rasiya O Sanwara Lyrics (Kanhiya Mittal) Lyrics

तर्ज (Tune): पंख होते तो उड़ आती रे (Pankh Hote To Ud Aati Re)

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मोरछड़ी लहराई रे, रसिया ओ सांवरा (कन्हैया मित्तल) खाटू श्याम भजन लिरिक्स

MORCHHADI LEHRAYI RE RASIYA O SANWARA LYRICS KANHIYA MITTAL

मोरछड़ी लहराई रे, रसिया ओ सांवरा, तेरी बहुत बड़ी सकलाई रे… मोरछड़ी का जादू निराला, इसको थामे है खाटू वाला, लीले चढ़के दौड़ा ये आए, सारे संकट पल में मिटाए, रसिया ओ सांवरा, तेरी बहुत बड़ी सकलाई रे, मोरछड़ी… श्याम बहादुर दर्शन को आए, ताले मंदिर के बंद पाए, मोरछड़ी से तालों को खोला, शीश झुका कर बाबा से बोला, रसिया ओ सांवरा, तेरी बहुत बड़ी सकलाई रे, मोरछड़ी… मोरछड़ी की महिमा है भारी, श्याम धणी को लागे ये प्यारी, हर्ष कहे रोतों को हंसाए, हाथों में जब तेरे लहराए, रसिया ओ सांवरा, तेरी बहुत बड़ी सकलाई रे, मोरछड़ी…

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मोरछड़ी लहराई रे, रसिया ओ सांवरा, तेरी बहुत बड़ी सकलाई रे…

मोरछड़ी का जादू निराला, इसको थामे है खाटू वाला, लीले चढ़के दौड़ा ये आए, सारे संकट पल में मिटाए, रसिया ओ सांवरा, तेरी बहुत बड़ी सकलाई रे, मोरछड़ी…

श्याम बहादुर दर्शन को आए, ताले मंदिर के बंद पाए, मोरछड़ी से तालों को खोला, शीश झुका कर बाबा से बोला, रसिया ओ सांवरा, तेरी बहुत बड़ी सकलाई रे, मोरछड़ी…

मोरछड़ी की महिमा है भारी, श्याम धणी को लागे ये प्यारी, हर्ष कहे रोतों को हंसाए, हाथों में जब तेरे लहराए, रसिया ओ सांवरा, तेरी बहुत बड़ी सकलाई रे, मोरछड़ी…

मोरछड़ी लहराई रे, रसिया ओ सांवरा (कन्हैया मित्तल) खाटू श्याम भजन लिरिक्स Video

अर्थ (Bhavarth)

प्रसिद्ध भजन गायक कन्हैया मित्तल (Kanhaiya Mittal) जी की ऊर्जावान आवाज़ में गाया गया यह खाटू श्याम भजन, बाबा की 'मोरछड़ी' (मोरपंख की झाड़ू) के चमत्कारों और उनकी अपार महिमा का बहुत ही सुंदर वर्णन करता है। पुरानी बॉलीवुड फिल्म के सदाबहार गीत "पंख होते तो उड़ आती रे" की तर्ज पर बने होने के कारण यह भजन श्रोताओं के होठों पर तुरंत चढ़ जाता है। यह भजन बाबा श्याम की कृपा और उनकी 'मोरछड़ी' के चमत्कारों का एक जीवंत गुणगान है। इस भजन के भावार्थ को तीन मुख्य ऐतिहासिक और आध्यात्मिक प्रसंगों में समझा जा सकता है: 1. मोरछड़ी का चमत्कार और बाबा की शक्ति: भक्त बड़े ही लाड़ से बाबा श्याम को 'रसिया' कहकर पुकारते हुए कहता है कि "हे सांवरे! तेरी सकलाई (चतुराई/सामर्थ्य) बहुत बड़ी है।" बाबा की इस मोरछड़ी का जादू पूरी दुनिया में निराला है। जब कोई भक्त सच्चे मन से पुकारता है, तो खाटू वाले बाबा अपने नीले घोड़े (लीले) पर सवार होकर दौड़े चले आते हैं। वे बस एक बार अपनी मोरछड़ी लहराते हैं और भक्तों के जीवन के सारे संकट और बीमारियाँ पल भर में मिट जाती हैं। 2. महान भक्त 'श्याम बहादुर जी' का प्रसंग (A True Devotional Legend): भजन के दूसरे अंतरे में खाटू श्याम जी के एक बहुत ही परम और सिद्ध भक्त 'श्री श्याम बहादुर जी' (आलू सिंह जी के समकालीन) का ज़िक्र किया गया है। एक बार जब वे खाटू धाम मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि मंदिर के पट (ताले) बंद हो चुके हैं। कहते हैं कि उनकी सच्ची भक्ति और पुकार से बाबा की मोरछड़ी का ऐसा चमत्कार हुआ कि बंद मंदिर के ताले अपने आप खुल गए। तब उन्होंने शीश झुकाकर बाबा से कहा था कि सच में तुम्हारी चतुराई और महिमा अपरंपार है। 3. रोतों को हंसाने वाली मोरछड़ी: अंतिम पंक्तियों में भजन के रचयिता (हर्ष जी) कहते हैं कि इस मोरछड़ी की महिमा बहुत भारी (विशाल) है और यह श्याम धणी (मालिक) को अत्यंत प्रिय है। जब भी यह चमत्कारी मोरछड़ी बाबा के हाथों में लहराती है, तो यह रोते हुए चेहरों पर भी मुस्कान ला देती है और हारने वालों को जीत दिला देती है।

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Frequently Asked Questions

Q1: 'मोरछड़ी लहराई रे' भजन के गायक कौन हैं और यह किस तर्ज पर है?

A1: यह अत्यंत लोकप्रिय और ऊर्जावान श्याम भजन प्रसिद्ध गायक कन्हैया मित्तल (Kanhaiya Mittal) जी द्वारा गाया गया है। इसकी धुन 1963 की फिल्म 'सेहरा' के मशहूर गीत "पंख होते तो उड़ आती रे" की तर्ज पर आधारित है।

Q2: भजन में 'श्याम बहादुर' जी का क्या प्रसंग बताया गया है?

A2: श्री श्याम बहादुर जी खाटू श्याम जी के एक बहुत ही परम भक्त थे। प्रसंग के अनुसार, जब वे एक बार दर्शन के लिए पहुंचे तो मंदिर के ताले बंद थे। उनकी सच्ची पुकार और बाबा के चमत्कार से वे ताले अपने आप खुल गए थे। भजन का दूसरा अंतरा इसी चमत्कार को दर्शाता है।

Q3: "तेरी बहुत बड़ी सकलाई रे" में 'सकलाई' का क्या अर्थ है?

A3: राजस्थानी और ब्रज भाषा में 'सकलाई' का अर्थ 'चतुराई', 'सामर्थ्य' या 'कला' (Skill/Capability) होता है। भक्त कह रहा है कि बाबा, तुम्हारे काम करने का तरीका और तुम्हारी लीला बहुत ही अद्भुत और शक्तिशाली है।

Categories: Phalgun Bhajan

Deity: Shri Khatu Shyam Ji

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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