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मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है (नवरात्रि भजन) लिरिक्स

Maiya Nau Raton Mein Jab Dharti Pe Aati Hai Lyrics Lyrics

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मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है (नवरात्रि भजन) लिरिक्स

MAIYA NAU RATON MEIN JAB DHARTI PE AATI HAI LYRICS

मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है, मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है। मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है— किसको क्या देना है, सब सोच के आती है। मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है। पहले नवरात्रि में माँ सबकी ख़बर लेती, पहले नवरात्रि में माँ सबकी ख़बर लेती। दूजी नवरात्रि में अपने खाते में लिख लेती, दूजी नवरात्रि में अपने खाते में लिख लेती। तीज नवरात्रि से बात आगे बढ़ाती है— मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है। चौथे नवरात्रि में माँ आसन लगाती है, चौथे नवरात्रि में माँ आसन लगाती है। पाँचवें नवरात्रि में माँ आ गई बताती है, पाँचवें नवरात्रि में माँ आ गई बताती है। छठ नवरात्रि में माँ दर्शन कराती है— मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है। सातवें नवरात्रि में खोल देती ख़ज़ाने हैं, सातवें नवरात्रि में खोल देती ख़ज़ाने हैं। आठवें नवरात्रि में लग जाती लुटाने हैं, आठवें नवरात्रि में लग जाती लुटाने हैं। नवें नवरात्रि में दोनों हाथों से लुटाती है— मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है। मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है, किसको क्या देना है सब सोच के आती है। मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है, मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है।

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मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है, मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है। मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है— किसको क्या देना है, सब सोच के आती है। मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है।

पहले नवरात्रि में माँ सबकी ख़बर लेती, पहले नवरात्रि में माँ सबकी ख़बर लेती। दूजी नवरात्रि में अपने खाते में लिख लेती, दूजी नवरात्रि में अपने खाते में लिख लेती। तीज नवरात्रि से बात आगे बढ़ाती है— मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है।

चौथे नवरात्रि में माँ आसन लगाती है, चौथे नवरात्रि में माँ आसन लगाती है। पाँचवें नवरात्रि में माँ आ गई बताती है, पाँचवें नवरात्रि में माँ आ गई बताती है। छठ नवरात्रि में माँ दर्शन कराती है— मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है।

सातवें नवरात्रि में खोल देती ख़ज़ाने हैं, सातवें नवरात्रि में खोल देती ख़ज़ाने हैं। आठवें नवरात्रि में लग जाती लुटाने हैं, आठवें नवरात्रि में लग जाती लुटाने हैं। नवें नवरात्रि में दोनों हाथों से लुटाती है— मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है।

मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है, किसको क्या देना है सब सोच के आती है। मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है, मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है।

मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है (नवरात्रि भजन) लिरिक्स Video

अर्थ (Bhavarth)

(विस्तृत भावार्थ): यह भजन नवरात्रि के नौ दिनों (नवदुर्गा के नौ स्वरूपों) की एक बहुत ही प्यारी और क्रमबद्ध संगीतमय कथा है। इसे तीन मुख्य चरणों में समझें: 1. पहले से तीसरे नवरात्रे तक (भक्तों की सुध लेना): भजन की शुरुआत में बताया गया है कि जब माता इन नौ रातों के लिए धरती पर आती हैं, तो वे पहले से ही यह सोच कर आती हैं कि किस भक्त को क्या वरदान देना है। पहले नवरात्रे (शैलपुत्री) के दिन माता हर घर में जाकर अपने भक्तों की सुध (ख़बर) लेती हैं। दूसरे नवरात्रे (ब्रह्मचारिणी) के दिन वह भक्तों की श्रद्धा और उनके कर्मों का पूरा हिसाब अपने 'खाते' (बहीखाते/रिकॉर्ड) में लिख लेती हैं। और तीसरे नवरात्रे (चंद्रघंटा) से वह भक्तों पर अपनी कृपा करने की बात आगे बढ़ाती हैं। 2. चौथे से छठे नवरात्रे तक (आसन और दर्शन): चौथे नवरात्रे (कूष्मांडा) को माता अपना भव्य आसन लगाती हैं। पाँचवें नवरात्रे (स्कंदमाता) के दिन माता अपने चमत्कारों से पूरे संसार को यह बता देती हैं कि "मैं आ गई हूँ।" और छठे नवरात्रे (कात्यायनी) के दिन माता अपने भक्तों को अपने अत्यंत मनमोहक स्वरूप के दर्शन कराती हैं। 3. सातवें से नौवें नवरात्रे तक (खजाने लुटाना): सातवें नवरात्रे (कालरात्रि) के दिन माता अपने सुख, शांति और समृद्धि के सारे खज़ाने खोल देती हैं। आठवें नवरात्रे (महागौरी) के दिन माता अपनी असीम कृपा भक्तों पर लुटाना शुरू कर देती हैं। अंततः, नौवें नवरात्रे (सिद्धिदात्री) के पावन अवसर पर माता रानी अपने दोनों हाथों से भक्तों की खाली झोलियों में अपना प्यार और आशीर्वाद जी-भर कर लुटाती हैं।

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Frequently Asked Questions

Q1: "मैैय्या नौ रातों में जब धरती पे आती है" भजन किस पर्व पर गाया जाता है?

A1: यह अत्यंत उल्लासपूर्ण 'devi maa ka bhajan' मुख्य रूप से नवरात्रि (Navratri) और दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर माता के जागरण और कीर्तन में गाया जाता है।

Q2: भजन के अनुसार माता रानी नौवें नवरात्रे पर क्या करती हैं?

A2: भजन की पंक्तियों ("नवें नवरात्रि में दोनों हाथों से लुटाती है") के अनुसार, नौवें नवरात्रे (सिद्धिदात्री पूजा) के दिन माता रानी अपने दोनों हाथों से भक्तों पर असीम कृपा, सुख और आशीर्वाद लुटाती हैं।

Q3: "दूजी नवरात्रि में अपने खाते में लिख लेती" का क्या तात्पर्य है?

A3: इसका तात्पर्य यह है कि दूसरे नवरात्रे के दिन माता रानी अपने सभी भक्तों की श्रद्धा, उनके भाव और उनके अच्छे कर्मों का पूरा हिसाब अपने 'खाते' (बहीखाते या रिकॉर्ड) में दर्ज कर लेती हैं, ताकि उसी के अनुसार उन्हें फल दे सकें।

Categories: Mata Ke Bhajan, Navratri Special

Deity: Mata Rani

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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