मालिक है जो जहान का जिसका है खेल सारा
Maalik Hai Jo Jahaan Ka Jisaka Hai Khel Saara Lyrics
Singer: श्री राजन जी महाराज।
HINDI BHAJAN
मालिक है जो जहान का, जिसका है खेल सारा, उसका हो गर सहारा, उसका हो गर सहारा, मझधार में किनारा।। मर्जी से जिसके चलते, ये चांद सूर्य तारे, हिलता नहीं है पत्ता, हिलता नहीं है पत्ता, पाए बिना इशारे, मालिक है जो जहां का, जिसका है खेल सारा।। मर्जी में उसके गर तू, अपनी मिला दे मर्जी, तुझको बनाएंगे ये, तुझको बनाएंगे ये, आंखों का अपनी तारा, मालिक है जो जहां का, जिसका है खेल सारा।। मुख फेर क्यों खड़े हो, आ सामने तो देखो, है खड़े पसार बाहें, है खड़े पसार बाहें, इंतजार है तुम्हारा, मालिक है जो जहां का, जिसका है खेल सारा।। बस सामने आना है, नहीं कहने की जरूरत, जो हाले दिल है तेरा, जो हाले दिल है तेरा, वो जानते है सारा, मालिक है जो जहां का, जिसका है खेल सारा।। पर्दानशी वे खुद है, पर चाहते ना पर्दा, पर्दा अगर हटा दो, पर्दा अगर हटा दो, फिर देख लो नजारा, मालिक है जो जहां का, जिसका है खेल सारा।। तकदीर का रोना भी, ‘प्रताप’ क्या है रोना, तकदीर बना करती, तकदीर बना करती, बस पा के एक इशारा, मालिक है जो जहां का, जिसका है खेल सारा।। मालिक है जो जहान का, जिसका है खेल सारा, उसका हो गर सहारा, उसका हो गर सहारा, मझधार में किनारा।।