कभी फुर्सत हो तो जगदंबे, निर्धन के घर भी आ जाना (माता भेंट) लिरिक्स
Kabhi Fursat Ho To Jagdambe Nirdhan Ke Ghar Bhi Aa Jana Lyrics Lyrics
तर्ज (Tune): बाबुल की दुआएं लेती जा
कभी फुर्सत हो तो जगदंबे, निर्धन के घर भी आ जाना, जो रूखा सूखा दिया हमें, कभी उसका भोग लगा जाना, कभी फुर्सत हो तो जगदंबे, निर्धन के घर भी आ जाना।।
ना छत्र बना सका सोने का, ना चुनरी घर मेरे तारों जड़ी, ना पेड़े बर्फी मेवा है माँ, बस श्रद्धा है नैन बिछाए खड़ी, इस श्रद्धा की रख लो लाज हे माँ, इस अर्जी को ना ठुकरा जाना, जो रूखा सूखा दिया हमें, कभी उसका भोग लगा जाना, कभी फुर्सत हो तो जगदंबे, निर्धन के घर भी आ जाना।।
जिस घर के दीये में तेल नहीं, वहाँ ज्योत जलाऊँ मैं कैसे, मेरा खुद ही बिछौना धरती पर, तेरी चौकी सजाऊँ मैं कैसे, जहाँ मैं बैठा वहीं बैठ के माँ, बच्चों का दिल बहला जाना, जो रूखा सूखा दिया हमें, कभी उसका भोग लगा जाना, कभी फुर्सत हो तो जगदंबे, निर्धन के घर भी आ जाना।।
तू भाग्य बनाने वाली है, माँ मैं तकदीर का मारा हूँ, हे दाती संभालो भिखारी को, आखिर तेरी आँख का तारा हूँ, मैं दोषी तू निर्दोष है माँ, मेरे दोषों को तू भुला जाना, जो रूखा सूखा दिया हमें, कभी उसका भोग लगा जाना, कभी फुर्सत हो तो जगदंबे, निर्धन के घर भी आ जाना।।

अर्थ (Bhavarth)
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Frequently Asked Questions
Q1: 'कभी फुर्सत हो तो जगदंबे' भजन का मुख्य संदेश क्या है?
A1: यह अत्यंत भावपूर्ण भेंट हमें सिखाती है कि ईश्वर को महंगे चढ़ावे, सोने के छत्र या छप्पन भोग की आवश्यकता नहीं होती। भगवान केवल भक्त की सच्ची भावना और 'श्रद्धा' के भूखे होते हैं।
Q2: भजन में "मेरा खुद ही बिछौना धरती पर, तेरी चौकी सजाऊँ मैं कैसे" का क्या भाव है?
A2: यह पंक्ति भक्त की घोर गरीबी को दर्शाती है। भक्त कह रहा है कि उसके पास खुद सोने के लिए बिस्तर नहीं है, वह नंगी ज़मीन पर सोता है, ऐसे में वह अपनी माता रानी को बिठाने के लिए सुंदर दरबार (चौकी) कैसे सजा सकता है; इसलिए वह माँ से उसी ज़मीन पर अपने साथ बैठने की विनती करता है।
Q3: क्या मैं इस 'भावपूर्ण माता भेंट' का PDF डाउनलोड कर सकता हूँ?
A3: जी हाँ! आप इसी पेज पर, लिरिक्स के ठीक ऊपर दिए गए 'Download PDF' और 'Translate' बटन पर क्लिक करके इस रुला देने वाली भेंट को अपनी मनपसंद भाषा में बिलकुल मुफ्त में सेव कर सकते हैं।
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Categories: Mata Ke Bhajan, Navratri Special
Deity: Mata Rani
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