है मेरे गीत तेरे लिए राधा (राधा-कृष्ण भजन) लिरिक्स - स्वस्ति मेहुल
Hai Mere Geet Tere Liye Radha Lyrics - Swasti Mehul
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अर्थ (Bhavarth)
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Frequently Asked Questions
"है मेरे गीत तेरे लिए राधा" भजन का मुख्य भाव क्या है?
इस अत्यंत कर्णप्रिय भजन का मुख्य भाव 'पूर्ण समर्पण' और 'माधुर्य भक्ति' है। इसमें भक्त अपने गीत, शब्द, लय, भावना और अपने संपूर्ण जीवन को श्री राधा रानी के श्री चरणों में पूरी तरह से समर्पित कर देता है।
भजन में "स्वस्ति बने वो दर्पण जिसको, देख-देख शृंगार करे राधा" का क्या अर्थ है?
'स्वस्ति' इस भजन की गायिका (स्वस्ति मेहुल) का नाम है। यहाँ वे अपनी परम इच्छा प्रकट करते हुए कहती हैं कि हे प्रभु! मुझे वह 'दर्पण' (शीशा) बना दो, जिसे निहार कर मेरी श्यामा जू (राधा रानी) रोज़ अपना सुंदर शृंगार करें, ताकि मुझे निरंतर उनके मुखमंडल के दर्शन होते रहें।
"बंधूं चरणों में बन घुंघरू, मेरी झनकार अब तुझसे" पंक्ति का क्या तात्पर्य है?
इस पंक्ति में भक्त अपनी पहचान को मिटाकर प्रभु की सेवा में लगने की बात कर रहा है। वह कहता है कि मैं श्री राधा रानी के श्री चरणों में एक 'घुंघरू' बनकर बंध जाना चाहता हूँ, ताकि मेरे जीवन से निकलने वाली हर ध्वनि और हर 'झनकार' केवल उन्हीं के रास-नृत्य और उनकी सेवा का हिस्सा बन जाए।
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Categories: Braj Ras, Shri Radha Rani, Pad
Deity: Shri Radha Rani
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मोहित तरकरMohit Tarkar
संस्थापक एवं मुख्य संपादक • Founder & Chief Editor
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