Shri Krishna
भये प्रगट गोपाला दीनदयाला यशोमति के हितकारी
Bhaye Pragat Gopaala Deenadayaala Yashomati Ke Hitakaaree Lyrics
Singer: Jitender Dubey
HINDI BHAJAN
भये प्रगट गोपाला दीनदयाला, यशोमति के हितकारी, हर्षित महतारी रूप निहारी, मोहन मदन मुरारी।।१।। कंसासुर जाना अति भय माना, पुतना बेगि पठाई, सो मन मुसुकाई हर्षित धाई, गई जहाँ जदुराई।।२।। तेहि जाई उठाई हृदय लगाई, पयोधर मुख में दीन्हे, तब कृष्ण कन्हाई मन मुसकाई, प्राण तासु हरी लीन्हे।।३।। जब इन्द्र रिसाये मेघ पठाये, बस ताहि मुरारी, गौवन हितकारी मुनि मनहारी, नख पर गिरिवर धारी।।४।। कंसासुर मारो अति हंकारो, वत्सासुर संहारो, बकरासुर आयो बहुत डरायो, ताकर बदन बिडारो।।५।। तेहि अतिथि न जानी प्रभु चक्रपाणी, ताहि दियो निज शोका, ब्रम्हा शिव आये अति सुख पाए, मगन भये गये लोका।।६।। यह छंद अनूपा है रस रूपा, जो नर याको गावे, तेहि सम नहि कोई त्रिभुवन माही, मनवांछित फल पावे।।७।। भये प्रगट गोपाला दीनदयाला, यशोमति के हितकारी, हर्षित महतारी रूप निहारी, मोहन मदन मुरारी।।१।। दोहा – नन्द यशोदा तप कियो, मोहन सो मन लाय, तासो हरि तिन्ह सुख दियो, बाल भाव दिखलाय।। जेहि नक्षत्र मोहन भये, सो नक्षत्र बड़िआय, चार बधाई रीति सो, करत यशोदा माय।।

Deity: Shri Krishna