Press ESC to close

Holi RasiyaBraj RasTejveer Singh

भाभी वर्ष दिना को मेलो (देवर-भाभी होली रसिया) लिरिक्स - तेजवीर सिंह

Bhabhi Varsh Dina Ko Melo Holi Rasiya Lyrics - Tejveer Singh Lyrics

Location: Sonkh, Magorra (Mathura)

तर्ज (Tune): भाई भाई को नहीं भावे (Bhai bhai ko nahi bhave)

HINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARI

भाभी वर्ष दिना को मेलो (देवर-भाभी होली रसिया) लिरिक्स - तेजवीर सिंह

BHABHI VARSH DINA KO MELO HOLI RASIYA TEJVEER SINGH

भाभी वर्ष दिना को मेलो, तुम मेरे संग होली खेलो, थोड़ी प्यार से, मैं तो पिचकारी लायो हूँ बाज़ार से। फाल्गुन को चल रह्यो है महीना, दुनिया होली खेले, भैया के संग होली खेली, मेरो ऊ नंबर लेले, भाभी कहा बिगड़ेगो तेरो, तोपे रंग डरे जब मेरो, बड़े ही प्यार से, मैं तो पिचकारी लायो हूँ बाज़ार से। ना देवर तोपे रंग डरवाऊँ, सुन ले बात तू मेरी, अपने पीहर बात चलाय के, शादी कराऊँ तेरी, देवर क्वारो नाय छोडूंगी, दुनिया भर में बहू ढूँढूँगी, चाहे मिले बिहार से, मैं तो पिचकारी लायो हूँ बाज़ार से।

Downloaded from

HINDI BHAJAN

भाभी वर्ष दिना को मेलो, तुम मेरे संग होली खेलो, थोड़ी प्यार से, मैं तो पिचकारी लायो हूँ बाज़ार से।

फाल्गुन को चल रह्यो है महीना, दुनिया होली खेले, भैया के संग होली खेली, मेरो ऊ नंबर लेले, भाभी कहा बिगड़ेगो तेरो, तोपे रंग डरे जब मेरो, बड़े ही प्यार से, मैं तो पिचकारी लायो हूँ बाज़ार से।

ना देवर तोपे रंग डरवाऊँ, सुन ले बात तू मेरी, अपने पीहर बात चलाय के, शादी कराऊँ तेरी, देवर क्वारो नाय छोडूंगी, दुनिया भर में बहू ढूँढूँगी, चाहे मिले बिहार से, मैं तो पिचकारी लायो हूँ बाज़ार से।

Loading Instagram Post...

अर्थ (Bhavarth)

ब्रज की होली में देवर-भाभी की मस्ती का अपना एक अलग ही आनंद है। इस चुलबुले रसिया में देवर अपनी भाभी से हठ कर रहा है कि यह साल भर में एक बार आने वाला त्यौहार (वर्ष दिना को मेला) है, इसलिए उसे भी प्यार से होली खेलने दे। वह बाज़ार से नई पिचकारी खरीद कर लाया है। देवर शिकायत करता है कि भाभी ने बड़े भैया के साथ तो होली खेल ली, अब उसका भी नंबर आना चाहिए। इसके जवाब में भाभी मज़ाक करते हुए रंग डलवाने से मना कर देती है और कहती है कि वह अपने पीहर (मायके) में बात चलाकर उसकी शादी करवाएगी। भाभी कहती है कि वह अपने देवर को कुंवारा नहीं छोड़ेगी, चाहे उसे दुनिया भर में या 'बिहार' से ही क्यों न बहू ढूंढ कर लानी पड़े!

Frequently Asked Questions

Q1: 'भाभी वर्ष दिना को मेलो' होली रसिया के गायक कौन हैं?

A1: ब्रज की ठेठ मस्ती और देवर-भाभी की नोंक-झोंक से भरे इस रसिया को प्रसिद्ध लोकगायक तेजवीर सिंह (Tejveer Singh) जी ने अपनी सुरीली आवाज़ में गाया है।

Q2: देवर अपनी भाभी से होली खेलने की ज़िद क्यों कर रहा है?

A2: देवर अपनी भाभी से कहता है कि फाल्गुन का महीना है, पूरी दुनिया होली खेल रही है और उसने भैया के साथ भी होली खेल ली है, इसलिए अब उसका भी नंबर आना चाहिए। वह बाज़ार से नई पिचकारी भी लाया है।

Q3: देवर के रंग डालने की बात पर भाभी उसे क्या मज़ेदार जवाब देती है?

A3: भाभी मज़ाक में रंग डलवाने से मना करती है और कहती है कि वह देवर को कुंवारा नहीं छोड़ेगी। वह अपने पीहर (मायके) बात चलाकर उसकी शादी करवाएगी, चाहे उसके लिए दुनिया भर में या 'बिहार' से ही बहू क्यों न लानी पड़े।

Categories: Holi Rasiya, Braj Ras, Tejveer Singh

Community Comments (0)

Be the first to share your devotion here.

Mohit Tarkar
Verified Publisher

Mohit Tarkar

Founder & Chief Editor

Fact-checked for religious accuracy and linguistic purity. Dedicated to preserving authentic Sanatan Dharma literature.

View Editorial Policy & Full Profile →