भाभी वर्ष दिना को मेलो (देवर-भाभी होली रसिया) लिरिक्स - तेजवीर सिंह
Bhabhi Varsh Dina Ko Melo Holi Rasiya Lyrics - Tejveer Singh Lyrics
तर्ज (Tune): भाई भाई को नहीं भावे (Bhai bhai ko nahi bhave)
भाभी वर्ष दिना को मेलो, तुम मेरे संग होली खेलो, थोड़ी प्यार से, मैं तो पिचकारी लायो हूँ बाज़ार से।
फाल्गुन को चल रह्यो है महीना, दुनिया होली खेले, भैया के संग होली खेली, मेरो ऊ नंबर लेले, भाभी कहा बिगड़ेगो तेरो, तोपे रंग डरे जब मेरो, बड़े ही प्यार से, मैं तो पिचकारी लायो हूँ बाज़ार से।
ना देवर तोपे रंग डरवाऊँ, सुन ले बात तू मेरी, अपने पीहर बात चलाय के, शादी कराऊँ तेरी, देवर क्वारो नाय छोडूंगी, दुनिया भर में बहू ढूँढूँगी, चाहे मिले बिहार से, मैं तो पिचकारी लायो हूँ बाज़ार से।
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अर्थ (Bhavarth)
Frequently Asked Questions
Q1: 'भाभी वर्ष दिना को मेलो' होली रसिया के गायक कौन हैं?
A1: ब्रज की ठेठ मस्ती और देवर-भाभी की नोंक-झोंक से भरे इस रसिया को प्रसिद्ध लोकगायक तेजवीर सिंह (Tejveer Singh) जी ने अपनी सुरीली आवाज़ में गाया है।
Q2: देवर अपनी भाभी से होली खेलने की ज़िद क्यों कर रहा है?
A2: देवर अपनी भाभी से कहता है कि फाल्गुन का महीना है, पूरी दुनिया होली खेल रही है और उसने भैया के साथ भी होली खेल ली है, इसलिए अब उसका भी नंबर आना चाहिए। वह बाज़ार से नई पिचकारी भी लाया है।
Q3: देवर के रंग डालने की बात पर भाभी उसे क्या मज़ेदार जवाब देती है?
A3: भाभी मज़ाक में रंग डलवाने से मना करती है और कहती है कि वह देवर को कुंवारा नहीं छोड़ेगी। वह अपने पीहर (मायके) बात चलाकर उसकी शादी करवाएगी, चाहे उसके लिए दुनिया भर में या 'बिहार' से ही बहू क्यों न लानी पड़े।
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Categories: Holi Rasiya, Braj Ras, Tejveer Singh
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Mohit Tarkar
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