Shiv JiShiv Ji

आत्मा ने परमात्मा को लिया देख (शिवोहम शिवोहम) शिव भजन लिरिक्स

Aatma Ne Parmatma Ko Liya Dekh (Shivoham Shivoham) Lyrics

Sponsored
HINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARI

आत्मा ने परमात्मा को लिया देख (शिवोहम शिवोहम) शिव भजन लिरिक्स

AATMA NE PARMATMA KO LIYA DEKH SHIVOHAM SHIVOHAM LYRICS

आत्मा ने परमात्मा को लिया देख ध्यान की दृष्टि से। प्रकाश हुआ हृदय-हृदय, बेड़ा पार हुआ इस सृष्टि से। है एक ओंकार निरंजन निरंकार, है अजर अमर आकार विश्वधार मन भजे। शिवोहम शिवोहम शिवोहम.. शिवोहम शिवोहम शिवोहम.. भूख में तपसी तप रहा, भोजन बीच पठाय। विलाप में साधु हंस रहा, अपना ही उपजा खाय। शेष अशेष विशेष में समर्पण के भाव में। शिवोहम शिवोहम शिवोहम.. शिवोहम शिवोहम शिवोहम.. ठहर शांत एकांत में, साधके मूलाधार। सर्जन स्वाधिष्ठान से, सूर्य मणि चमकार। विशुद्धि आज्ञा सहस्रार तक गूंजे अनाहत। शिवोहम शिवोहम शिवोहम.. शिवोहम शिवोहम शिवोहम.. खाली को तो भर दिया, भरे में भरा न जाए। पानी में प्यासा रहा, तट पे बैठ लखाय। प्रश्न व्यसन में उलझ-उलझ हां व्यर्थ गया जन्म। शिवोहम शिवोहम शिवोहम.. शिवोहम शिवोहम शिवोहम..

Downloaded from

Sanatan Dictionary: Tap on any difficult word in the lyrics to instantly know its spiritual meaning! ✨

Hindi Bhajan Manjari
आत्मा ने परमात्मा को
लिया देख ध्यान की दृष्टि से।
प्रकाश हुआ हृदय-हृदय,
बेड़ा पार हुआ इस सृष्टि से।
है एक ओंकार निरंजन निरंकार,
है अजर अमर आकार विश्वधार मन भजे।
शिवोहम शिवोहम शिवोहम..
शिवोहम शिवोहम शिवोहम..
भूख में तपसी तप रहा,
भोजन बीच पठाय।
विलाप में साधु हंस रहा,
अपना ही उपजा खाय।
शेष अशेष विशेष में समर्पण के भाव में।
शिवोहम शिवोहम शिवोहम..
शिवोहम शिवोहम शिवोहम..
ठहर शांत एकांत में,
साधके मूलाधार।
सर्जन स्वाधिष्ठान से,
सूर्य मणि चमकार।
विशुद्धि आज्ञा सहस्रार तक गूंजे अनाहत।
शिवोहम शिवोहम शिवोहम..
शिवोहम शिवोहम शिवोहम..
खाली को तो भर दिया,
भरे में भरा जाए।
पानी में प्यासा रहा,
तट पे बैठ लखाय।
प्रश्न व्यसन में उलझ-उलझ हां व्यर्थ गया जन्म।
शिवोहम शिवोहम शिवोहम..
शिवोहम शिवोहम शिवोहम..
आत्मा ने परमात्मा को लिया देख (शिवोहम शिवोहम) शिव भजन लिरिक्स Video
Sponsored

अर्थ (Bhavarth)

यह भजन योग शास्त्र, कुंडलिनी जागरण और अद्वैत दर्शन का एक अत्यंत गहरा और रहस्यमयी गान है: 1. ध्यान की दृष्टि और निरंकार: जब आत्मा ध्यान की गहरी अवस्था में परमात्मा का दर्शन कर लेती है, तो उसके हृदय में दिव्य प्रकाश फैल जाता है और इस जन्म-मरण की सृष्टि से उसका बेड़ा पार हो जाता है। वह परमेश्वर एक ओंकार, निरंजन (दोष रहित) और निरंकार (आकार रहित) है। उस अजर-अमर शक्ति को भजने से मनुष्य को 'शिवोहम' (मैं ही शिव हूँ) की अनुभूति होती है। 2. वैराग्य और समर्पण का भाव: एक सच्चा तपस्वी भूख-प्यास के बीच भी अपनी तपस्या में लीन रहता है। जहाँ संसारी लोग रोते-कलपते (विलाप करते) हैं, वहाँ एक साधु अपने भीतर के ज्ञान (अपना ही उपजा) का आनंद लेकर हँसता है। वह हर विशेष या सामान्य परिस्थिति में संपूर्ण समर्पण के भाव में रहता है। 3. कुंडलिनी चक्रों का जागरण: इस पद में योग के सातों चक्रों का वर्णन है। शांत और एकांत में बैठकर जब योगी अपने 'मूलाधार' चक्र को साधता है, तो ऊर्जा 'स्वाधिष्ठान' और 'मणिपूर' (सूर्य मणि) चक्रों से होती हुई ऊपर उठती है। वह ऊर्जा 'विशुद्धि' और 'आज्ञा' चक्र को पार कर 'सहस्रार' (मस्तिष्क के सर्वोच्च बिंदु) तक पहुँचती है, जहाँ उसे 'अनाहत' (बिना टकराए उत्पन्न होने वाली ईश्वरीय ध्वनि) सुनाई देती है। 4. अहंकार शून्यता का संदेश: जो घड़ा (मन) खाली होता है, गुरु और ईश्वर उसे ज्ञान से भर देते हैं। लेकिन जो मन पहले से ही अज्ञान और अहंकार से भरा है, उसमें कुछ नहीं भरा जा सकता। मनुष्य उस व्यक्ति की तरह है जो नदी के तट पर बैठे-बैठे भी प्यासा रहता है। वह व्यर्थ के सांसारिक प्रश्नों और बुरी आदतों (व्यसन) में उलझकर अपना पूरा जीवन बर्बाद कर देता है।

Read the most authentic and complete Aatma Ne Parmatma Ko Liya Dekh (Shivoham Shivoham) Lyrics (आत्मा ने परमात्मा को लिया देख (शिवोहम शिवोहम) शिव भजन लिरिक्स) lyrics. This divine shiv ji dedicated to Shiv Ji is presented in pristine Devanagari and English (Romanized) scripts. Using our advanced transliteration tool, you can instantly convert these lyrics into 8+ Indian languages including Gujarati, Bengali, Kannada, and Telugu. Scroll up to read the complete Bhavarth (meaning) to deeply understand the spiritual essence of this composition. You can also use the free PDF download feature to save these lyrics for your daily offline Puja, Aarti, and Satsang.

यहाँ आप आत्मा ने परमात्मा को लिया देख (शिवोहम शिवोहम) शिव भजन लिरिक्स के संपूर्ण और शुद्ध पाठ का आनंद ले सकते हैं। हमारी वेबसाइट पर आप इस शिव जी को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बंगाली और अन्य 6 भारतीय भाषाओं में पढ़ सकते हैं।इस रचना के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए आप ऊपर इसका 'भावार्थ' (अर्थ) भी पढ़ सकते हैं। दैनिक पूजा और सत्संग के लिए आप इसका PDF (पीडीएफ) मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions

'शिवोहम' का क्या अर्थ है?

'शिवोहम' संस्कृत के दो शब्दों 'शिव' और 'अहम्' से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है "मैं ही शिव हूँ" या "मैं परम चेतना हूँ।" यह अद्वैत वेदांत का एक महावाक्य है जो दर्शाता है कि आत्मा और परमात्मा में कोई भेद नहीं है।

भजन में "मूलाधार", "स्वाधिष्ठान" और "सहस्रार" क्या हैं?

ये योग शास्त्र और तंत्र विद्या में वर्णित 'कुंडलिनी के चक्र' हैं। मानव शरीर में ऊर्जा के सात मुख्य केंद्र माने गए हैं। 'मूलाधार' रीढ़ की हड्डी के सबसे निचले हिस्से में होता है और 'सहस्रार' मस्तिष्क के सबसे ऊपरी भाग में। ध्यान के माध्यम से ऊर्जा मूलाधार से उठकर सहस्रार तक पहुँचती है।

"खाली को तो भर दिया, भरे में भरा न जाए" का आध्यात्मिक तात्पर्य क्या है?

इसका आध्यात्मिक तात्पर्य यह है कि जो व्यक्ति अज्ञान, पूर्व-धारणाओं और अहंकार (Ego) से भरा हुआ है, वह ईश्वर का ज्ञान प्राप्त नहीं कर सकता। ईश्वरीय ज्ञान और कृपा को ग्रहण करने के लिए मनुष्य को अपना मन पूरी तरह से 'खाली' (समर्पित और अहंकार-शून्य) करना पड़ता है।

Categories: Shiv Ji

Deity: Shiv Ji

Community Comments (0)

Be the first to share your devotion here.

Mohit Tarkar
Verified Publisher
प्रमाणित प्रकाशक | Verified Publisher

मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

धार्मिक सटीकता और भाषाई शुद्धता के लिए प्रमाणित। प्रामाणिक सनातन धर्म साहित्य के संरक्षण के लिए समर्पित।

Fact-checked for religious accuracy and linguistic purity. Dedicated to preserving authentic Sanatan Dharma literature.