NirgunChetawani Bhajan

तू चिंतन कर ले अभिमानी (चेतावनी भजन) लिरिक्स

Tu Chintan Kar Le Abhimani Lyrics - Chetawani Bhajan

Location: Sonkh, Magorra (Mathura)
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तू चिंतन कर ले अभिमानी (चेतावनी भजन) लिरिक्स

TU CHINTAN KAR LE ABHIMANI LYRICS CHETAWANI BHAJAN

तू चिंतन कर ले अभिमानी, प्रभु-नाम की है ये ज़िंदगानी। दौलत के नशे में चूर रहे, ये माया है आनी-जानी॥ क्षण पैसों की खातिर तूने, अपनों को अपने से दूर किया। जो रहे थे तेरे हर सुख-दुःख में, उनको भी तूने मजबूर किया। तूने छीन लिया औरों का धन, तेरे मन में आ गई बेईमानी॥ इतना भी तूने सोचा न था, संग जाए न एक खोटा पैसा। देगी तुझको दुनिया ताने, तूने काम किया था ही ऐसा। जब अंत समय तेरा आए, न देगा कोई तुझको पानी॥

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Hindi Bhajan Manjari

तू चिंतन कर ले अभिमानी, प्रभु-नाम की है ये ज़िंदगानी। दौलत के नशे में चूर रहे, ये माया है आनी-जानी॥

क्षण पैसों की खातिर तूने, अपनों को अपने से दूर किया। जो रहे थे तेरे हर सुख-दुःख में, उनको भी तूने मजबूर किया। तूने छीन लिया औरों का धन, तेरे मन में आ गई बेईमानी॥

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इतना भी तूने सोचा न था, संग जाए न एक खोटा पैसा। देगी तुझको दुनिया ताने, तूने काम किया था ही ऐसा। जब अंत समय तेरा आए, न देगा कोई तुझको पानी॥

अर्थ (Bhavarth)

यह एक अत्यंत मार्मिक 'चेतावनी भजन' है, जो मनुष्य को उसके अहंकार और भौतिक मोह-माया की नींद से जगाने का प्रयास करता है: 1. माया का नशा और प्रभु का नाम: भजन के आरंभ में ही अहंकारी मनुष्य (अभिमानी) को यह सोचने (चिंतन करने) को कहा गया है कि यह जीवन केवल प्रभु का नाम जपने के लिए मिला है। लेकिन इंसान दौलत के नशे में अंधा हो गया है, जबकि यह धन-दौलत (माया) तो आनी-जानी है, यह कभी किसी की सगी नहीं होती। 2. धन के लालच में अपनों से दूरी: कवि कहता है कि कुछ चंद पैसों और बेईमानी के लालच में इंसान ने अपने ही करीबियों और सगे-संबंधियों को खुद से दूर कर दिया। जिन लोगों ने हर सुख-दुख में उसका साथ दिया, उसने उनके ही हक का धन छीनकर उन्हें मजबूर कर दिया और अपने मन को बेईमान बना लिया। 3. मृत्यु का अटल सत्य और खाली हाथ: यह इस भजन का सबसे कड़वा लेकिन सच्चा भाग है। अहंकारी मनुष्य ने यह कभी नहीं सोचा कि मृत्यु के बाद उसके साथ उसकी तिजोरी का एक 'खोटा पैसा' भी नहीं जाएगा। उसने जीवन भर ऐसे बुरे कर्म किए हैं कि दुनिया सिर्फ ताने देगी, और जब उसका अंतिम समय (मृत्यु की घड़ी) करीब आएगा, तो शायद उसे कोई एक घूंट पानी पिलाने वाला भी नहीं बचेगा।

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Frequently Asked Questions

'चेतावनी भजन' (Chetawani Bhajan) का क्या अर्थ होता है?

हिंदू आध्यात्मिक संगीत में 'चेतावनी भजन' उन भजनों को कहा जाता है जो मनुष्य को सांसारिक मोह-माया, धन के लालच और अहंकार से दूर रहने की 'चेतावनी' (Warning) देते हैं। ये भजन जीवन की नश्वरता और मृत्यु के अटल सत्य को याद दिलाते हैं।

"तू चिंतन कर ले अभिमानी" भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इस भजन का मुख्य संदेश यह है कि धन, दौलत और यह शरीर सब कुछ नश्वर (मिट जाने वाला) है। इंसान को कुछ चंद पैसों के लिए बेईमानी नहीं करनी चाहिए और अपनों को दूर नहीं करना चाहिए, क्योंकि मृत्यु के समय इंसान के साथ एक 'खोटा पैसा' भी नहीं जाता, केवल उसके कर्म ही साथ जाते हैं।

भजन में "ये माया है आनी-जानी" का क्या तात्पर्य है?

संत और कवि भौतिक धन, दौलत और संपत्ति को 'माया' कहते हैं। 'आनी-जानी' का तात्पर्य यह है कि धन का स्वभाव चंचल होता है; जो धन आज किसी एक के पास है, कल वह किसी और के पास होगा। इसलिए इस पर अहंकार करना मूर्खता है।

Categories: Chetawani Bhajan

Deity: Nirgun

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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