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कर्पूरगौरं करुणावतारं (शिव श्लोक) अर्थ और शब्दार्थ सहित

Karpur Gauram Karunavtaram Lyrics (Word-by-Word Meaning & PDF) Lyrics

तर्ज (Tune): पारंपरिक शिव स्तुति / आरती मंत्र (Traditional Aarti Mantra)

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कर्पूरगौरं करुणावतारं (शिव श्लोक) अर्थ और शब्दार्थ सहित

KARPUR GAURAM KARUNAVTARAM LYRICS WORD BY WORD MEANING PDF

कर्पूरगौरं करुणावतारं, संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदा वसन्तं हृदयारविन्दे, भवं भवानी सहितं नमामि॥

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कर्पूरगौरं करुणावतारं, संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्। सदा वसन्तं हृदयारविन्दे, भवं भवानी सहितं नमामि॥

कर्पूरगौरं करुणावतारं (शिव श्लोक) अर्थ और शब्दार्थ सहित Video

अर्थ (Bhavarth)

कर्पूरगौरं (Karpur Gauram): कर्पूर (कपूर) के समान गौर (उज्ज्वल/सफेद) और पवित्र। करुणावतारं (Karunavtaram): करुणा (दया) के साक्षात् अवतार। संसारसारं (Sansar Saram): जो पूरे संसार (ब्रह्मांड) के सार (Essence) या परम सत्य हैं। भुजगेन्द्रहारम् (Bhujagendra Haaram): भुजग (सांपों) के इन्द्र (राजा वासुकि) की हार (माला) पहनने वाले। सदा (Sada): हमेशा, सर्वदा। वसन्तं (Vasantam): निवास करने वाले (Residing)। हृदयारविन्दे (Hridayaravinde): हृदय (Heart) रूपी अरविन्द (कमल के फूल) में। भवं (Bhavam): भगवान शिव को (भव शिव का ही एक नाम है)। भवानी सहितं (Bhavani Sahitam): माता भवानी (पार्वती) के साथ। नमामि (Namami): मैं नमन करता हूँ या प्रणाम करता हूँ (I bow)। संपूर्ण भावार्थ: जो कर्पूर के समान परम शुद्ध और उज्ज्वल हैं, जो करुणा (दया) के साक्षात् अवतार हैं, जो इस पूरे ब्रह्मांड के एकमात्र सार (सत्य) हैं, और जो नागराज (सांपों के राजा) को हार के रूप में धारण करते हैं। जो मेरे हृदय रूपी कमल में सदैव निवास करते हैं, उन भगवान शिव को माता भवानी (पार्वती) सहित मैं बारंबार नमन (प्रणाम) करता हूँ।

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यहाँ आप कर्पूरगौरं करुणावतारं (शिव श्लोक) अर्थ और शब्दार्थ सहित के संपूर्ण और शुद्ध पाठ का आनंद ले सकते हैं। हमारी वेबसाइट पर आप इस स्तोत्र को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बंगाली और अन्य 6 भारतीय भाषाओं में पढ़ सकते हैं।इस रचना के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए आप ऊपर इसका 'भावार्थ' (अर्थ) भी पढ़ सकते हैं। दैनिक पूजा और सत्संग के लिए आप इसका PDF (पीडीएफ) मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions

Q1: 'कर्पूरगौरं करुणावतारं' श्लोक के एक-एक शब्द का क्या अर्थ है (Word-by-Word Meaning)?

A1: 'कर्पूरगौरं' का अर्थ है कपूर के समान उज्ज्वल, 'करुणावतारं' यानी करुणा के अवतार, 'संसारसारं' अर्थात् सृष्टि के सार, 'भुजगेन्द्रहारम्' यानी नागराज की माला पहनने वाले, 'सदा वसन्तं हृदयारविन्दे' का अर्थ है जो हमेशा हृदय रूपी कमल में बसते हैं, ऐसे शिव और माता पार्वती ('भवं भवानी सहितं') को मैं प्रणाम ('नमामि') करता हूँ।

Q2: भगवान शिव के इस श्लोक (Karpur Gauram) का पाठ कब किया जाता है?

A2: यह अत्यंत पवित्र श्लोक भगवान शिव की स्तुति है। हिंदू धर्म में किसी भी पूजा, अनुष्ठान या देवी-देवता की आरती के पूर्ण होने के ठीक बाद इस श्लोक का पाठ किया जाता है।

Q3: क्या मैं 'Karpur Gauram Karunavtaram PDF' अपनी क्षेत्रीय भाषा में डाउनलोड कर सकता हूँ?

A3: जी हाँ! आप इसी पेज पर श्लोक के ठीक ऊपर दिए गए 'Download PDF' और 'Translate' बटन पर क्लिक करके इसे अपनी मनपसंद भाषा (जैसे English, गुजराती, मराठी आदि) में बिलकुल मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं।

Categories: Stotram, Aarti

Deity: Shiv Ji

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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