Shiv Ji

हर रात्रि शिवरात्रि है (शिव भजन) लिरिक्स - हंसराज रघुवंशी

Har Ratri Shivratri Hai Lyrics - Hansraj Raghuvanshi Lyrics

Location: बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश

तर्ज (Tune): ओरिजिनल मेलोडी (Original Hansraj Raghuvanshi Composition)

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हर रात्रि शिवरात्रि है (शिव भजन) लिरिक्स - हंसराज रघुवंशी

HAR RATRI SHIVRATRI HAI LYRICS HANSRAJ RAGHUVANSHI

तीन लोक के मालिक शिव हैं, इस दुनिया के चालक शिव हैं। तीन लोक के मालिक शिव हैं, इस दुनिया के चालक शिव हैं। शिव हैं रास्ता, शिव हैं मंज़िल, हम तो मामूली यात्री हैं। हर दिन शिव का दिन है बंदे, हर रात्रि शिवरात्रि है। हर दिन शिव का दिन है बंदे, हर रात्रि शिवरात्रि है। हर दिन शिव का दिन है बंदे, हर रात्रि शिवरात्रि है। बारिश की टिप-टिप में शंकर, पत्तों की खड़खड़ में शंकर। देश-विदेश, शहर-गाँव में, बसते हैं घर-घर में शंकर। देश-विदेश, शहर-गाँव में, बसते हैं घर-घर में शंकर। तू ही तो मेरी पहली उम्मीद है, तू ही सहारा आख़िरी है। हर दिन शिव का दिन है बंदे, हर रात्रि शिवरात्रि है। हर दिन शिव का दिन है बंदे, हर रात्रि शिवरात्रि है। तन में शंकर, मन में शंकर, मेले में शंकर, वन में शंकर। तन में शंकर, मन में शंकर, मेले में शंकर, वन में शंकर। देखने वाली आँख जहाँ जाए, दिखते हैं कण-कण में शंकर। देखने वाली आँख जहाँ जाए, दिखते हैं कण-कण में शंकर। जीवन-मरण के दाता शंकर, साँसें हैं सबकी चलाता शंकर। रविराज से, हंसराज से, खुद ही भजन बनवाता शंकर। रविराज से, हंसराज से, खुद ही भजन बनवाता शंकर। राजा बनाकर रखा है शिव ने, करते हम उसकी चाकरी हैं। हर दिन शिव का दिन है बंदे, हर रात्रि शिवरात्रि है। हर दिन शिव का दिन है बंदे, हर रात्रि शिवरात्रि है। हर दिन शिव का दिन है बंदे हो, हर रात्रि शिवरात्रि है।

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तीन लोक के मालिक शिव हैं, इस दुनिया के चालक शिव हैं। तीन लोक के मालिक शिव हैं, इस दुनिया के चालक शिव हैं। शिव हैं रास्ता, शिव हैं मंज़िल, हम तो मामूली यात्री हैं।

हर दिन शिव का दिन है बंदे, हर रात्रि शिवरात्रि है। हर दिन शिव का दिन है बंदे, हर रात्रि शिवरात्रि है। हर दिन शिव का दिन है बंदे, हर रात्रि शिवरात्रि है।

बारिश की टिप-टिप में शंकर, पत्तों की खड़खड़ में शंकर। देश-विदेश, शहर-गाँव में, बसते हैं घर-घर में शंकर। देश-विदेश, शहर-गाँव में, बसते हैं घर-घर में शंकर। तू ही तो मेरी पहली उम्मीद है, तू ही सहारा आख़िरी है।

हर दिन शिव का दिन है बंदे, हर रात्रि शिवरात्रि है। हर दिन शिव का दिन है बंदे, हर रात्रि शिवरात्रि है।

तन में शंकर, मन में शंकर, मेले में शंकर, वन में शंकर। तन में शंकर, मन में शंकर, मेले में शंकर, वन में शंकर। देखने वाली आँख जहाँ जाए, दिखते हैं कण-कण में शंकर। देखने वाली आँख जहाँ जाए, दिखते हैं कण-कण में शंकर।

जीवन-मरण के दाता शंकर, साँसें हैं सबकी चलाता शंकर। रविराज से, हंसराज से, खुद ही भजन बनवाता शंकर। रविराज से, हंसराज से, खुद ही भजन बनवाता शंकर। राजा बनाकर रखा है शिव ने, करते हम उसकी चाकरी हैं।

हर दिन शिव का दिन है बंदे, हर रात्रि शिवरात्रि है। हर दिन शिव का दिन है बंदे, हर रात्रि शिवरात्रि है। हर दिन शिव का दिन है बंदे हो, हर रात्रि शिवरात्रि है।

हर रात्रि शिवरात्रि है (शिव भजन) लिरिक्स - हंसराज रघुवंशी Video

अर्थ (Bhavarth)

हंसराज रघुवंशी जी द्वारा गाए गए इस भजन में भगवान शिव की सर्वव्यापकता (Omnipresence) और महिमा का बखान किया गया है। भक्त कहता है कि शिव ही तीनों लोकों के स्वामी हैं और वही इस सृष्टि को चलाने वाले हैं। शिव ही हमारा रास्ता हैं और शिव ही हमारी मंज़िल, हम इंसान तो बस मामूली यात्री हैं। एक सच्चे भक्त के लिए महादेव की आराधना का कोई एक दिन नहीं होता; उसके लिए हर दिन शिव का दिन है और हर रात 'शिवरात्रि' के समान पवित्र है। बारिश की बूंदों से लेकर पत्तों की खड़खड़ाहट तक, और वन से लेकर मन तक, सृष्टि के कण-कण में शिव का वास है। भजन के अंत में गायक और लेखक (हंसराज और रविराज) कहते हैं कि यह शिव की ही कृपा है जो वे हमसे अपने भजन लिखवा और गवा रहे हैं; उन्होंने हमें राजाओं की तरह रखा है, जबकि हम तो केवल उनके सेवक (चाकर) हैं।

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यहाँ आप हर रात्रि शिवरात्रि है (शिव भजन) लिरिक्स - हंसराज रघुवंशी के संपूर्ण और शुद्ध पाठ का आनंद ले सकते हैं। हमारी वेबसाइट पर आप इस भजन को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बंगाली और अन्य 6 भारतीय भाषाओं में पढ़ सकते हैं।इस रचना के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए आप ऊपर इसका 'भावार्थ' (अर्थ) भी पढ़ सकते हैं। दैनिक पूजा और सत्संग के लिए आप इसका PDF (पीडीएफ) मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions

Q1: 'हर रात्रि शिवरात्रि है' (Har Ratri Shivratri Hai) भजन किसने गाया है?

A1: भगवान शिव को समर्पित इस बेहद ऊर्जावान और लोकप्रिय भजन को सुप्रसिद्ध शिव भक्त और गायक हंसराज रघुवंशी (Hansraj Raghuvanshi) जी ने गाया है। इस गीत के बोल रविराज (Raviraj) जी ने लिखे हैं।

Q2: क्या मैं 'Har ratri shivratri hai lyrics PDF' अपनी भाषा में डाउनलोड कर सकता हूँ?

A2: जी हाँ! आप इसी पेज पर, भजन के लिरिक्स के ठीक ऊपर दिए गए 'Download PDF' और 'Translate' बटन का उपयोग करके इस भजन को English, गुजराती, मराठी आदि भाषाओं में बिलकुल मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं।

Q3: "हर दिन शिव का दिन है बंदे, हर रात्रि शिवरात्रि है" का क्या अर्थ है?

A3: इसका गहरा आध्यात्मिक अर्थ यह है कि सच्ची भक्ति किसी विशेष दिन या त्यौहार की मोहताज नहीं होती। जो व्यक्ति सच्चे मन से शिव को भजता है, उसके लिए साल का हर एक दिन महादेव का दिन होता है और हर रात शिवरात्रि के समान पवित्र और मंगलकारी होती है।

Deity: Shiv Ji

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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