करो-करो जी, कन्या पूजन करो-करो जी (लखबीर सिंह लक्खा) भजन लिरिक्स
Karo Karo Ji Kanya Pujan Lyrics – Lakhbir Singh Lakkha Lyrics
करो-करो जी, कन्या पूजन करो-करो जी, करो-करो जी, कन्या पूजन करो-करो जी। सुख-सम्पत्ति, ऐश्वर्य दान दे, विजय-रूप यश-फल महान दे, मन से ध्यान धरो जी। करो-करो जी, कन्या पूजन करो-करो जी॥
आठ तरह की कन्याओं का पूजन महा सुखकारी है, जिनकी आयु इस तरह है— पहली कन्या तीन बरस की, जिसकी महिमा भारी है। श्रद्धा-भाव से इन्हें बुलाकर आसन पर बैठाओ, मोक्ष, अर्थ और काम इन्हीं की दया-दृष्टि से पाओ। करो-करो जी...
दूजी कन्या ‘कल्याणी’ के नाम से जानी जाती है, चार बरस की प्यारी-प्यारी, विद्या-विजय दिलाती है। पाँच बरस की कन्या सुन्दर, इसके चरण धुलाओ, रोग नष्ट हो जाएँगे, सब जीवन भर सुख पाओ। करो-करो जी...
जिसकी आयु छः वर्ष की, वो कन्या तो न्यारी है, साक्षात काली का रूप है, शत्रु पे जो भारी है। सात बरस की कन्या पावन, जिसके घर में आई, लख्खा उसके घर में लक्ष्मी स्वयं है चलकर आई। करो-करो जी...
आठ बरस की जो है कन्या, भक्तों के मन भाती है, जिस घर जाती उस घर के आँगन में सुख बरसाती है। नव-दुर्गा का रूप वो कन्या, आयु नौ वर्ष वाली, होती सिद्ध साधना उसकी, जिसने लगन लगा ली। करो-करो जी...
जिस कन्या की उम्र दस बरस, दुःख भक्तों के टाले, नहीं भटकने दे जीवन में, हर पल यही संभाले। इनका पूजन करके जो भी भोजन इन्हें कराए, कहता लख्खा, सुनो बेधड़क—सुख-सम्पत्ति वो पाए। करो-करो जी...

अर्थ (Bhavarth)
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Frequently Asked Questions
Q1: "करो-करो जी, कन्या पूजन" भजन में 6 वर्ष और 9 वर्ष की कन्या को किसका रूप बताया गया है?
A1: लखबीर सिंह लक्खा जी के इस भजन (और शास्त्रों) के अनुसार, 6 वर्ष की कन्या साक्षात माता 'काली' (कालिका) का रूप होती है जो शत्रुओं पर भारी पड़ती है, और 9 वर्ष की कन्या साक्षात 'नव-दुर्गा' का रूप होती है जिनकी पूजा से सभी साधनाएँ सिद्ध होती हैं।
Q2: कन्या पूजन में किस आयु वर्ग की कन्याओं की पूजा का विधान इस भजन में बताया गया है?
A2: इस भजन में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि 3 वर्ष से लेकर 10 वर्ष तक की आयु वाली 'आठ तरह की कन्याओं' का पूजन महा सुखकारी होता है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार 2 वर्ष से कम आयु की बच्ची की पूजा नहीं की जाती है।
Q3: 10 वर्ष की कन्या के पूजन का क्या फल बताया गया है?
A3: भजन के अनुसार, 10 वर्ष की कन्या (जिसे शास्त्रों में सुभद्रा कहा जाता है) का पूजन करने से वह भक्तों के सारे दुख टाल देती है और जीवन में उन्हें कभी भटकने नहीं देती, बल्कि हर पल संभालती है।
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Categories: Navratri Special, Mata Ke Bhajan
Deity: Mata Rani
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