ॐ जय जगदीश हरे आरती (Om Jai Jagdish Hare) अर्थ और शब्दार्थ सहित
Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics (Word-by-Word Meaning & PDF) Lyrics
तर्ज (Tune): पारंपरिक आरती (Traditional Aarti)
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे, ॐ जय जगदीश हरे॥
जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिनसे मन का। स्वामी दुख बिनसे मन का, सुख सम्पति घर आवे, सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का, ॐ जय जगदीश हरे॥
मात पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी। स्वामी शरण गहूं किसकी, तुम बिन और ना दूजा, तुम बिन और ना दूजा, आस करूँ जिसकी, ॐ जय जगदीश हरे॥
तुम पूरण परमात्मा, तुम अंतरियामी। स्वामी तुम अंतरियामी, पार ब्रह्म परमेश्वर, पार ब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी, ॐ जय जगदीश हरे॥
तुम करुणा के सागर, तुम पालन करता। स्वामी तुम पालन करता, मैं मूरख खलकामी, मैं सेवक तुम स्वामी, कृपा करो भर्ता, ॐ जय जगदीश हरे॥
तुम हो एक अगोचर, सबके प्राण पति। स्वामी सबके प्राण पति, किस विध मिलु दयामय, किस विध मिलु दयामय, तुम को मैं कुमति, ॐ जय जगदीश हरे॥
दीन बन्धु दुःख हर्ता, ठाकुर तुम मेरे। स्वामी रक्षक तुम मेरे, अपने हाथ उठाओ, अपनी शरण लगाओ, द्वार पड़ा तेरे, ॐ जय जगदीश हरे॥
विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा। स्वामी पाप हरो देवा, श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा, ॐ जय जगदीश हरे॥

अर्थ (Bhavarth)
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Frequently Asked Questions
Q1: 'ॐ जय जगदीश हरे' (Om Jai Jagdish Hare) आरती के रचयिता कौन हैं?
A1: हिंदू धर्म की इस सबसे लोकप्रिय आरती की रचना 1870 के दशक में पंजाब के प्रसिद्ध विद्वान पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी (Pt. Shardha Ram Phillauri) जी ने की थी।
Q2: आरती में 'जगदीश हरे' और 'अगोचर' शब्दों का क्या अर्थ है?
A2: 'जगदीश' का अर्थ है जगत के स्वामी (ईश्वर), 'हरे' का अर्थ है दुखों को हरने (नष्ट करने) वाले, और 'अगोचर' का अर्थ है वह परम सत्य जिसे सामान्य भौतिक इंद्रियों (आंखों) से नहीं देखा जा सकता।
Q3: क्या मैं 'Om Jai Jagdish Hare Aarti PDF' अपनी क्षेत्रीय भाषा में डाउनलोड कर सकता हूँ?
A3: जी हाँ! आप इसी पेज पर आरती के ठीक ऊपर दिए गए 'Download PDF' और 'Translate' बटन पर क्लिक करके इसे अपनी मनपसंद भाषा (जैसे English, गुजराती, बंगाली आदि) में बिलकुल मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं।
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Categories: Aarti, Shri hari (vishnu)
Deity: Shri Hari
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मोहित तरकरMohit Tarkar
संस्थापक एवं मुख्य संपादक • Founder & Chief Editor
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