Shri HariAartiShri hari (vishnu)

ॐ जय जगदीश हरे आरती (Om Jai Jagdish Hare) अर्थ और शब्दार्थ सहित

Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics (Word-by-Word Meaning & PDF) Lyrics

तर्ज (Tune): पारंपरिक आरती (Traditional Aarti)

HINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARIHINDI BHAJAN MANJARI

ॐ जय जगदीश हरे आरती (Om Jai Jagdish Hare) अर्थ और शब्दार्थ सहित

OM JAI JAGDISH HARE AARTI LYRICS WORD BY WORD MEANING PDF

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे, ॐ जय जगदीश हरे॥ जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिनसे मन का। स्वामी दुख बिनसे मन का, सुख सम्पति घर आवे, सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का, ॐ जय जगदीश हरे॥ मात पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी। स्वामी शरण गहूं किसकी, तुम बिन और ना दूजा, तुम बिन और ना दूजा, आस करूँ जिसकी, ॐ जय जगदीश हरे॥ तुम पूरण परमात्मा, तुम अंतरियामी। स्वामी तुम अंतरियामी, पार ब्रह्म परमेश्वर, पार ब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी, ॐ जय जगदीश हरे॥ तुम करुणा के सागर, तुम पालन करता। स्वामी तुम पालन करता, मैं मूरख खलकामी, मैं सेवक तुम स्वामी, कृपा करो भर्ता, ॐ जय जगदीश हरे॥ तुम हो एक अगोचर, सबके प्राण पति। स्वामी सबके प्राण पति, किस विध मिलु दयामय, किस विध मिलु दयामय, तुम को मैं कुमति, ॐ जय जगदीश हरे॥ दीन बन्धु दुःख हर्ता, ठाकुर तुम मेरे। स्वामी रक्षक तुम मेरे, अपने हाथ उठाओ, अपनी शरण लगाओ, द्वार पड़ा तेरे, ॐ जय जगदीश हरे॥ विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा। स्वामी पाप हरो देवा, श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा, ॐ जय जगदीश हरे॥

Downloaded from

HINDI BHAJAN

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे, ॐ जय जगदीश हरे॥

जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिनसे मन का। स्वामी दुख बिनसे मन का, सुख सम्पति घर आवे, सुख सम्पति घर आवे, कष्ट मिटे तन का, ॐ जय जगदीश हरे॥

मात पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी। स्वामी शरण गहूं किसकी, तुम बिन और ना दूजा, तुम बिन और ना दूजा, आस करूँ जिसकी, ॐ जय जगदीश हरे॥

तुम पूरण परमात्मा, तुम अंतरियामी। स्वामी तुम अंतरियामी, पार ब्रह्म परमेश्वर, पार ब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी, ॐ जय जगदीश हरे॥

तुम करुणा के सागर, तुम पालन करता। स्वामी तुम पालन करता, मैं मूरख खलकामी, मैं सेवक तुम स्वामी, कृपा करो भर्ता, ॐ जय जगदीश हरे॥

तुम हो एक अगोचर, सबके प्राण पति। स्वामी सबके प्राण पति, किस विध मिलु दयामय, किस विध मिलु दयामय, तुम को मैं कुमति, ॐ जय जगदीश हरे॥

दीन बन्धु दुःख हर्ता, ठाकुर तुम मेरे। स्वामी रक्षक तुम मेरे, अपने हाथ उठाओ, अपनी शरण लगाओ, द्वार पड़ा तेरे, ॐ जय जगदीश हरे॥

विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा। स्वामी पाप हरो देवा, श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, श्रद्धा भक्ति बढ़ाओ, सन्तन की सेवा, ॐ जय जगदीश हरे॥

ॐ जय जगदीश हरे आरती (Om Jai Jagdish Hare) अर्थ और शब्दार्थ सहित Video

अर्थ (Bhavarth)

ॐ (Om): ब्रह्मांड की पवित्र ध्वनि, परमेश्वर। जगदीश (Jagdish): जगत + ईश = पूरे संसार के स्वामी (Lord of the Universe)। हरे (Hare): दुखों और पापों को हरने (नष्ट करने) वाले। क्षण में (Kshan mein): एक पल या क्षण भर में (In a moment)। बिनसे (Binse): नष्ट हो जाना, मिट जाना। गहूं (Gahoon): ग्रहण करूँ या जाऊँ (शरण गहूं = किसकी शरण में जाऊँ)। अंतरियामी (Antaryami): सबके मन की बात जानने वाले। खलकामी (Khalkaami): बुराइयों और वासनाओं से भरा हुआ। भर्ता (Bharta): भरण-पोषण करने वाले (पालनहार)। अगोचर (Agochar): जो सामान्य आंखों और इंद्रियों से दिखाई न दे (Invisible/Beyond senses)। कुमति (Kumati): अज्ञानी, बुरी या मलिन बुद्धि वाला। विषय-विकार (Vishay-Vikar): सांसारिक मोह-माया, बुरी आदतें और वासनाएं। संपूर्ण भावार्थ: हे संपूर्ण जगत के स्वामी भगवान विष्णु (श्री हरि)! आपकी जय हो। आप अपने भक्तों और दासों के जीवन के सभी संकटों को पल भर में दूर कर देते हैं। जो भी सच्चे मन से आपका ध्यान करता है, उसके मन के सारे दुख नष्ट हो जाते हैं और घर में सुख-संपत्ति आती है। हे प्रभु! आप ही मेरे माता-पिता और रक्षक हैं, मैं आपके सिवा किसी और से कोई आस नहीं रखता। मैं अज्ञानी हूँ और आप करुणा के सागर हैं। हे दीनबंधु! मेरे मन से सभी सांसारिक विषय-विकारों (बुराइयों) को मिटा दीजिए और मेरे हृदय में अपने प्रति श्रद्धा और भक्ति को बढ़ा दीजिए।

Read the most authentic and complete Om Jai Jagdish Hare Aarti Lyrics (Word-by-Word Meaning & PDF) (ॐ जय जगदीश हरे आरती (Om Jai Jagdish Hare) अर्थ और शब्दार्थ सहित) lyrics. This divine aarti dedicated to Shri Hari is presented in pristine Devanagari and English (Romanized) scripts. Using our advanced transliteration tool, you can instantly convert these lyrics into 8+ Indian languages including Gujarati, Bengali, Kannada, and Telugu. Scroll up to read the complete Bhavarth (meaning) to deeply understand the spiritual essence of this composition. You can also use the free PDF download feature to save these lyrics for your daily offline Puja, Aarti, and Satsang.

यहाँ आप ॐ जय जगदीश हरे आरती (Om Jai Jagdish Hare) अर्थ और शब्दार्थ सहित के संपूर्ण और शुद्ध पाठ का आनंद ले सकते हैं। हमारी वेबसाइट पर आप इस आरती को हिंदी और अंग्रेजी के साथ-साथ गुजराती, बंगाली और अन्य 6 भारतीय भाषाओं में पढ़ सकते हैं।इस रचना के आध्यात्मिक रहस्य को समझने के लिए आप ऊपर इसका 'भावार्थ' (अर्थ) भी पढ़ सकते हैं। दैनिक पूजा और सत्संग के लिए आप इसका PDF (पीडीएफ) मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions

Q1: 'ॐ जय जगदीश हरे' (Om Jai Jagdish Hare) आरती के रचयिता कौन हैं?

A1: हिंदू धर्म की इस सबसे लोकप्रिय आरती की रचना 1870 के दशक में पंजाब के प्रसिद्ध विद्वान पंडित श्रद्धाराम फिल्लौरी (Pt. Shardha Ram Phillauri) जी ने की थी।

Q2: आरती में 'जगदीश हरे' और 'अगोचर' शब्दों का क्या अर्थ है?

A2: 'जगदीश' का अर्थ है जगत के स्वामी (ईश्वर), 'हरे' का अर्थ है दुखों को हरने (नष्ट करने) वाले, और 'अगोचर' का अर्थ है वह परम सत्य जिसे सामान्य भौतिक इंद्रियों (आंखों) से नहीं देखा जा सकता।

Q3: क्या मैं 'Om Jai Jagdish Hare Aarti PDF' अपनी क्षेत्रीय भाषा में डाउनलोड कर सकता हूँ?

A3: जी हाँ! आप इसी पेज पर आरती के ठीक ऊपर दिए गए 'Download PDF' और 'Translate' बटन पर क्लिक करके इसे अपनी मनपसंद भाषा (जैसे English, गुजराती, बंगाली आदि) में बिलकुल मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं।

Categories: Aarti, Shri hari (vishnu)

Deity: Shri Hari

Community Comments (0)

Be the first to share your devotion here.

Mohit Tarkar
Verified Publisher
प्रमाणित प्रकाशक | Verified Publisher

मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

धार्मिक सटीकता और भाषाई शुद्धता के लिए प्रमाणित। प्रामाणिक सनातन धर्म साहित्य के संरक्षण के लिए समर्पित।

Fact-checked for religious accuracy and linguistic purity. Dedicated to preserving authentic Sanatan Dharma literature.