
About the Artist
दामोदर शर्मा (Damodar Sharma) मथुरा के पास राया गाँव के एक प्रतिष्ठित लोकगायक और संगीतकार हैं। पिछले 40 वर्षों से वे अपने समूह का नेतृत्व कर रहे हैं और ब्रज की विलुप्त होती 'स्वांग' और 'रसिया' जैसी लोक कलाओं को पुनर्जीवित करने में जुटे हैं। शास्त्रीय संगीत के गहरे जानकार दामोदर जी विशेष रूप से राग यमन, खमाज, भैरवी और अहीर भैरव में अपनी प्रस्तुतियाँ देने के शौकीन हैं। उनका संगीत केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि विभिन्न धर्मों और विश्वासों के बीच शांति और सद्भाव का प्रतीक माना जाता है। अपने साथी कलाकारों (ओंकार नाथ, गजाधर पाठक, मोहनश्याम पचौरी आदि) के साथ मिलकर वे ब्रज की लोक धुनों को एक नई पहचान दे रहे हैं। दामोदर शर्मा का मुख्य उद्देश्य आगंतुकों और पर्यटकों को अपनी कला के माध्यम से ब्रज की वास्तविक संस्कृति और लोक भावनाओं का अनुभव कराना है।