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आदि शीतला माता भवानी (अनुराधा पौडवाल) शीतला माता भजन लिरिक्स

Aadi Sheetla Mata Bhawani Lyrics (Anuradha Paudwal) Lyrics

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आदि शीतला माता भवानी (अनुराधा पौडवाल) शीतला माता भजन लिरिक्स

AADI SHEETLA MATA BHAWANI LYRICS ANURADHA PAUDWAL

जय जय मैया ओ तेरी जय जय मैया जय जय मैया ओ तेरी जय जय मैया जय जय मैया ओ तेरी जय जय मैया मैया जय जय मैया ओ मेरी जय जय मैया आदि शीतला माता भवानी मां के दरस को दुनिया दीवानी भक्तों को करती प्यार, मैया रानी सब करते जय जयकार, मैया रानी काशी में है भवन तिहारा मन को मोहे तेरा द्वारा, मन को मोहे तेरा द्वारा महिमा ना इनकी जाए बखानी भक्तों को करती प्यार, मैया रानी सब करते जय जयकार, मैया रानी लाल चुनरिया अति मन भाए, माथे की बिंदिया लाल सुहाए, माथे की बिंदिया लाल सुहाए, है लाल चोली मां की निशानी भक्तों को करती प्यार, मैया रानी सब करते जय जयकार, मैया रानी है सिंदूर लाल रंग वाला सोहे श्वेत गले में माला सोहे श्वेत गले में माला नथिया में नग लाल चूड़ी सुहानी भक्तों को करती प्यार, मैया रानी सब करते जय जयकार, मैया रानी शक्ति अपार चहुँ दिस जैसे छाए गधे पे बैठी मां मुस्काये गधे पे बैठी मां मुस्काये भजते नैन भी महिमा को जानी भक्तों को करती प्यार, मैया रानी सब करते जय जयकार, मैया रानी भक्तों को करती प्यार, मैया रानी सब करते जय जयकार, मैया रानी

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जय जय मैया ओ तेरी जय जय मैया जय जय मैया ओ तेरी जय जय मैया जय जय मैया ओ तेरी जय जय मैया मैया जय जय मैया ओ मेरी जय जय मैया

आदि शीतला माता भवानी मां के दरस को दुनिया दीवानी भक्तों को करती प्यार, मैया रानी सब करते जय जयकार, मैया रानी

काशी में है भवन तिहारा मन को मोहे तेरा द्वारा, मन को मोहे तेरा द्वारा महिमा ना इनकी जाए बखानी भक्तों को करती प्यार, मैया रानी सब करते जय जयकार, मैया रानी

लाल चुनरिया अति मन भाए, माथे की बिंदिया लाल सुहाए, माथे की बिंदिया लाल सुहाए, है लाल चोली मां की निशानी भक्तों को करती प्यार, मैया रानी सब करते जय जयकार, मैया रानी

है सिंदूर लाल रंग वाला सोहे श्वेत गले में माला सोहे श्वेत गले में माला नथिया में नग लाल चूड़ी सुहानी भक्तों को करती प्यार, मैया रानी सब करते जय जयकार, मैया रानी

शक्ति अपार चहुँ दिस जैसे छाए गधे पे बैठी मां मुस्काये गधे पे बैठी मां मुस्काये भजते नैन भी महिमा को जानी भक्तों को करती प्यार, मैया रानी सब करते जय जयकार, मैया रानी भक्तों को करती प्यार, मैया रानी सब करते जय जयकार, मैया रानी

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अर्थ (Bhavarth)

मार्च (चैत्र मास) का महीना आते ही शीतला अष्टमी (बसौड़ा) की तैयारियां शुरू हो जाती हैं। ऐसे पावन समय में, स्वर कोकिला अनुराधा पौडवाल (Anuradha Paudwal) जी की मधुर आवाज़ में गाया गया यह भजन 'आदि शीतला माता भवानी' भक्तों के हृदयों को अत्यंत शीतलता और शांति प्रदान करता है। यह भजन रोगों का नाश करने वाली और शीतलता (शांति) प्रदान करने वाली जगत जननी माता शीतला की एक अत्यंत ही मनमोहक स्तुति है। इस भजन को मुख्य रूप से तीन भावों में समझा जा सकता है: 1. माता की महिमा और काशी का पावन धाम: भजन की शुरुआत माता रानी की जय-जयकार से होती है। भक्त कहता है कि पूरी दुनिया आदि शक्ति शीतला भवानी के दर्शनों के लिए दीवानी है, क्योंकि माता अपने भक्तों से असीम प्रेम करती हैं। माता का एक अत्यंत ही पावन और सिद्ध भवन (मंदिर) मोक्ष की नगरी 'काशी' (वाराणसी) में स्थित है, जिसका द्वार (दरवाज़ा) देखते ही मन मोह लेता है। माता की महिमा इतनी अनंत है कि उसका शब्दों में बखान नहीं किया जा सकता। 2. माता का सुंदर लाल श्रृंगार: भजन के मध्य भाग में माता के 'सौभाग्यवती' (सुहागिन) स्वरूप का बहुत ही सुंदर वर्णन किया गया है। माता ने लाल रंग की चुनरी ओढ़ी है, उनके माथे पर लाल बिंदिया और लाल सिंदूर सुशोभित है। उनकी लाल चोली ही उनकी निशानी है। उनके गले में एक श्वेत (सफेद) मोतियों/पुष्पों की माला है और उनकी नथनी के लाल नग तथा लाल चूड़ियाँ उनके इस मनमोहक स्वरूप को और भी दिव्य बना रही हैं। 3. असीम शक्ति और माता का वाहन: अंतिम अंतरे में माता के पौराणिक और वास्तविक स्वरूप का दर्शन कराया गया है। माता शीतला की अपार शक्ति चारों दिशाओं में छाई हुई है। माता अपने वाहन 'गर्दभ' (गधे) पर सवार होकर मुस्कुरा रही हैं। जो भी भक्त अपनी आँखों (नैन) से माता के इस कृपालु स्वरूप का दर्शन कर लेता है, वह उनकी महिमा को जानकर उनका ही भजन करने लगता है।

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Frequently Asked Questions

Q1: 'आदि शीतला माता भवानी' भजन की मुख्य गायिका कौन हैं?

A1: यह अत्यंत मधुर और शांतिदायक माता भजन प्रसिद्ध बॉलीवुड और भक्ति गायिका अनुराधा पौडवाल (Anuradha Paudwal) जी द्वारा गाया गया है।

Q2: भजन के अनुसार माता शीतला का मुख्य मंदिर कहाँ स्थित है?

A2: भजन की पंक्ति "काशी में है भवन तिहारा" के अनुसार, माता शीतला का एक अत्यंत प्राचीन और चमत्कारी मंदिर मोक्षदायिनी नगरी काशी (वाराणसी) में स्थित है। (यह मंदिर दशाश्वमेध घाट के समीप शीतला घाट पर स्थित है)।

Q3: माता शीतला का वाहन क्या है और वे क्या धारण करती हैं?

A3: धार्मिक मान्यताओं और इस भजन ("गधे पे बैठी मां मुस्काये") के अनुसार, माता शीतला का वाहन 'गर्दभ' (गधा) है। वे लाल श्रृंगार धारण करती हैं, उनके एक हाथ में कलश (शीतल जल) और दूसरे हाथ में झाड़ू (सफाई का प्रतीक) होता है।

Categories: Navratri Special, Mata Ke Bhajan

Deity: Sheetla Mata

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Mohit Tarkar
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मोहित तरकरMohit Tarkar

संस्थापक एवं मुख्य संपादक Founder & Chief Editor

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